जंगल में ग्रामीणों से मारपीट का आरोप, मिर्जापुर में वन विभाग कार्यालय का घेराव

मिर्जापुर के पर्शिया जंगल में वनकर्मियों पर ग्रामीणों से मारपीट और पैसे छीनने का आरोप लगा है। घटना के विरोध में महिलाओं और ग्रामीणों ने वन विभाग कार्यालय का घेराव कर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: मिर्ज़ापुर के मड़िहान तहसील क्षेत्र में वन विभाग के कर्मचारियों पर ग्रामीणों के साथ मारपीट और पैसे छीनने के गंभीर आरोप लगे हैं। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने वन विभाग कार्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि वनकर्मियों ने जंगल के रास्ते में उन्हें रोककर न केवल मारपीट की, बल्कि जेब में रखे पैसे भी छीन लिए। घटना की खबर गांव में पहुंचते ही लोगों में नाराजगी फैल गई और महिलाएं व पुरुष एकजुट होकर वन विभाग के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे।

भूसा लेकर जा रहे थे ग्रामीण, रास्ते में रोका गया

मामला मड़िहान तहसील के पर्शिया जंगल क्षेत्र का बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार दो ग्रामीण पशुओं के लिए भूसा लेकर जंगल के रास्ते से गुजर रहे थे। इसी दौरान वन विभाग के कुछ कर्मचारियों ने उन्हें रोक लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और वनकर्मियों ने दोनों लोगों के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप यह भी है कि कर्मचारियों ने ग्रामीणों से पैसे भी छीन लिए। मारपीट में दोनों ग्रामीणों के घायल होने की बात कही जा रही है।

घटना के बाद भड़का ग्रामीणों का गुस्सा

घटना की जानकारी जैसे ही गांव में पहुंची, स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। करीब 50 की संख्या में महिलाएं और पुरुष इकट्ठा होकर वन विभाग कार्यालय पहुंच गए। वहां ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र में वन विभाग के कुछ कर्मचारी आए दिन लोगों को परेशान करते हैं। उनका आरोप है कि जंगल के आसपास रहने वाले लोगों के साथ अक्सर सख्ती और अभद्र व्यवहार किया जाता है, जिससे ग्रामीणों में लंबे समय से नाराजगी बनी हुई है।

निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और बड़ा हो सकता है। ग्रामीणों ने पीड़ितों को न्याय दिलाने और दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। महिलाओं ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लेते हुए कहा कि जंगल क्षेत्र में रहने वाले लोगों को लगातार दबाव और डर के माहौल में जीना पड़ता है।

अधिकारियों ने शांत कराने की कोशिश की

घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय अधिकारी और कुछ जिम्मेदार लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने और स्थिति को शांत कराने की कोशिश की। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जानकारी जुटाने में लगा है। हालांकि वन विभाग की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

वन क्षेत्र में बढ़ता विवाद बना चिंता का विषय

मड़िहान और आसपास के जंगल क्षेत्रों में वन विभाग और ग्रामीणों के बीच विवाद पहले भी कई बार सामने आ चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जंगल से जुड़े नियमों और कार्रवाई के दौरान संवाद की कमी अक्सर विवाद की वजह बनती है।

वन संरक्षण और ग्रामीणों के अधिकारों के बीच संतुलन बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। ऐसे मामलों में पारदर्शिता और संवेदनशीलता बेहद जरूरी होती है, ताकि कानून व्यवस्था भी बनी रहे और स्थानीय लोगों का भरोसा भी कायम रहे। फिलहाल ग्रामीणों के आरोपों के बाद पूरे मामले ने क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना दिया है और अब लोगों की नजर प्रशासनिक जांच पर टिकी हुई है।

रिपोर्ट – संतोष देव गिरी

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