झाड़ियों से भड़की आग ने मजदूर का आशियाना जलाया, 50 हजार नकद समेत पूरा सामान खाक
बांदा के जमवारा गांव में झाड़ियों से भड़की आग ने मजदूर का घर जला दिया। 50 हजार नकद, अनाज, कपड़े और एक बकरी जलकर राख हो गई। ग्रामीणों के प्रयास के बाद भी आग पर देर से काबू पाया गया, राजस्व टीम ने नुकसान का आकलन किया।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के बांदा में एक दर्दनाक हादसे ने एक मजदूर परिवार की पूरी जिंदगी उजाड़ दी। नरैनी तहसील के जमवारा गांव में झाड़ियों से भड़की आग की चिंगारी ने देखते ही देखते एक कच्चे घर को अपनी चपेट में ले लिया। इस आगजनी में घर का पूरा सामान, नकदी, अनाज और एक बकरी की जलकर मौत हो गई। यह घटना उस वक्त हुई जब घर के सभी सदस्य अंदर मौजूद थे। आग इतनी तेजी से फैली कि परिवार को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
खेत के पास बनी झोपड़ी में रहता था परिवार
जानकारी के अनुसार, बहादुर पुत्र परदेशी रैदास अपने परिवार के साथ खेतों के पास बनी झोपड़ी में रहता था। घटना के समय पूरा परिवार घर के अंदर आराम कर रहा था, तभी अचानक बाहर से धुआं और आग की लपटें दिखाई देने लगीं। जैसे ही लोगों ने आग को बढ़ते देखा, परिवार के सदस्यों ने शोर मचाकर महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके साथ ही पालतू जानवरों को भी रस्सी खोलकर बाहर किया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
झाड़ियों से शुरू हुई आग ने पूरे घर को घेरा
स्थानीय लोगों के मुताबिक, आग की शुरुआत पास की झाड़ियों से हुई थी, जो धीरे-धीरे हवा के साथ फैलते हुए घर तक पहुंच गई। देखते ही देखते आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। गांव के लोग मौके पर पहुंचे और बाल्टी व अन्य संसाधनों से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि प्रयास नाकाफी साबित हुए।
50 हजार नकद समेत पूरा सामान जलकर राख
इस हादसे में परिवार का भारी नुकसान हुआ है। पीड़ित के अनुसार-
- बकरियों की बिक्री के 50 हजार रुपये नकद
- करीब 5 कुंतल गेहूं
- 1-1 कुंतल अरहर और चना
- भूसा और घरेलू सामान
- कपड़े और जरूरी दस्तावेज
सब कुछ जलकर राख हो गया। इसके अलावा एक बकरी की भी आग में जलकर मौत हो गई।
देर से पहुंची दमकल, तब तक सब खत्म हो चुका था
ग्रामीणों की सूचना पर दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आग पूरे घर को तबाह कर चुकी थी। फायर ब्रिगेड ने देर शाम तक आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन बीच-बीच में आग फिर से भड़कती रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय पर दमकल पहुंच जाती तो नुकसान कुछ हद तक कम किया जा सकता था।
प्रशासन ने किया नुकसान का आकलन
घटना की सूचना पर राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का आकलन किया। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है।
पीड़ित ने बयां किया दर्द
पीड़ित बहादुर सिंह ने बताया कि यह हादसा उनके लिए किसी बड़े सदमे से कम नहीं है। मेहनत की कमाई और घर का सारा सामान कुछ ही मिनटों में जलकर राख हो गया।
बढ़ती गर्मी और आग की घटनाओं पर चिंता
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, गर्मी के मौसम में झाड़ियों में आग लगने की घटनाएं अक्सर बढ़ जाती हैं। सूखी घास और तेज हवाएं ऐसे हादसों को और भी खतरनाक बना देती हैं। फिलहाल प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि खेतों और झाड़ियों के आसपास आग लगने जैसी किसी भी स्थिति की तुरंत सूचना दें, ताकि ऐसे बड़े नुकसान को रोका जा सके।
रिपोर्ट – इक़बाल खान
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