कानपुर देहात: बेटी पर पिता का कहर! बेरहमी से पीटता रहा, वीडियो देख कांप जाएंगे

कानपुर देहात के हिम्मपुर्वा गांव में पिता द्वारा बेटी की बेरहमी से पिटाई का वीडियो वायरल हुआ है। जमीन पर गिराकर डंडों से मारपीट के इस मामले ने लोगों को झकझोर दिया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और कार्रवाई की तैयारी है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क:  उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक पिता द्वारा अपनी ही बेटी को बेरहमी से पीटने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना के बाद इलाके में आक्रोश और हैरानी का माहौल है। यह मामला गजनेर थाना क्षेत्र के हिम्मपुर्वा गांव का बताया जा रहा है, जहां एक पारिवारिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।

जमीन पर गिराकर डंडों से बेरहमी से पिटाई

वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति अपनी बेटी को जमीन पर गिराकर डंडों से बेरहमी से पीट रहा है। पीड़िता दर्द से चीखती और बचने की कोशिश करती नजर आती है, लेकिन आरोपी लगातार उसे पीटता रहता है। यह दृश्य देखने वालों के लिए बेहद भयावह है और इसी वजह से वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया।

पड़ोसियों ने बनाया वीडियो, मामला हुआ वायरल

घटना के दौरान आसपास मौजूद पड़ोसियों ने पूरी वारदात को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और देखते ही देखते यह मामला चर्चा का विषय बन गया। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग शुरू कर दी है।

गांव में तनाव, लोगों में आक्रोश

घटना के बाद हिम्मपुर्वा गांव में तनाव और गुस्से का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की हिंसा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती, खासकर जब मामला परिवार के अंदर का हो। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

पुलिस ने शुरू की जांच

मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस हरकत में आ गई है। पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर जांच शुरू कर दी है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि पीड़िता और आरोपी दोनों से पूछताछ की जाएगी और तथ्य सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

घरेलू हिंसा पर फिर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर घरेलू हिंसा और पारिवारिक विवादों में बढ़ती हिंसा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में समय पर काउंसलिंग और सामाजिक हस्तक्षेप बेहद जरूरी है, ताकि विवाद हिंसक रूप न लें।

कानून और समाज की जिम्मेदारी

कानून विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी व्यक्ति को इस तरह से शारीरिक हिंसा का अधिकार नहीं है। ऐसे मामलों में तुरंत पुलिस कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया जरूरी होती है। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और पूरे मामले की सच्चाई सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।

रिपोर्ट – प्रांजुल मिश्रा

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