कानपुर में तेंदुए का आतंक! फूल तोड़ रहे युवक पर अचानक हमला, गांव में दहशत
कानपुर के महाराजपुर थाना क्षेत्र के बैजाखेड़ा गांव में तेंदुए ने खेत में फूल तोड़ रहे युवक पर हमला कर दिया। ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से तेंदुए को खदेड़ा। घायल युवक को अस्पताल भेजा गया। गांव में दहशत और वन विभाग के खिलाफ आक्रोश है।

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क: कानपुर के महाराजपुर थाना क्षेत्र स्थित बैजाखेड़ा गांव में बुधवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब खेत में फूल तोड़ रहे एक युवक पर अचानक तेंदुए ने हमला कर दिया। तेंदुए के हमले से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसकी चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण मौके की ओर दौड़े और लाठी-डंडों की मदद से तेंदुए को खदेड़कर युवक की जान बचाई। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में जंगली जानवर की मौजूदगी की आशंका पहले से जताई जा रही थी, लेकिन समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
अचानक झाड़ियों से निकला तेंदुआ
ग्रामीणों के अनुसार सुबह के समय युवक खेत में फूल तोड़ने गया था। इसी दौरान खेत के पास मौजूद झाड़ियों से अचानक तेंदुआ निकलकर उस पर झपट पड़ा। हमले की वजह से युवक जमीन पर गिर पड़ा और मदद के लिए शोर मचाने लगा। युवक की आवाज सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए तेंदुए का सामना किया और लाठी-डंडों से उसे वहां से भगाने में सफल रहे। इसके बाद घायल युवक को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
महिला को भी दौड़ाया, खेतों में मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमले के दौरान पास में मौजूद एक महिला को भी तेंदुए ने दौड़ा लिया। हालांकि महिला किसी तरह सुरक्षित स्थान पर पहुंच गई, लेकिन इस घटना ने ग्रामीणों में भय का माहौल और बढ़ा दिया। घटना के बाद खेतों में काम कर रहे लोगों ने अपने काम छोड़ दिए और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। कई परिवारों ने बच्चों और महिलाओं को घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है।
इलाज को लेकर परिजनों का आरोप
घायल युवक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उसे समय पर समुचित चिकित्सा सुविधा नहीं मिल सकी। उनका कहना है कि घायल को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल रेफर किया जाता रहा, जिससे उपचार में देरी हुई। परिजनों का दावा है कि हमले के तुरंत बाद उन्होंने पुलिस हेल्पलाइन 112 और वन विभाग को कई बार सूचना दी, लेकिन काफी देर तक कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची। इसको लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है।
वन विभाग और प्रशासन की भूमिका पर सवाल
घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी की सूचना पहले से थी तो सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए थे। ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग तत्काल विशेष अभियान चलाकर तेंदुए को पकड़ने की व्यवस्था करे ताकि किसी बड़ी अनहोनी को रोका जा सके।
गांव में बढ़ी निगरानी, लोग सतर्क
तेंदुए के हमले के बाद बैजाखेड़ा गांव और आसपास के इलाकों में लोग सतर्क हो गए हैं। ग्रामीण समूह बनाकर खेतों की निगरानी कर रहे हैं और बच्चों को अकेले बाहर न जाने की सलाह दी जा रही है। फिलहाल प्रशासन और वन विभाग की ओर से आधिकारिक कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि जब तक तेंदुआ पकड़ा नहीं जाता, तब तक गांव में भय का माहौल बना रहेगा।
यह भी पढ़ें: कानपुर: मछली पकड़ने को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष, कई घायल, पांच हिरासत में



