गैस सिलेंडर के बढ़ते दामों पर घिरी मोदी सरकार, छोटे कारोबारियों में नाराजगी
देश में लगातार बढ़ती महंगाई के बीच कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों ने छोटे कारोबारियों की कमर तोड़ दी है... कांग्रेस का आरोप है कि...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः देशभर में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं.. कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे पर मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है.. पार्टी का कहना है कि पिछले पांच महीनों में कमर्शियल गैस सिलेंडर करीब 1,572 रुपये महंगा हो गया है.. इससे रेस्तरां, होटल, क्लाउड किचन, छोटे खाद्य व्यवसाय.. और घरेलू उद्योग बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं..
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इन्फ्लेशन मैन कहकर संबोधित किया.. पार्टी का आरोप है.. कि सरकार इन बढ़ती कीमतों से आम लोगों.. और छोटे व्यापारियों की कमर तोड़ रही है.. घरेलू गैस सिलेंडर के दाम भले ही स्थिर रखे गए हों.. लेकिन कमर्शियल सिलेंडरों की लगातार बढ़ती कीमतें खाद्य क्षेत्र को नुकसान पहुंचा रही हैं.. 1 जून 2026 से कमर्शियल 19 किलो के सिलेंडर के दाम फिर बढ़ गए.. दिल्ली में यह 42 रुपये महंगा होकर 3,113.50 रुपये हो गया.. कोलकाता में 53.50 रुपये की बढ़ोतरी के बाद कीमत 3,255.50 रुपये पहुंच गई.. मुंबई और चेन्नई में भी इसी तरह की बढ़ोतरी हुई है..
वहीं अगर पिछले पांच महीनों की बात करें तो.. जनवरी 2026 में दिल्ली में 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर की कीमत करीब 1,691 रुपये थी.. अब यह 3,113 रुपये से ऊपर पहुंच चुकी है.. यानी कुल बढ़ोतरी 1,400 रुपये से ज्यादा हो चुकी है.. मई 2026 में अकेले 993 रुपये की बड़ी छलांग लगी थी.. मार्च, अप्रैल और अन्य महीनों में भी छोटी-बड़ी बढ़ोतरी हुई.. ये सिलेंडर मुख्य रूप से होटल, रेस्तरां, ढाबा, क्लाउड किचन, बेकरी, मिठाई की दुकानें.. और छोटे खाद्य उद्योग इस्तेमाल करते हैं.. इन व्यवसायों में गैस सबसे बड़ा खर्च होता है..
रेस्तरां चलाने वाले बताते हैं कि हर महीने 15-20 सिलेंडर लगते हैं.. हर सिलेंडर पर 1,000-1,500 रुपये अतिरिक्त खर्च हो रहा है.. हम दाम बढ़ाने से बच रहे हैं.. लेकिन मुनाफा घट गया है.. कई छोटे रेस्तरां बंद होने की कगार पर हैं.. क्लाउड किचन चलाने वाली एक महिला का कहना है कि.. उनके जैसे नए स्टार्टअप को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है.. हम घर से ही खाना बनाकर डिलीवर करते हैं.. गैस का खर्च बढ़ने से प्रॉफिट मार्जिन खत्म हो रहा है.. ग्राहक महंगा खाना खरीदने के लिए तैयार नहीं हैं..
आपको बता दें कि छोटे खाद्य व्यवसायी और स्ट्रीट वेंडर भी परेशान हैं.. 5 किलो के छोटे सिलेंडर भी महंगे हो गए हैं.. दिल्ली में इसकी कीमत अब 821.50 रुपये हो गई है.. चाय की दुकान, पकौड़ी वाले.. और टिफिन सर्विस चलाने वाले लोग भी प्रभावित हैं.. कांग्रेस ने कहा कि मोदी सरकार रेस्तरां, भोजनालयों, क्लाउड किचन.. और छोटी इकाइयों को नष्ट कर रही है.. पार्टी के पोस्ट में लिखा गया कि इन्फ्लेशन मैन मोदी ने फिर चाबुक चला दिया.. उन्होंने दावा किया कि पांच महीनों में 1,572 रुपये की बढ़ोतरी हुई है..



