सीतापुर: डीएम के औचक निरीक्षण में खुली पोल! स्वास्थ्य केंद्र में मिलीं चौंकाने वाली खामियां

सीतापुर के कचनार आयुष्मान आरोग्य मंदिर के औचक निरीक्षण में डीएम डॉ. राजा गणपति आर को कई खामियां मिलीं। गर्भवती महिला ट्रैकिंग रजिस्टर, पुष्टाहार वितरण और स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर नोटिस, वेतन रोकने और कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क: सरकारी योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए सीतापुर के जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर ने बुधवार को ऐलिया ब्लॉक की ग्राम पंचायत कचनार स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण व्यवस्था, गर्भवती महिलाओं की निगरानी और अभिलेखों की जांच में कई खामियां सामने आईं, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। निरीक्षण के दौरान डीएम ने स्पष्ट संदेश दिया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

गर्भवती महिला ट्रैकिंग रजिस्टर में मिलीं गंभीर कमियां

जिलाधिकारी ने जब गर्भवती महिलाओं से संबंधित ट्रैकिंग रजिस्टर की जांच की तो उसमें कई आवश्यक जानकारियां अधूरी पाई गईं। इस पर उन्होंने संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकत्री को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। ऐसे में रिकॉर्ड संधारण में लापरवाही गंभीर विषय है, जिससे लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में बाधा आ सकती है।

एएनएम पर अनुशासनिक कार्रवाई के निर्देश

निरीक्षण के दौरान एएनएम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे। रिकॉर्ड और स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में खामियां पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित एएनएम के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई करने और उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए।

पुष्टाहार वितरण में लापरवाही पर फटकार

आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से संचालित होने वाले पुष्टाहार वितरण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान भी अनियमितताएं सामने आईं। इस पर डीएम ने संबंधित सुपरवाइजर को कड़ी फटकार लगाई और व्यवस्था में तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को समय पर पोषण सामग्री उपलब्ध कराना सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, जिसे गंभीरता से निभाया जाना चाहिए।

प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश

निरीक्षण में सामने आई कमियों के लिए जिलाधिकारी ने संबंधित प्रभारी चिकित्सा अधिकारी की जिम्मेदारी भी तय की। उन्होंने अधिकारियों को प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए और जवाब तलब करने को कहा। डीएम ने कहा कि किसी भी स्वास्थ्य केंद्र की कार्यप्रणाली की निगरानी की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होती है और इस दायित्व में लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।

शिशु टीकाकरण और स्वास्थ्य सेवाओं की भी जांच

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने शिशुओं के टीकाकरण कार्यक्रम, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और लाभार्थियों को मिल रही सुविधाओं की भी मौके पर जांच की। उन्होंने मौजूद लाभार्थियों से बातचीत कर योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति जानने का प्रयास किया। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए नियमित निगरानी और समीक्षा की जाए।

नवागत सीएमओ को दिए विशेष निर्देश

निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने नवागत मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को जिले के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की नियमित और सख्त मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े प्रत्येक केंद्र पर रिकॉर्ड अपडेट रखने, लाभार्थियों की सही ट्रैकिंग और योजनाओं के प्रभावी संचालन को प्राथमिकता दी जाए ताकि आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। डीएम का यह निरीक्षण स्वास्थ्य विभाग के लिए स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर जवाबदेही तय की जाएगी।

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रिपोर्ट – वली चौधरी

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