अमृतसर की छात्रा की मौत के बाद सख्त हुई पंजाब सरकार, फीस बढ़ोतरी पर लगाम
अमृतसर में छात्रा की आत्महत्या के बाद पंजाब सरकार ने निजी स्कूलों की मनमानी फीस बढ़ोतरी पर शिकंजा कसने जा रही है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: अमृतसर में छात्रा की आत्महत्या के बाद पंजाब सरकार ने निजी स्कूलों की मनमानी फीस बढ़ोतरी पर शिकंजा कसने जा रही है.
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ऐलान किया है कि अब प्राइवेट स्कूल 5% से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेंगे. आगामी विधानसभा सत्र में इससे संबंधित सख्त कानून लाया जाएगा, जिसके तहत बढ़ी हुई फीस भी वापस करनी होगी.
अमृतसर में स्कूल प्रशासन के दबाव की वजह से 17 साल की एक छात्रा ने आत्महत्या कर ली. इस मामले के बाद पंजाब सरकार ने सख्त रवैया अपनाया है. प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस बढ़ोतरी को रोकने के लिए पंजाब की भगवंत मान सरकार विधानसभा में सख्त कानून लाने जा रही है. इसके तहत राज्य में अब प्राइवेट स्कूल 5 फीसदी से ज्यादा फीस नहीं बढ़ा सकेंगे. सीएम भगवंत मान ने इसकी घोषणा की है. आगामी विधानसभा सत्र में इसके लिए कानून लाया जाएगा.
छात्रा की आत्महत्या मामले पर सीएम ने कहा कि एक होनहार छात्रा स्कूल माफिया का शिकार बन गई. स्कूल ने मनमानी फीस वसूलने का दबाव बनाया और छात्रा को प्रताड़ित किया. छात्रा को जान देने के लिए मजबूर किया गया. हम प्राइवेट स्कूलों को मनमानी नहीं करने देंगे. सीएम भगवंत मान ने कहा कि जिन स्कूलों ने 12 या 15% तक फीस बढ़ोतरी कर दी है, उन्हें कानून बनने पर बढ़ी हुई फीस अभिभावकों को वापस करनी होगी.
मेरे पास कई अभिभावकों और बच्चों के फोन आए’
मुख्यमंत्री ने कहा, पिछले 24 घंटे में मेरे पास कई अभिभावकों और बच्चों के फोन आए हैं. मुझे पता चला है कि बकाया शुल्क न चुकाने के नाम पर लोगों को परेशान किया जा रहा है. उनका कहना है कि जब तक वो बकाया राशि का भुगतान नहीं करेंगे, उन्हें रोल नंबर नहीं दिए जाएंगे. उन्हें अक्सर डिग्री रोकने की धमकी भी दी जाती है. ठीक वैसे ही जैसे अमृतसर की उस लड़की के साथ हुआ.
सीएम भगवंत मान का अमरिंदर सरकार पर हमला
सीएम भगवंत मान ने इस दौरान अमरिंदर सिंह सरकार पर हमला भी बोला. उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकार ने 2019 में स्कूलों को मनमाने ढंग से फीस बढ़ाने की छूट दी थी. इससे पहले फीस में केवल 8 फीसदी की वृद्धि की अनुमति थी. इसके बाद सभी स्कूलों ने फीस बढ़ा दी. कैप्टन अमरिंदर सिंह खुद एक स्कूल के मालिक हैं. ऐसे में उन्होंने यह फैसला किया था कि स्कूल जितनी चाहें उतनी फीस बढ़ा सकते हैं. हम इस कानून को रद्द कर रहे हैं. इसे घटाकर 5 प्रतिशत कर रहे हैं.
अब स्कूलों का हर साल ऑडिट किया जाएगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब स्कूलों का हर साल ऑडिट किया जाएगा. हम बड़ा कानून ला रहे हैं. इसमें शिक्षा से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के एक्सपर्ट्स को शामिल किया गया है. पूरी रणनीति उनकी राय के आधार पर तैयार की जाएगी. पंजाब गैर-सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों के शुल्क विनियमन अधिनियम-2026 के अध्यादेश में संशोधन किया जाएगा.



