इलाज कराने गया युवक, अस्पताल से मोबाइल हुआ गायब, CCTV ने खोला राज
सोनभद्र के लाइफ केयर हॉस्पिटल में भर्ती युवक का मोबाइल चोरी होने के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। CCTV में घटना कैद होने के बावजूद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर संवेदनहीन व्यवहार का आरोप लगाया है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: पूर्वांचल के पिछड़े जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। मरीजों और उनके परिजनों की शिकायत रहती है कि निजी अस्पतालों में इलाज के नाम पर भारी खर्च तो लिया जाता है, लेकिन सुविधाओं और सुरक्षा के मामले में कई बार गंभीर लापरवाही देखने को मिलती है। अब ऐसा ही एक मामला सोनभद्र से सामने आया है, जिसने अस्पताल प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जनपद सोनभद्र के जिला अस्पताल के सामने स्थित लाइफ़ केयर अस्पताल एक बार फिर चर्चा में है। इस बार मामला इलाज से ज्यादा अस्पताल परिसर में कथित सुरक्षा व्यवस्था और मरीज के मोबाइल चोरी होने को लेकर सुर्खियों में आया है।
ऑपरेशन के लिए भर्ती युवक का मोबाइल गायब
जानकारी के अनुसार चपईल रामगढ़ निवासी 24 वर्षीय प्रियांशु गुप्ता पैर के ऑपरेशन के लिए अस्पताल में भर्ती थे। बताया जा रहा है कि 13 मई की देर रात जनरल वार्ड में एक व्यक्ति संदिग्ध तरीके से दाखिल हुआ। आरोप है कि उसने पहले वार्ड की रेकी की और बाद में अपने एक साथी के साथ वापस आकर सो रहे मरीज के पास रखा मोबाइल फोन उठा लिया।
परिजनों का दावा है कि पूरी घटना अस्पताल में लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हुई है। फुटेज में कथित आरोपी मोबाइल फोन चेक करता हुआ भी दिखाई दे रहा है। घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।
परिजनों ने लगाया संवेदनहीन व्यवहार का आरोप
पीड़ित के पिता रमकिशन ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से शिकायत की तो उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। उनका कहना है कि मदद मांगने पर उन्हें निराशाजनक जवाब दिया गया। हालांकि अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। कई लोगों का कहना है कि यदि अस्पताल परिसर में रात के समय कोई व्यक्ति आसानी से वार्ड तक पहुंच सकता है, तो यह सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल है।
CCTV फुटेज के आधार पर जांच की मांग
परिजनों ने मामले की ऑनलाइन FIR दर्ज कराई है। बताया जा रहा है कि CCTV फुटेज में संदिग्ध का चेहरा स्पष्ट दिखाई दे रहा है। अब पुलिस जांच के जरिए आरोपी तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अस्पतालों में मरीज केवल इलाज के लिए नहीं आते, बल्कि वे अपनी सुरक्षा और भरोसे के साथ भी वहां पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन की जिम्मेदारी केवल इलाज तक सीमित नहीं हो सकती।
स्वास्थ्य सेवाओं के साथ सुरक्षा भी बड़ा मुद्दा
विशेषज्ञ मानते हैं कि निजी अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था उतनी ही जरूरी है जितनी चिकित्सा सुविधाएं। खासतौर पर रात के समय वार्डों में आने-जाने वालों की निगरानी और सुरक्षा कर्मियों की सक्रियता बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। सोनभद्र और मिर्जापुर जैसे जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। ऐसे मामलों के सामने आने के बाद अब जरूरत इस बात की महसूस की जा रही है कि अस्पतालों में सुरक्षा प्रबंधन और जवाबदेही को भी गंभीरता से लागू किया जाए।
लोगों के बीच चर्चा का विषय बना मामला
घटना के बाद इलाके में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया पर भी लोग अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि मरीज और उनके परिजन पहले ही बीमारी और आर्थिक दबाव से जूझते हैं, ऐसे में यदि अस्पताल में भी असुरक्षा का माहौल हो तो चिंता और बढ़ जाती है। अब सबकी नजर पुलिस जांच और अस्पताल प्रबंधन की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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