अमेरिका से लापता मीरजापुर का बेटा, 10 दिन बाद भी नहीं मिला कोई सुराग

मीरजापुर के मर्चेंट नेवी अफसर मनीष द्विवेदी अमेरिका के पेंसिलवेनिया बंदरगाह से 7 मई से लापता हैं। परिवार ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर और सांसद अनुप्रिया पटेल से मदद की गुहार लगाई है। 10 दिन बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिला है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क:  उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जिले से जुड़ा एक मामला इन दिनों चिंता और बेचैनी का कारण बना हुआ है। अमेरिका के पेंसिलवेनिया बंदरगाह से लापता हुए मर्चेंट नेवी अधिकारी का दस दिन बाद भी कोई पता नहीं चल सका है। परिवार लगातार बेटे की तलाश में अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और विदेश मंत्रालय तक गुहार लगा रहा है। वहीं इस पूरे मामले में शिप कंपनी की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।

मीरजापुर के पड़री थाना क्षेत्र स्थित चौहान पट्टी गांव निवासी मनीष द्विवेदी अमेरिका के पेंसिलवेनिया बंदरगाह से 7 मई 2026 से लापता बताए जा रहे हैं। परिवार का कहना है कि घटना के बाद से अब तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है, जिससे घर में चिंता और तनाव का माहौल है।

आखिरी बार मॉल जाने की मिली थी जानकारी

परिजनों के मुताबिक मनीष द्विवेदी मर्चेंट नेवी में सेकंड ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं और वर्तमान में ‘सिफ्नोस लेडी’ नामक वेसल पर तैनात थे। बताया गया कि 7 मई को वह जहाज के कप्तान और अन्य स्टाफ के साथ अमेरिका के पेंसिलवेनिया स्थित बंदरगाह के पास मॉल गए थे। परिवार के अनुसार, बाद में जहाज कंपनी के अधिकारियों ने फोन कर बताया कि मनीष चार घंटे से लापता हैं। इसके बाद से उनका फोन बंद आने लगा और परिवार का संपर्क पूरी तरह टूट गया।

परिवार ने उठाए कंपनी की भूमिका पर सवाल

मनीष के पिता संतोष कुमार द्विवेदी का आरोप है कि शिप कंपनी की ओर से सही जानकारी नहीं दी जा रही है। उन्होंने बताया कि पहले कंपनी के एक अधिकारी ने कहा कि मनीष सुरक्षित मिल गए हैं, लेकिन कुछ समय बाद फिर कहा गया कि उनका पता नहीं चल पा रहा है। परिजनों का यह भी दावा है कि अमेरिका स्थित एजेंट ने बताया था कि मनीष को पुलिस कस्टडी में लेकर पूछताछ की गई थी और बाद में छोड़ दिया गया। हालांकि इसके बाद वह कहां गए, इसकी स्पष्ट जानकारी अब तक सामने नहीं आई है। परिवार का आरोप है कि जहाज बिना मनीष को साथ लिए ही आगे रवाना हो गया, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई है।

विदेश मंत्री और सांसद से लगाई गई गुहार

मामले की गंभीरता को देखते हुए मीरजापुर की सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। बताया जा रहा है कि उन्होंने दिल्ली में विदेश मंत्री से मुलाकात कर मनीष द्विवेदी की सुरक्षित वापसी के लिए पहल करने का अनुरोध भी किया। इसके अलावा परिवार ने मीरजापुर पुलिस प्रशासन और अन्य अधिकारियों से भी मदद की गुहार लगाई है।

एलआईयू और दूतावास से संपर्क में पुलिस

मीरजापुर की पुलिस अधीक्षकअपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि मामले में एलआईयू अधिकारियों को परिवार की मदद के लिए लगाया गया है। भारतीय दूतावास और संबंधित एजेंसियों से संपर्क कर जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि घटना के दस दिन बाद भी मनीष द्विवेदी का कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाने से परिवार बेहद परेशान है। गांव और आसपास के इलाके में भी इस घटना को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ है।

परिवार को उम्मीद, लेकिन इंतजार लंबा

मनीष द्विवेदी के परिवार को अब सांसद अनुप्रिया पटेल की पहल और विदेश मंत्रालय के हस्तक्षेप से उम्मीद जगी है। परिजन लगातार बेटे की सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं। वहीं यह मामला अब केवल एक परिवार की चिंता नहीं, बल्कि विदेशों में काम करने वाले भारतीय कर्मचारियों की सुरक्षा और जवाबदेही से जुड़ा बड़ा सवाल भी बनता जा रहा है।

रिपोर्ट – संतोष देव गिरी

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