मिर्जापुर में बनने जा रहा बड़ा बाईपास, किसानों के साथ डीएम की अहम बैठक

मिर्जापुर में देवापुर (NH-35) से भटौली सेतु तक बनने वाले बाईपास मार्ग को लेकर डीएम पवन कुमार गंगवार ने किसानों संग अहम बैठक की। सात गांवों के किसानों ने भूमि क्रय और मुआवजे पर सहमति जताई। परियोजना से ट्रैफिक और कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: मिर्जापुर में लंबे समय से प्रस्तावित बाईपास मार्ग निर्माण परियोजना अब तेजी से आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। जिले में यातायात दबाव कम करने और बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से देवापुर (NH-35) से भटौली सेतु तक प्रस्तावित मीरजापुर बाईपास मार्ग को लेकर जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसी क्रम में जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने प्रभावित गांवों के किसानों के साथ बैठक कर भूमि क्रय और मुआवजे से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।

कलेक्ट्रेट सभागार में हुई महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक

कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में बाईपास मार्ग निर्माण से प्रभावित सात गांवों के किसानों ने भाग लिया। इनमें दुल्लहपुर, भुईली पाण्डेय, भुईली दूबे, माधोपुर, शिवमऊ, बैदौली खुर्द और जौसरा गांव शामिल रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य भूमि अधिग्रहण के बजाय आपसी सहमति के आधार पर भूमि क्रय प्रक्रिया को आगे बढ़ाना था।

जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने किसानों को हेक्टेयरवार मुआवजे की पूरी जानकारी दी और परियोजना के महत्व को समझाया। प्रशासन की ओर से किसानों को भरोसा दिलाया गया कि भूमि क्रय प्रक्रिया पारदर्शिता और सहमति के आधार पर पूरी की जाएगी।

किसानों ने जताई सहमति

बैठक के दौरान प्रभावित किसानों ने अपनी समस्याएं और सुझाव प्रशासन के सामने रखे। चर्चा के बाद अधिकांश किसानों ने भूमि क्रय के संबंध में सहमति जताई। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि किसानों के सहयोग से परियोजना का कार्य तेजी से आगे बढ़ सकेगा। विशेषज्ञों के अनुसार यह बाईपास मार्ग तैयार होने के बाद मीरजापुर शहर में भारी वाहनों का दबाव कम होगा और लोगों को बेहतर यातायात सुविधा मिल सकेगी। साथ ही एनएच-35 से भटौली सेतु तक सीधा संपर्क बनने से क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

विकास परियोजनाओं पर प्रशासन का फोकस

बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अजय कुमार सिंह, भूमि अध्याप्ति अधिकारी गुलाब चंद तथा लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने परियोजना से जुड़ी तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर भी चर्चा की। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक बाईपास मार्ग बनने से न सिर्फ यातायात व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि भविष्य में औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रशासन इस परियोजना को जिले के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की बड़ी कड़ी के रूप में देख रहा है।

शहर के ट्रैफिक दबाव को मिलेगी राहत

मिर्जापुर शहर में बढ़ते ट्रैफिक और भारी वाहनों की आवाजाही लंबे समय से बड़ी समस्या बनी हुई है। ऐसे में देवापुर से भटौली सेतु तक प्रस्तावित बाईपास मार्ग को शहर के लिए महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि बाईपास बनने के बाद शहर के अंदर जाम की स्थिति में कमी आएगी और यात्रा अधिक सुगम हो सकेगी। प्रशासन अब किसानों से सहमति मिलने के बाद भूमि क्रय प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने की तैयारी में जुट गया है, ताकि निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जा सके।

रिपोर्ट – संतोष देव गिरी

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