आंखों के लिए ये योगासन हैं फायदेमंद

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
आज के डिजिटल दौर में मोबाइल, लैपटॉप और स्क्रीन टाइम बढऩे के कारण आंखों की समस्याएं आम हो गई हैं। कम उम्र में ही चश्मा लगना अब कोई नई बात नहीं रह गई है। ऐसे में लोगों के मन में अक्सर सवाल उठता है कि क्या योग करने से आंखों का चश्मा हट सकता है। योग को सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है और आंखों की एक्सरसाइज व प्राणायाम को लेकर कई दावे किए जाते हैं। सोशल मीडिया और इंटरनेट पर यह भी कहा जाता है कि नियमित योग अभ्यास से नजर तेज हो सकती है और चश्मे की जरूरत खत्म हो सकती है। लेकिन आंखों की रोशनी कम होने के पीछे कई मेडिकल कारण होते हैं, जिन्हें समझना जरूरी है। हमारी आंखों की मांसपेशियां लगातार फोकस बदलने, स्क्रीन देखने और प्रकाश के संपर्क में आने के कारण थक जाती हैं। ऐसे में योग अभ्यास इन मांसपेशियों को मजबूत और लचीला बनाए रखने में सहायक होते हैं। सबसे पहले तो ये जान लें कि सही योग आंखों की मांसपेशियों को रिलैक्स करने, तनाव कम करने और आंखों की थकान दूर करने में बहुत मददगार होता है।
पाल्मिंग
पाल्मिंग तकनीक से आंखों को तुरंत राहत पहुंचाता है और आंखों में जलन, थकान या सूखापन कम करता है। निकट दृष्टि दोष, दूर दृष्टि दोष या एस्टिग्मेटिज्म जैसी एरर के लिए योग अकेले पर्याप्त नहीं है। ये शारीरिक कारणों से होने वाली दृष्टि समस्याएं हैं, जिन्हें केवल नियमित नेत्र जांच, सही चश्मा या लेजर सर्जरी के जरिए ही नियंत्रित किया जा सकता है। आई पामिंग एक आसान तकनीक है जिसमें आप अपनी हथेलियों को रगडक़र उन्हें गर्म करते हैं और फिर हल्के से बंद करके आंखों पर रखते हैं। इससे आंखों की मांसपेशियों को तुरंत आराम मिलता है और आप एनर्जेटिक महसूस करते हैं। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन का एक अध्ययन दर्शाता है कि आई पामिंग तकनीक को अपनाने से विज़ुअल रिएक्शन टाइममें सुधार लाया जा सकता है।
अनुलोम-विलोम
अनुलोम-विलोम और कपालभाति प्राणायाम रक्त संचार को बढ़ाते हैं। जिसके चलतेआंखों के आसपास के छोटे रक्त वाहिकाओं में ब्लड फ्लो बढऩे से आंखों की थकान कम होती है। इनकी मदद से ऑक्सीजन और न्यूट्रिएंट्स बेहतर तरीके से पहुंचते हैं। यदि इन योग को अपनी दिनचर्या में शामिल किया जाए, तो यह आंखों के लिए लंबी अवधि में बहुत लाभकारी हो सकता है। ये दोनों योगासन न केवल आंखों को रिलैक्स करता है, बल्कि मानसिक तनाव कम कर आंखों और दिमाग दोनों को फायदा पहुंचाता है। बस ये समझ लें कि इसकी मदद से आप अपनी आंखों पर लगे चश्मे को नहीं हटा सकते लेकिन आप अपनी आंखों की समस्या को कम कर सकते हैं।
त्राटक
इस तकनीक से आंखों की फोकसिंग क्षमता बढ़ाता है और नेत्र मांसपेशियों की मजबूती के साथ-साथ मानसिक शांति भी देता है। योग आंखों की हेल्थ को सपोर्ट करता है, आंखों की थकान और स्ट्रेन कम करता है, लेकिन यह चश्मे का विकल्प नहीं बन सकता। इसलिए आंखों की रोशनी में कमी महसूस होने पर डॉक्टर की सलाह लेना और समय-समय पर आंखों की जांच कराना अत्यंत जरूरी है। त्राटक योग करने के लिए सबसे पहले आप किसी कमरे में एक योगा मैट बिछा लें। अपना सिर, अपनी गर्दन और पीठ को एकदम सीधा रखें। ध्यान मुद्रा में बैठकर, आंखें बंद कर लें। जिस वस्तु पर आपको ध्यान केंद्रित करना है, उसे अपनी आंखों के एकदम समानांतर रखें। इसके बाद धीरे-धारे अपनी आंखें खोलें और वस्तु पर ध्यान केंद्रित करें। इसे तब तक देखते रहें, जब तक आपकी आंखों से पानी नहीं निकल जाएगा।



