Mamata Banerjee का बड़ा बयान, INDIA गठबंधन फिर एक्टिव, BJP के खिलाफ नई रणनीति?

देश की राजनीति में एक बार फिर INDIA गठबंधन को लेकर हलचल तेज हो गई है... ममता बनर्जी ने संकेत दिए हैं कि जून में विपक्षी दलों... 

4पीएम न्यूज नेटवर्कः इंडिया गठबंधन की एकजुटता का जिम्मा क्या अब ममता संभालेंगी.. बंगाल चुनाव नतीजों के बाद अब उन्होंने विपक्षी INDIA गठबंधन की बैठक जल्द होने का बड़ा संकेत दिया है.. तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने रविवार को कहा कि INDIA ब्लॉक की बैठक जून के पहले सप्ताह में होने की संभावना है.. पश्चिम बंगाल के हालिया विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद.. विपक्षी INDIA गठबंधन में नई हलचल शुरू हो गई है.. TMC प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को फेसबुक लाइव के जरिए बड़ा संकेत दिया है.. और उन्होंने कहा कि INDIA ब्लॉक की बैठक जून के पहले सप्ताह में हो सकती है.. ममता ने विपक्षी दलों से एकजुट होकर भाजपा के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ने का संकल्प भी जताया..

आपको बता दें कि यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है.. क्योंकि बंगाल चुनाव में TMC की हार के बाद गठबंधन की एकता पर सवाल और तेज हो गए थे.. कई लोग पूछ रहे हैं कि क्या अब INDIA गठबंधन की कमान ममता बनर्जी के हाथ में आ जाएगी.. क्या वे गठबंधन को नई दिशा.. और मजबूती दे पाएंगी.. रविवार को ममता बनर्जी ने फेसबुक लाइव में विपक्षी दलों को संबोधित किया.. और उन्होंने कहा कि हम लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.. और अंत तक हार नहीं मानेंगे.. ममता ने बताया कि INDIA गठबंधन जल्द ही बैठक कर आगे की रणनीति तय करेगा.. और उन्होंने जोर देकर कहा कि लोग अभी भी उनके साथ हैं और TMC वापसी करेगी..

ममता ने राहुल गांधी, अखिलेश यादव समेत कई INDIA नेताओं का जिक्र किया.. उन्होंने बताया कि इन नेताओं ने उनसे संपर्क किया और समर्थन दिया.. ममता का यह बयान बंगाल चुनाव हारने के कुछ दिनों बाद आया है.. इस समय TMC काफी दबाव में है.. उन्होंने भाजपा पर बड़े पैमाने पर चुनावी धांधली का आरोप लगाया.. ममता का दावा है कि अगर धांधली नहीं होती तो TMC को 220 से 230 सीटें मिलतीं.. उन्होंने कहा कि लगभग 150 सीटों पर उनकी पार्टी जीत रही थी.. लेकिन नतीजे उलट दिए गए..

ममता ने वोटर लिस्ट से नाम काटने यानी SIR प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए.. उन्होंने कहा कि शुरुआत में 60 लाख नाम काटे गए.. बाद में कुछ बहाल किए गए.. लेकिन कई अनियमितताएं हुईं.. TMC अब इन मुद्दों पर कानूनी रास्ता अपनाएगी.. ममता ने आगे कहा कि भाजपा कार्यकर्ता और आम लोग दबाव और डर के माहौल में जी रहे हैं.. उन्होंने चेतावनी दी कि बंगाल में TMC कार्यकर्ताओं पर जितना अत्याचार भाजपा करेगी.. दिल्ली में उतनी ही मुश्किलें भाजपा को झेलनी पड़ेंगी..

आपको बता दें कि ममता ने यह भी बताया कि चुनाव नतीजों के 20 दिन बाद भी उनके कार्यकर्ता.. और विधायक उत्पीड़न का शिकार हो रहे हैं.. 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में TMC को बड़ा झटका लगा.. भाजपा ने मजबूत प्रदर्शन किया.. और सरकार बनाने का दावा किया.. TMC के पास अब करीब 80 विधायक बचे हैं.. लेकिन उन्हें विपक्ष के नेता का दर्जा नहीं दिया गया.. ममता ने इस पर भी नाराजगी जताई.. उन्होंने कहा कि उनके विधायकों को सदन की लॉबी में बैठने के लिए मजबूर किया जा रहा है..

