अधिवक्ताओं के लिए सीएम योगी का बड़ा ऐलान, जल्द मिलेगी कैशलेस इलाज की सुविधा
गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिवक्ताओं के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा शुरू करने की घोषणा की। साथ ही अधिवक्ता कल्याण निधि, सामाजिक सुरक्षा और न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने पर सरकार की प्राथमिकताओं को बताया।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में अधिवक्ताओं के लिए बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार उन्हें कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था करेगी। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता केवल न्यायालय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि संविधान की रक्षा, न्याय व्यवस्था को मजबूत करने और समाज को सही दिशा देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
कैशलेस इलाज और अधिवक्ता कल्याण पर सरकार का फोकस
बार एसोसिएशन सिविल कोर्ट गोरखपुर की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के परिचय समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अधिवक्ताओं के सामाजिक और आर्थिक हितों के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि अधिवक्ता कल्याण निधि की राशि 1.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है। इसके लिए 500 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड बनाया गया है, जिससे हजारों अधिवक्ताओं को सहायता मिल चुकी है।
लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था में अधिवक्ताओं की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र के तीनों स्तंभ—विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका—संविधान की मर्यादा में कार्य करते हैं। इन संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और आम नागरिक को न्याय दिलाने में अधिवक्ताओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध और सर्वसुलभ न्याय व्यवस्था को मजबूत करने का आह्वान किया।
सोशल मीडिया पर सतर्क रहने की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा से कुछ ताकतें असहज हैं और सोशल मीडिया के माध्यम से समाज में भ्रम फैलाने की कोशिश करती हैं। उन्होंने अधिवक्ताओं से अपील की कि वे तथ्यात्मक जानकारी के साथ समाज को जागरूक करें। कार्यक्रम में जनपद न्यायाधीश राजकुमार सिंह, बार एसोसिएशन अध्यक्ष उमापति उपाध्याय, सांसद रविकिशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
रिपोर्ट- अमरेंद्र पांडेय, गोरखपुर
यह भी पढ़ें: तिंदवारी नगर पंचायत पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, JDU ने डीएम से की बड़ी मांग



