पेपर लीक मामले में CBI का बड़ा कदम, पुणे में महिला से पूछताछ जारी
NEET-UG पेपर लीक मामले की जांच पुणे तक पहुंच गई है, जहां CBI ने एक महिला को हिरासत में लिया है. देशभर में फैले इस रैकेट के चलते लाखों छात्रों में नाराजगी है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: NEET-UG पेपर लीक मामले की जांच पुणे तक पहुंच गई है, जहां CBI ने एक महिला को हिरासत में लिया है. देशभर में फैले इस रैकेट के चलते लाखों छात्रों में नाराजगी है. NTA को हटाने और नई संस्था बनाने की मांग सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची है.
राष्ट्रीय मेडिकल प्रवेश परीक्षा यानी NEET-UG पेपर लीक मामले की जांच अब पुणे तक पहुंच गई है. इस मामले में पुणे की एक महिला को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है. केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और पुणे पुलिस की क्राइम ब्रांच ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए यह कदम उठाया. हिरासत में ली गई महिला का नाम मनीषा वाघमारे बताया गया है. उसे बुधवार तड़के पुणे के बिबवेवाड़ी इलाके से हिरासत में लिया गया.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक NEET पेपर लीक मामले में वह तीसरी संदिग्ध आरोपी है. जांच एजेंसियों को इस मामले में देशभर में फैले बड़े रैकेट के सक्रिय होने का संदेह है. इस बीच, राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) द्वारा सामने लाई गई जानकारी के बाद CBI ने पूरे मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है. जांच में गेस पेपर के नाम पर लाखों रुपये लेकर प्रश्नपत्र बेचने के आरोप सामने आए हैं.
कई राज्यों में फैला रैकेट
महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में इस रैकेट के तार जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है. इस घोटाले के कारण NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द किए जाने का फैसला लिया गया है, जिससे देशभर के लाखों विद्यार्थियों में नाराजगी और असमंजस का माहौल बना हुआ है. हालांकि NTA ने इस पेपर को दोबारा कराने की घोषणा कर दी है, लेकिन बार-बार हो रही इस धांधली के बाद NTA सवालों के घेरे में आ गया है.
NTA को हटाने की उठी मांग
NEET-UG पेपरलीक का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. NEET कराने वाली एजेंसी NTA को हटाने की मांग उठने लगी है. दायर याचिका में NTA को हटाकर नई संस्था के गठन की मांग की गई है. साथ ही यह भी मांग की गई है कि सीबीआई से चार हफ्ते में स्टेट्स रिपोर्ट मांगा जाए. सर्वोच्च न्यायालय में यह याचिका फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने दायर की है. याचिकाकर्ता की प्रमुख मांगों में से एक यह है कि NTA को या तो पूरी तरह बदल दिया जाए या उसमें बड़ा सुधार किया जाए, ताकि एक नई, मजबूत, हाई-टेक और स्वतंत्र संस्था बनाई जा सके.