भाजपा की ओर से इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया गया.. भाजपा नेता कीया घोष ने कहा कि ममता हार स्वीकार नहीं कर पा रही हैं.. और उन्होंने कहा कि वे साजिश की थ्योरी गढ़ रही हैं.. अगर 2011, 2016 और 2021 के चुनाव निष्पक्ष थे.. तो अचानक अब चुनाव प्रक्रिया पर सवाल क्यों.. कीया घोष ने TMC को कॉर्पोरेट स्टाइल संगठन बताया.. जो अब सिर्फ अभिषेक बनर्जी के इर्द-गिर्द घूमता है.. उन्होंने दावा किया कि TMC में असंतोष बढ़ रहा है.. और कई कार्यकर्ता व विधायक पार्टी छोड़ रहे हैं..

आपक बता दें कि INDIA गठबंधन यानी इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस की शुरुआत 2023 में हुई.. इसकी पहली बैठक 23 जून 2023 को पटना में हुई थी.. जिसमें 16 विपक्षी दलों ने हिस्सा लिया.. दूसरी बैठक 17-18 जुलाई 2023 को बेंगलुरु में हुई.. जहां गठबंधन का नाम INDIA तय किया गया.. ममता बनर्जी इस गठबंधन की प्रमुख संस्थापक नेताओं में से एक हैं.. और उन्होंने विपक्षी एकता की अपील की और INDIA नाम को अंतिम रूप देने में अहम भूमिका निभाई.. गठबंधन में करीब 35 दल शामिल हैं.. इनमें कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, DMK, शिवसेना (UBT), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट), RJD, CPI(M), CPI, झारखंड मुक्ति मोर्चा, जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस आदि शामिल हैं.. वहीं AAP जैसे कुछ दल बाद में अलग हो गए..

तमिलनाडु में कांग्रेस और TVK के साथ सरकार बनाने के बाद DMK भी नाराज हो गया.. गठबंधन में कई बार राज्य स्तर पर तनाव देखा गया.. पिछली औपचारिक बैठक 15 अप्रैल 2026 को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के घर हुई थी.. इसमें संसद के विशेष सत्र, परिसीमन और अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई.. लेकिन यह पूरी तरह औपचारिक बैठक नहीं थी.. गठबंधन की औपचारिक बैठकें बहुत कम हुई हैं.. जिसकी वजह से एकता पर बार-बार सवाल उठे हैं.. INDIA गठबंधन की सबसे बड़ी समस्या आंतरिक कलह रही है.. ममता बनर्जी और कांग्रेस के बीच नेतृत्व को लेकर तनातनी कई बार सामने आई..

बंगाल चुनाव में TMC ने गठबंधन सहयोगियों के खिलाफ भी चुनाव लड़ा, जिससे एकता की तस्वीर धूमिल हुई.. कई राज्यों में दलों के बीच सीट बंटवारे.. और स्थानीय मुद्दों पर मतभेद रहे.. कुछ दल गठबंधन को सिर्फ चुनावी मोर्चा मानते हैं.. जबकि कुछ इसे लंबे समय तक चलने वाला वैचारिक गठबंधन बनाना चाहते हैं.. ममता बनर्जी अब गठबंधन को मजबूत करने की बात कर रही हैं.. और उन्होंने कहा कि लोग उनके साथ हैं.. और TMC वापसी करेगी.. लेकिन सवाल यह है कि क्या अन्य दल ममता को नेतृत्व देने के लिए तैयार होंगे.. राहुल गांधी, अखिलेश यादव, शरद पवार और स्टालिन जैसे नेता गठबंधन में अपनी-अपनी भूमिका चाहते हैं..

भाजपा ने INDIA गठबंधन की एकता को लेकर पहले भी तंज कसे हैं.. भाजपा नेता कीया घोष ने कहा कि वे जितने मर्जी गठबंधन बना लें.. भाजपा को कोई फर्क नहीं पड़ता.. जनता हमारे साथ है.. भाजपा का तर्क है कि पहले भी कई विपक्षी गठबंधन बने और टूट गए.. भाजपा बंगाल में अपनी जीत को जनता का समर्थन बताती है.. वे कहते हैं कि ममता 34 साल की लंबी सत्ता के बाद हार गई हैं.. और अब साजिश का रोना रो रही हैं.. भाजपा का दावा है कि TMC में अंदरूनी कलह बढ़ रही है..

 

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