आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मौत का तांडव, बिहार जा रही बस पलटी, 7 की मौत

उन्नाव के आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर दिल्ली से बिहार जा रही बस पलट गई। हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक दारोगा और कैदी भी शामिल हैं। 21 घायल यात्रियों को लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के उन्नाव में मंगलवार सुबह आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण सड़क हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। दिल्ली से बिहार जा रही एक डबल डेकर बस अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी लेन में पलट गई। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर चीख-पुकार मच गई और बस में सवार यात्री सीटों के बीच फंस गए।

इस दर्दनाक हादसे में एक सब इंस्पेक्टर, एक बंदी समेत 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 27 यात्री घायल हुए हैं। इनमें से 21 की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे में तीन सिपाही भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज लखनऊ ट्रामा सेंटर में चल रहा है।

सुबह 5:30 बजे हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक, हादसा औरास थाना क्षेत्र में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के किलोमीटर संख्या 262 पर सुबह करीब 5:30 बजे हुआ। डबल डेकर बस दिल्ली से बिहार जा रही थी। इसी दौरान चालक को कथित तौर पर झपकी आ गई, जिससे बस अनियंत्रित हो गई। तेज रफ्तार बस पहले डिवाइडर से टकराई और फिर दूसरी लेन में जाकर पलट गई। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर अफरा-तफरी मच गई।

मृतकों में सब इंस्पेक्टर और बंदी शामिल

हादसे में बिहार पुलिस लाइन सीवान में तैनात सब इंस्पेक्टर रविचरन की मौत हो गई। उनके साथ बंदी छत्रपाल सिंह तोमर की भी जान चली गई। बताया जा रहा है कि पुलिस टीम बंदी को गवाही दिलाने के लिए गुरुग्राम गई थी और वहां से वापस बिहार लौट रही थी। मृतकों में सुरेश कुमार जायसवाल, विदेशी गुप्ता, विजय कुमार और हरियाणा निवासी बंदी छत्रपाल तोमर समेत एक अज्ञात युवक भी शामिल है। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए उन्नाव जिला अस्पताल की मोर्चरी भेज दिया गया है।

21 गंभीर घायल ट्रामा सेंटर रेफर

हादसे में घायल 27 यात्रियों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें से 21 गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए Lucknow Trauma Centre रेफर किया गया है। एक महिला यात्री बिंदु देवी को मामूली चोटें आई थीं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। बस में 30 से ज्यादा यात्री सवार थे और अधिकांश यात्री बिहार के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

मौके पर पहुंचीं पुलिस और यूपीडा की टीमें

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, यूपीडा और राहत-बचाव टीमें मौके पर पहुंच गईं। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाकर बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। उन्नाव के जिलाधिकारी घनश्याम मीणा और एसएसपी जयप्रकाश सिंह ने भी घटनास्थल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने घायलों के इलाज और राहत कार्यों की निगरानी की।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताया दुख

सीएम योगी ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए और राहत कार्य में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए।

हादसे की जांच शुरू

घटना के बाद उन्नाव आरटीओ विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। पीटीओ सैफर किदवई ने बस की तकनीकी जांच शुरू कर दी है। पुलिस हादसे के पीछे की वास्तविक वजहों की जांच कर रही है, हालांकि शुरुआती जांच में चालक को झपकी आना हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है।

एक्सप्रेसवे पर बढ़ते हादसे चिंता का विषय

विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे रूट पर चलने वाली बसों में ड्राइवर की थकान और लगातार ड्राइविंग कई बार बड़े हादसों की वजह बनती है। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार और नींद की झपकी से होने वाले हादसे पहले भी सामने आ चुके हैं। फिलहाल पुलिस मृतकों के परिजनों को सूचना देने और घायलों के इलाज की व्यवस्था में जुटी हुई है। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल बना हुआ है।

रिपोर्ट – रंजन बाजपाई

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