जीतकर भी हारी BJP? आदिवासी सीटों पर साफ, नर्मदा में AAP का कब्जा

निकाय चुनावों के नतीजों ने सियासी समीकरण बदल दिए हैं... कई जगह जीत के बावजूद भारतीय जनता पार्टी को झटका लगा...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात स्थानीय निकाय चुनाव 2026 के नतीजे आए हैं.. और इनमें आम आदमी पार्टी ने खासकर आदिवासी इलाकों में अच्छा प्रदर्शन किया है.. पार्टी ने नर्मदा जिला पंचायत पर कब्जा कर लिया है.. और 12 से ज्यादा तालुका पंचायतों में जीत हासिल की है.. पिछले 2021 के स्थानीय चुनाव में AAP को सिर्फ 69 सीटें मिली थीं.. इस बार उसकी सीटें बढ़कर 650 से ज्यादा हो गई हैं.. यानी करीब 10 गुना बढ़ोतरी हुई है.. पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इसे सिर्फ आंकड़ों की बढ़ोतरी नहीं.. बल्कि गुजरात की जनता के विश्वास का विस्तार बताया है.. उन्होंने कहा कि AAP अब ग्रामीण और आदिवासी गुजरात की भी मजबूत आवाज बन रही है.. नर्मदा जिला पंचायत में कुल 22 सीटें हैं.. इनमें AAP ने 15 सीटें जीत लीं, जबकि भाजपा को सिर्फ 7 सीटें मिलीं.. इस जीत से AAP ने जिला पंचायत पर बहुमत हासिल कर लिया..

वहीं सबसे चौंकाने वाला नतीजा देदियापाड़ा क्षेत्र से आया.. यह आदिवासी बहुल इलाका है.. यहां जिला पंचायत की सभी 11 सीटों पर AAP के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की.. और भाजपा का खाता तक नहीं खुला.. देदियापाड़ा के अलावा सागबारा, चिखड़ा.. और गड़देशनवर तालुका पंचायतों में भी AAP ने शानदार प्रदर्शन किया.. गड़देशनवर खास इसलिए महत्वपूर्ण है.. क्योंकि यहां स्टैच्यू ऑफ यूनिटी स्थित है.. नर्मदा जिले में AAP ने कुल चार तालुका पंचायतों पर कब्जा किया.. इसके अलावा भरूच जिले की वालिया तालुका पंचायत पर भी AAP ने जीत हासिल की.. अमरेली जिले के बगसरा तालुका पंचायत में 16 सीटों में से 10 सीटें AAP के खाते में आईं..

ये नतीजे दिखाते हैं कि AAP ने गुजरात के आदिवासी और ग्रामीण इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है.. जहां पहले भाजपा का एकतरफा दबदबा था.. वहां अब AAP विकल्प के रूप में उभर रही है.. अरविंद केजरीवाल ने गुजरात के नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह परिणाम जनविश्वास का विस्तार है.. और उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में हम 69 सीटों तक सीमित थे.. इस बार 650 से ज्यादा सीटें जीतना बताता है कि गुजरात की जनता AAP पर भरोसा कर रही है..

केजरीवाल ने खासतौर पर नर्मदा जिले की जीत को बड़ा राजनीतिक संदेश बताया.. उन्होंने कहा कि देदियापाड़ा जैसे आदिवासी क्षेत्र में सभी 11 सीटों पर जीत.. और भाजपा का शून्य पर सिमट जाना दिखाता है कि जिन इलाकों को दशकों से नजरअंदाज किया गया.. वहां के लोग अब बदलाव चाहते हैं.. और एक नया विकल्प चुन रहे हैं.. और उन्होंने आगे कहा कि AAP की सबसे बड़ी ताकत उसका नैरेटिव है.. पार्टी शिक्षा, स्वास्थ्य, सस्ती बिजली, पारदर्शिता और आम लोगों की भागीदारी पर जोर देती है.. यही वजह है कि शिक्षक, युवा, महिलाएं और छोटे किसान पार्टी के साथ जुड़ रहे हैं..

केजरीवाल ने एक महत्वपूर्ण बात और कही.. उन्होंने बताया कि चुनाव से पहले पिछले एक महीने में AAP के खिलाफ 170 से ज्यादा FIR दर्ज की गईं.. और कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया.. इसके बावजूद पार्टी ने इतनी बड़ी बढ़ोतरी की.. केजरीवाल ने कहा कि कार्यकर्ताओं को जेल भेजा गया, लेकिन वे डटे रहे.. यह समर्थन सिर्फ राजनीतिक नहीं.. बल्कि भावनात्मक भी है.. जनता अब AAP की लड़ाई को अपनी लड़ाई मान रही है..

यह बयान महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाता है कि सत्ता के दबाव के बावजूद आम लोग पार्टी के साथ खड़े हो रहे हैं.. नर्मदा जिले में AAP की सफलता के पीछे सबसे बड़ा नाम चैतर वसावा का है.. वे AAP के गुजरात में कार्यकारी अध्यक्ष और देदियापाड़ा विधायक हैं.. चैतर वसावा आदिवासी समुदाय से आते हैं.. और लंबे समय से आदिवासी अधिकारों, जमीन, जंगल और पानी के मुद्दों पर संघर्ष करते रहे हैं..

उन्होंने क्षेत्र में घर-घर जाकर जनसंपर्क किया.. उन्होंने लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं.. जैसे सड़क, अस्पताल, स्कूल, सिंचाई और बिजली को उठाया.. यहां तक कि कुछ समय पहले उन्हें जेल भी जाना पड़ा.. लेकिन जेल से बाहर आने के बाद उनका जनाधार और मजबूत हुआ.. चैतर वसावा की मेहनत से ही देदियापाड़ा जैसे इलाकों में AAP ने सेंध लगाई.. स्थानीय लोग उन्हें अपना नेता मानते हैं.. उन्होंने कहा कि यह जीत जनता की है.. जो सच्चाई और संघर्ष को पहचानती है..

 

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