क्या घघरिया नदी में लौट रही है प्रकृति की अनमोल धरोहर? डॉल्फिन दिखने से बढ़ी चर्चा
सीतापुर के लहरपुर क्षेत्र में घघरिया नदी में डॉल्फिन दिखाई देने से ग्रामीणों में उत्साह और कौतूहल का माहौल है। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और निगरानी बढ़ा दी। डॉल्फिन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: सीतापुर जिले के लहरपुर क्षेत्र में उस समय उत्साह और कौतूहल का माहौल बन गया, जब घघरिया नदी में एक डॉल्फिन दिखाई दी। आमतौर पर दुर्लभ मानी जाने वाली यह जलजीव नदी की लहरों के बीच अठखेलियां करती नजर आई, जिसे देखकर ग्रामीणों में उत्सुकता बढ़ गई। देखते ही देखते इसकी चर्चा आसपास के गांवों तक पहुंच गई और बड़ी संख्या में लोग नदी किनारे पहुंचने लगे। डॉल्फिन की मौजूदगी को क्षेत्र के लोग पर्यावरण और नदी की जैव विविधता के लिए सकारात्मक संकेत मान रहे हैं। हालांकि वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और डॉल्फिन को किसी भी प्रकार की हानि न पहुंचाने की अपील की है।
चंदेसुवा गांव के पास दिखाई दी डॉल्फिन
जानकारी के अनुसार, लहरपुर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम चंदेसुवा के निकट घघरिया नदी में ग्रामीणों ने डॉल्फिन को पानी में उछलते और तैरते हुए देखा। यह दृश्य लोगों के लिए किसी आश्चर्य से कम नहीं था, क्योंकि इस क्षेत्र में डॉल्फिन दिखाई देने की घटनाएं बेहद कम होती हैं। ग्रामीणों ने अपने मोबाइल फोन से डॉल्फिन के वीडियो भी रिकॉर्ड किए, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे। वीडियो सामने आने के बाद नदी किनारे लोगों की आवाजाही बढ़ गई।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचा वन विभाग
डॉल्फिन दिखाई देने की सूचना मिलने पर वन विभाग सक्रिय हो गया। वन दरोगा अरविंद गिरी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और नदी क्षेत्र का निरीक्षण किया। विभागीय अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से अपील की कि वे डॉल्फिन से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और उसके प्राकृतिक व्यवहार में किसी प्रकार का हस्तक्षेप न करें। वन विभाग का कहना है कि डॉल्फिन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
शिकारी गतिविधियों को लेकर ग्रामीणों की चिंता
स्थानीय ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि पर्याप्त निगरानी नहीं रखी गई तो असामाजिक तत्व या शिकारी इस दुर्लभ जलजीव को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसी कारण ग्रामीणों ने भी वन विभाग से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। ग्रामीणों का मानना है कि नदी में डॉल्फिन की मौजूदगी क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसका संरक्षण सभी की जिम्मेदारी है।
जरूरत पड़ने पर किया जाएगा रेस्क्यू
वन दरोगा अरविंद गिरी ने बताया कि विभाग की टीम को मौके पर तैनात कर दिया गया है। डॉल्फिन की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि परिस्थितियां आवश्यक हुईं तो विशेषज्ञों की मदद से उसका रेस्क्यू कर सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा।
डॉल्फिन का दिखना क्यों है खास?
डॉल्फिन को स्वच्छ और जीवंत नदी पारिस्थितिकी तंत्र का संकेत माना जाता है। किसी नदी में डॉल्फिन की मौजूदगी यह दर्शाती है कि वहां का जलीय वातावरण उसके जीवन के लिए अनुकूल है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे जीवों का संरक्षण न केवल जैव विविधता बल्कि पर्यावरणीय संतुलन के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। घघरिया नदी में डॉल्फिन का दिखाई देना फिलहाल पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है, जबकि वन विभाग उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है
रिपोर्ट -वाली चौधरी
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