हुगली में कल्याण बनर्जी पर हमला, TMC नेताओं पर अटैक बीजेपी की साजिश
ममता के भतीजे और TMC नेता अभिषेक बनर्जी के ऊपर हुए हमले के बाद अब TMC नेता कल्याण बनर्जी के ऊपर अटैक हुआ है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बंगाल में भाजपा सरकार आने से पहले बड़े-बड़े दावे किये जा रहे थे कि सरकार आएगी तो ये होगा वो होगा गुंडाराज खत्म होगा। लेकिन सरकार आने के बाद इसका विपरीत हो रहा है।
दरअसल जबसे बंगाल की कमान सुवेंदु अधिकारी ने संभाली है तबसे गुंडाराज बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। आम जनता तो परेशान है ही विपक्षी नेताओं पर भी अटैक हो रहे हैं। जिससे बंगाल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। दरअसल बंगाल में के बाद एक बड़े विपक्षी नेताओं पर हमले हुए हैं लेकिन सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। और भाजपाई चमचों की चोंच अब नहीं खुल रही है।
ममता के भतीजे और TMC नेता अभिषेक बनर्जी के ऊपर हुए हमले के बाद अब TMC नेता कल्याण बनर्जी के ऊपर अटैक हुआ है। दिनों के भीतर दो नेताओं पर अटैक हैरान करने वाला है और सरकार पर सीधे सवाल उठ रहे हैं। हमले का वीडियो भी सामने आया है.
सामने आई जानकारी के मुताबिक हुगली में चंदिताला पुलिस स्टेशन में डेलीगेशन को लीड कर रहे टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी पर हमला किया गया. प्रदर्शनकारियों ने उन्हें घेर लिया, काले झंडे दिखाए, नारे लगाए और पर उन पर हमला किया.
हालांकि, बीच में सुरक्षा कर्मियों और सहयोगियों ने कल्याण बनर्जी को बचाने की कोशिश की लेकिन इस दौरान सिर पकड़कर सड़क पर गिर गए। खून निकलने लगा। कल्याण बनर्जी टीएमसी के मजबूत नेता हैं और ममता बनर्जी के करीबी माने जाते हैं। उनका हमला साफ संदेश है कि अब टीएमसी के किसी भी नेता को छोड़ा नहीं जाएगा
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब हाल के दिनों में पश्चिम बंगाल में कई टीएमसी नेताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हैं. इससे पहले दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में सांसद अभिषेक बनर्जी के दौरे के दौरान भी भारी विरोध हुआ था. उस दौरान उनके ऊपर अंडे और अन्य वस्तुएं फेंके जाने तथा धक्का-मुक्की होने के आरोप लगे थे.
हुगली की इस घटना को लेकर अभी तक पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. वहीं, मामले को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं. टीएमसी नेताओं का कहना है कि पार्टी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि विरोधी पक्ष का कहना है कि जनता अपने मुद्दों को लेकर विरोध दर्ज करा रही है.
अभिषेक पर हुए हमले को लेकर देशभर में विपक्षी नेताओं ने जोरदार हमला बोला। सोनारपुर में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को लेकर कई राजनीतिक दलों के नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आई। इसी कड़ी में राहुल गांधी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सांसद अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में हुआ हमला बेहद निंदनीय है. एक सांसद पर हमला सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं.
यह उस जनता पर है जिसने उन्हें चुना, और उस लोकतंत्र पर है जो हम सबकी साझी विरासत है. राहुल ने कहा कि यह BJP की बदले की राजनीति का घिनौना रूप है. राजनीतिक मतभेद कभी हिंसा का कारण नहीं बन सकते. केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार – दोनों दोषियों पर तत्काल कार्रवाई करें. यह सुनिश्चित करें कि कोई भी जन-प्रतिनिधि, किसी भी दल का हो, अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित न रहे. राहुल ने कहा कि अभिषेक जी, मेरी संवेदनाएं आपके और आपके परिवार के साथ हैं. आप जल्द स्वस्थ हों.
इससे पहले ममता बनर्जी ने भी अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को लेकर नाराजगी जता चुकी है. उन्होंने सीधे तौर पर इस हमले के लिए बीजेपी को निशाना बनाया है. साथ ही बीजेपी को हत्यारा करार दिया है. ममता बनर्जी अभिषेक बनर्जी से मिलने के लिए अपोलो अस्पताल भी पहुंची.
वहीं अभिषेक के बाद अब कल्याण पर हमला होना TMC नेताओं के लिए बड़े खतरे की तरफ इशारा कर रहा है। साथ ही सवाल खड़े भी खड़े हो रहे हैं कि भाजपा की सरकार बनते ही ये गुंडाराज क्यों शुरू हुआ? पिछले 15 साल टीएमसी की सरकार में भी हिंसा होती थी, लेकिन अब सत्ता बदलते ही विपक्षी नेताओं पर सीधे हमले हो रहे हैं।
भाजपा कह रही है कि ये जनता का गुस्सा है, लेकिन सच ये है कि सत्ता में आने के बाद विरोधियों को डराने-धमकाने का सिलसिला तेज हो गया है। पोस्ट-पोल हिंसा में कई लोग मारे गए। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, लेकिन टीएमसी नेताओं पर लगातार हमले साफ तौर पर दिखाते हैं कि नई सरकार सहनशीलता नहीं दिखा रही।
ये घटनाएं लोकतंत्र के लिए खतरा हैं। बंगाल हमेशा से राजनीतिक हिंसा के लिए जाना जाता है। लेकिन नई सरकार को चाहिए था कि वो शांति बनाए रखे। इसके बजाय विपक्ष के बड़े चेहरों को निशाना बनाया जा रहा है। अभिषेक बनर्जी टीएमसी के महासचिव हैं और युवा नेतृत्व का चेहरा। कल्याण बनर्जी अनुभवी सांसद हैं। इन पर हमले से साफ है कि भाजपा पुरानी हिसाब-किताब चुकाना चाहती है।
जो लोग टीएमसी को वोट देते थे, उन्हें अब डर लग रहा होगा। सत्ता बदलने से रोजगार, शिक्षा या स्वास्थ्य पर फोकस होना चाहिए था, लेकिन पहले गुंडे और भीड़ की राजनीति शुरू हो गई। भाजपा केंद्र में भी सत्ता में है और अब राज्य में भी। लेकिन इस तरह की घटनाएं उनकी छवि खराब करती हैं। वे “सबका साथ, सबका विकास” की बात करते हैं, लेकिन बंगाल में विपक्ष को कुचलने का रवैया दिखा रहे हैं।
मान लिया कि बंगाल की जनता ने बदलाव चाहा था। लेकिन नया बदलाव अगर गुंडाराज ला रहा है तो ये ठीक नहीं। हर सरकार को विपक्ष को काम करने का मौका देना चाहिए। हमले करके लोकतंत्र को कमजोर नहीं करना चाहिए। अभी स्थिति तनावपूर्ण है। केंद्रीय बल तैनात हैं, लेकिन घटनाएं रुक नहीं रही हैं। भाजपा को चाहिए कि वो अपनी जीत का फायदा उठाकर विकास के काम करे, न कि पुरानी दुश्मनी निकाले।



