NEET-UG विवाद में नया मोड़, टीकाराम जूली का भाजपा पर निशाना

प्रवेश परीक्षा का रद्द होना यह दर्शाता है कि इस पेपर में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई थी. राजस्थान की बीजेपी सरकार ने जानबूझकर 2 हफ्ते तक इसे छिपाने की कोशिश की और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया."

4पीएम न्यूज नेटवर्क: पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान सरकार ने नीट परीक्षा में गड़बड़ी को जानबूझकर छिपाने की कोशिश में थी. प्रवेश परीक्षा का रद्द होना यह दर्शाता है कि इस पेपर में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई थी. राजस्थान की बीजेपी सरकार ने जानबूझकर 2 हफ्ते तक इसे छिपाने की कोशिश की और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया.”

मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी-2026 में पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद इस परीक्षा को रद्द कर दिया गया. सरकार ने मामले की जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी है. लेकिन परीक्षा रद्द होने से राजस्थान में सियासी बवाल खड़ा हो गया. कांग्रेस नेता टीकाराम जूली ने दावा किया है कि आरोपी के बीजेपी नेता होने की वजह से मामले को कई दिनों तक दबा कर रखा गया.

राजस्थान में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सोशल मीडिया X पर पोस्ट कर दावा किया, “NEET-UG पेपर लीक मामले में गिरफ्तार दिनेश बिंवाल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का नेता है. क्या राजस्थान की बीजेपी सरकार ने इसी कारण से 9 दिन तक पेपर लीक को छिपाए रखा और FIR दर्ज नहीं की?” पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान सरकार ने नीट परीक्षा में गड़बड़ी को जानबूझकर छिपाने की कोशिश की.

उन्होंने कहा, “नीट-यूजी प्रवेश परीक्षा का रद्द होना यह दर्शाता है कि इस पेपर में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई थी. राजस्थान की बीजेपी सरकार ने जानबूझकर 2 हफ्ते तक इसे छिपाने की कोशिश की और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया.”

7 राज्यों में पेपर लीक का दावा
पेपर लीक मामले में शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि लीक होने के बाद 7 राज्यों में पेपर वायरल हुए थे. महाराष्ट्र के नासिक से पेपर लीक होने के बाद पेपर हरियाणा के गुरुग्राम में एक गैंग के पास पहुंच गया. कहा जा रहा है कि इसी गैंग ने पेपर को कई राज्यों में बेचा. राजस्थान में इस पेपर को 2 भाइयों ने खरीदा.

जयपुर के जमवारामगढ़ के 2 भाइयों दिनेश और मांगीलाल ने इस पेपर को खरीदा और बदले में कथित तौर पर 30 लाख रुपये दिए. फिर उन्होंने सीकर में अपने बेटे को पेपर देने के बाद इसे कई लोगों को बेच दिया. इन्हीं 2 भाइयों में से एक दिनेश बिवांल के बारे में कहा जा रहा है कि वह बीजेपी से जुड़ा हुआ है. टीकाराम जूली ने एक पोस्टर शेयर किया है जिसमें दिनेश खुद को जयपुर देहात में भारतीय जनता युवा मोर्चा का जिला मंत्री बता रहा है.

3 मई को हई थी NEET-UG परीक्षा
इस बीच राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने कहा कि नई तारीखों की सूचना अगले सात से दस दिनों में दी जाएगी. एनटीए ने रद्द की गई परीक्षा 3 मई को आयोजित की थी. नीट-यूजी पेपर रद्द किए जाने के फैसले से देशभर में मेडिकल छात्रों में नाराजगी फैल गई. कई विद्यार्थियों ने एनटीए की क्षमता पर सवाल
उठाए और मांग की कि यह परीक्षा दिल्ली के AIIMS द्वारा आयोजित की जाए.

पेपर लीक मामले में मामला दर्ज
दूसरी ओर, सीबीआई ने कल शाम को ही भारतीय न्याय संहिता के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात तथा साक्ष्य नष्ट करने और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराधों और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024 के तहत केस दर्ज कर लिया.

जांच एजेंसी ने अलग-अलग जगहों पर कई विशेष दलों को भेजा है और राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) से भी सामग्री जुटाएगी. राजस्थान पुलिस के एसओजी की ओर से दावा किया गया कि परीक्षा से पहले विद्यार्थियों को कथित तौर पर दिए गए रसायन विज्ञान के एक गेस पेपर में करीब 410 सवाल थे, जिनमें से 120 सवाल पेपर में आए थे. वहीं नासिक में पुलिस ने नीट परीक्षा के पेपर लीक मामले में मंगलवार को एक व्यक्ति को हिरासत में लिया.

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