स्मार्ट स्कूल शिलान्यास पर सपा-बीजेपी में भिड़ंत, विधायक अमिताभ बाजपेई धरने पर बैठे, परमट स्कूल बना रणक्षेत्र
कानपुर के आर्यनगर में स्मार्ट स्कूल शिलान्यास को लेकर सपा और बीजेपी कार्यकर्ताओं में जमकर विवाद हो गया। विधायक अमिताभ बाजपेई धरने पर बैठ गए और परमट स्कूल परिसर कुछ समय के लिए राजनीतिक रणक्षेत्र बन गया, पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: कानपुर के आर्यनगर क्षेत्र में मंगलवार को स्मार्ट स्कूल परियोजना के शिलान्यास को लेकर अचानक राजनीतिक तनाव भड़क गया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि परमट स्थित स्कूल परिसर कुछ समय के लिए राजनीतिक संघर्ष का केंद्र बन गया। सपा और बीजेपी कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने से माहौल तनावपूर्ण हो गया, जिसके बाद पुलिस को मौके पर मोर्चा संभालना पड़ा। यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब स्मार्ट स्कूल के शिलापट्ट लगाने की प्रक्रिया चल रही थी। देखते ही देखते दोनों दलों के समर्थक मौके पर पहुंच गए और नारेबाजी शुरू हो गई।
विधायक अमिताभ बाजपेई धरने पर बैठे
विवाद बढ़ता देख सपा विधायक अमिताभ बाजपेई मौके पर पहुंच गए और धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास परियोजनाओं के नाम पर राजनीति की जा रही है और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की अनदेखी की जा रही है। धरने के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और परियोजना प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए। वहीं बीजेपी कार्यकर्ता भी मौके पर डटे रहे, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
स्कूल परिसर बना राजनीतिक अखाड़ा
परमट स्कूल परिसर, जहां सामान्यतः बच्चों की पढ़ाई और शांति का माहौल रहता है, वह कुछ समय के लिए राजनीतिक अखाड़े में बदल गया। शिलान्यास और शिलापट्ट लगाने को लेकर दोनों पक्षों में तीखी बहस और धक्का-मुक्की जैसी स्थिति भी देखने को मिली। स्थानीय लोगों के मुताबिक, अचानक बढ़े इस तनाव से बच्चों और अभिभावकों में भी असहजता का माहौल बन गया।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
स्थिति बिगड़ते देख मौके पर पुलिस बल को तैनात किया गया। पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग-अलग कर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। अधिकारियों ने समझा-बुझाकर माहौल शांत कराया, लेकिन काफी देर तक परिसर में तनाव बना रहा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोकने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
सांसद बनाम विधायक की सियासी टकराव की झलक
स्थानीय राजनीतिक हलकों में इसे सिर्फ स्कूल शिलान्यास का विवाद नहीं, बल्कि सांसद और विधायक स्तर के टकराव के रूप में भी देखा जा रहा है। दोनों दलों के बीच पहले से चल रही राजनीतिक खींचतान अब खुले मैदान में दिखाई देने लगी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विकास परियोजनाओं के मंच पर इस तरह का टकराव आने वाले समय में स्थानीय राजनीति को और गर्म कर सकता है।
स्मार्ट स्कूल परियोजना पर बढ़ा विवाद
स्मार्ट स्कूल परियोजना को लेकर पहले से ही क्षेत्र में अलग-अलग राय देखने को मिल रही थी, लेकिन शिलान्यास के दौरान हुए इस बवाल ने पूरे मामले को और विवादित बना दिया है। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या विकास योजनाएं राजनीतिक टकराव की भेंट चढ़ती रहेंगी या फिर प्रशासन इस तरह के विवादों को रोकने के लिए कोई ठोस व्यवस्था करेगा। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन आर्यनगर और परमट क्षेत्र में राजनीतिक तनाव अब भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
रिपोर्ट – प्रांजुल मिश्रा



