ममता बनर्जी ने टीएमसी की शुरू की ओवरहालिंग

कल्याण बनर्जी को फिर से सौंपी जिम्मेदारी

  • पूर्व सीएम ने लोकसभा में कल्याण बनर्जी को बनाया चीफ व्हिप

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में चुनाव हारने के बाद से पार्टी की ओवहालिंग शुरू कर दी है। उन्होंने कहा है किवह पूरी पार्टी को पूरी तरह से फिर से तैयार करेंगी। इसी के तहत उन्होंने लोकसभा में पार्टी के चीफ व्हिप को बदल दिया है। हालांकि उनके फैसले से कुछ सांसद नाराज हो गए हैं। ममता बनर्जी ने कल्याण बनर्जी को यह जिम्मेदारी सौंपी हैं। इस पर पार्टी को महिला सांसद काकोली घोष की खुली नाराजगी सामने आई है। ऐसे में चर्चा हो रही है कि क्या ममता बनर्जी को सांसदों को टूटने का डर है। पार्टी के इस फैसले पर काकोली घोष की नाराजगी सामने आई है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा है कि 1976 से परिचित, 1984 से साथ-साथ चल रहे हैं। आज मुझे चार दशकों की वफादारी का इनाम मिला। इसके बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या तृणमूल कांग्रेस में हार के बाद सबकुछ ठीक नहीं है। ममता बनर्जी को क्या पार्टी में टूट का खतरा दिख रहा है, क्योंकि उन्होंने चुनाव नतीजों के तुरंत बाद ही लोकसभा के चीफ व्हिप में बदलाव किया है। 18वीं लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कुल 29 सांसदों में से 11 महिला सांसद है। यह उनकी कुल संख्या का लगभग 38त्न है। जो भारत के सभी प्रमुख राजनीतिक दलों में प्रतिशत के लिहाज से सबसे अधिक है। ऐसे में चीफ व्हिप के पद से काकोली घोष दस्तीकर की छुट्टी ने टीएमसी में अंदरुनी लड़ाई को तेज कर दिया है। 66 साल की काकोली घोष दस्तीकर तृणमूल कांग्रेस की राष्ट्रीय महिला मोर्चा यूनिटी की प्रमुख हैं। वे 24 में लगातार तीसरी बार चुनी गई थीं। वह पश्चिम बंगाल की बारासात सीट से सांसद हैं। अभी तक उनकी गिनती ममता बनर्जी के करीबियों को होती आई है।

सांसद काकोली घोष ने जताई खुली नाराजगी

सांसद काकोली घोष दस्तीदार यह टिप्पणी उन्होंने ममता बनर्जी द्वारा उनकी जगह कल्याण बनर्जी को दोबारा मुख्य सचेतक नियुक्त किए जाने के तुरंत बाद लिखी। इस बयान को राजनीतिक हलकों में पार्टी नेतृत्व के प्रति उनकी गहरी निराशा और असंतोष के रूप में देखा जा रहा है। टीएमसी के लोकसभा में 29 सदस्य हैं। राज्यसभा में 12 सदस्य हैं। ऐसे में संसद में पार्टी के पास 41 सांसदों का संख्याबल है। टीएमसी के लोकसभा में कुल 29 सांसदों में 11 महिला सांसद हैं। कल्याण बनर्जी से पूर्व में महुआ मोइत्रा का भी टकराव हो चुका है। ऐसे में जब कल्याण बनर्जी के महिला सांसदों से रिश्ते ठीक नहीं है तब उनकी चीफ व्हिप की पोस्ट पर वापसी ने सभी को चौंका दिया है।

जो जाना चाहते हैं, वे जा सकते है : ममता

ममता बनर्जी ने पार्टी को फिर से खड़ा करने का आह्वान किया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि जो लोग पार्टी छोडऩा चाहते हैं, वे जाने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं। कोलकाता के कालीघाट स्थित अपने आवास पर ममता बनर्जी ने चुनाव लडऩे वाले उम्मीदवारों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी भी शामिल हुए। ममता ने कहा कि हाल के विधानसभा चुनावों में मिली करारी हार के बावजूद संगठन एक बार फिर मजबूती से खड़ा होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं और उम्मीदवारों से अपील की कि वे क्षतिग्रस्त हो चुके पार्टी दफ्तरों को फिर से ठीक करें, उन्हें रंगें और दोबारा खोलें। ममता ने यहां तक कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो वह खुद भी दफ्तरों को पेंट करने में मदद करेंगी। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस कभी किसी के सामने नहीं झुकेगी। ममता ने आरोप लगाया कि इस चुनाव में जनता के जनादेश को लूटा गया है। पार्टी के भीतर असंतोष और नेताओं के दूसरी पार्टियों में जाने की अटकलों के बीच बनर्जी ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह जानती हैं कि कुछ लोग पाला बदल सकते हैं। उनकी अपनी कुछ मजबूरियां हो सकती हैं, इसलिए वह किसी को भी जबरदस्ती पार्टी में रोक कर रखने में विश्वास नहीं करतीं। बैठक के बाद टीएमसी ने सोशल मीडिया पर उम्मीदवारों के साहस की सराहना की। पार्टी ने कहा कि उनके उम्मीदवारों ने डराने-धमकाने और अत्याचारों के बावजूद बहादुरी से चुनाव लड़ा। बनर्जी ने इस बैठक के जरिए हार से निराश उम्मीदवारों का मनोबल बढ़ाने और पार्टी में एकता का संदेश देने की कोशिश की है।

Related Articles

Back to top button