राजेश एक्सपोर्ट्स विवाद पर विपक्ष का हमला, कांग्रेस ने उठाए गंभीर सवाल

कांग्रेस ने राजेश एक्सपोर्ट्स मामले को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है. इसके साथ ही पार्टी नेता पवन खेड़ा ने दावा है कि SEBI ने जांच में देरी की और LIC ने कंपनी में अपना निवेश बढ़ाया, जबकि शिकायतें थीं.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: कांग्रेस ने राजेश एक्सपोर्ट्स मामले को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है. इसके साथ ही पार्टी नेता पवन खेड़ा ने दावा है कि SEBI ने जांच में देरी की और LIC ने कंपनी में अपना निवेश बढ़ाया, जबकि शिकायतें थीं. खेड़ा ने कहा कि राजेश एक्सपोर्ट्स ने 2015 में 400 मिलियन डॉलर का निवेश कर स्विटजरलैंड की एक गोल्ड रिफाइनरी खरीदी लेकिन SEBI ने कोई स्क्रूटनी नहीं की.

राजेश एक्सपोर्ट्स पर रूपए15.15 लाख करोड़ के रेवेन्यू में गड़बड़ी के आरोप लगे हैं. इस मामले को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है. पार्टी नेता पवन खेड़ा ने कहा कि देश की जनता 15 लाख रुपए खाते में आने की आस में बैठी रही लेकिन नरेंद्र मोदी के दोस्त राजेश भाई ने 15 लाख करोड़ का घोटाला कर लिया. मेहुल भाई, विजय भाई, नीरव भाई, ललित भाई, राजेश भाई ये सब नरेंद्र भाई के दोस्त हैं और ये भाईचारा देश पर बहुत महंगा पड़ रहा है.

पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि SEBI ने राजेश एक्सपोर्ट्स और उसके प्रमोटर्स पर बहुत बड़े पैमाने की वित्तीय धोखाधड़ी और पैसे का गबन करने का आरोप लगाया है. इस मामले में SEBI ने जांच शुरू करने में ही 7 महीने लगा दिए. आखिर में जब SEBI की आंख खुली तो उन्होंने आदेश दिया. इसके बाद राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयर्स की खरीद-फरोख्त बंद हुई.

2016 में एलआईसी ने 1.99% का निवेश किया
खेड़ा ने कहा कि 2016 में एलआईसी ने राजेश एक्सपोर्ट्स में 1.99% का निवेश किया था. वहीं, 31 मार्च 2026 तक एलआईसी ने राजेश एक्सपोर्ट्स में में 10.80% का निवेश कर दिया. एलआईसी के अलावा छोटे निवेशकों ने भी इस कंपनी में जमकर निवेश किया. फरवरी 2023 में राजेश एक्सपोर्टस का मार्केट कैपेटलाइजेशन 28 हजार करोड़ रुपए था.

उन्होंने कहा कि 5 जून 2026 को राजेश एक्सपोर्टस का मार्केट कैपिटलाइजेशन गिरकर 3 हजार करोड़ रुपए हो गया. इस घोटाले में देश के निवेशकों के 25 हजार करोड़ रुपए डूब गए. मार्च 2024 में एक शेयरहोल्डर ने शिकायत की लेकिन एलआईसी लगातार राजेश एक्सपोर्ट्स में पैसे लगाता रहा. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि माधबी पुरी बुच ने 7 महीने तक उस शिकायत पर कुछ नहीं किया.

स्विटजरलैंड की गोल्ड रिफाइनरी खरीदी
खेड़ा ने कहा कि साल 2015 में राजेश एक्सपोर्ट्स ने 400 मिलियन डॉलर का निवेश कर स्विटजरलैंड की एक गोल्ड रिफाइनरी खरीदी लेकिन SEBI ने कोई स्क्रूटनी नहीं की. राजेश एक्सपोर्ट्स ऐसी कंपनी है, जो गोल्ड ज्वेलरी और GEMS का काम करती है और उनका एनर्जी स्टोरेज सेक्टर से कोई लेना-देना नहीं है. मगर 23 मार्च 2022 में मोदी सरकार की मिनिस्ट्री ऑफ हैवी इंडस्ट्रीज ने राजेश एक्सपोर्ट्स को 18,100 करोड़ रुपए का 5 GW मैन्यूफैक्चरिंग कैपेसिटी का काम दे दिया.

कांग्रेस नेता ने कहा कि इस बिडिंग में राजेश एक्सपोर्ट्स के अलावा 7 ऐसे प्रतिद्वंदी थे, जो एनर्जी स्टोरेज सेक्टर से जुड़े थे लेकिन उन्हें काम देने के बजाए राजेश एक्सपोर्ट्स को काम दे दिया गया. साल 2020-21 और 2024-25 के बीच में राजेश एक्सपोर्ट्स ने कागजों पर 15.15 लाख करोड़ रुपए का काम दिखाया है लेकिन कोई एजेंसी नहीं जागी.

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