आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से किए वादों को तोड़ रहे पीएम मोदी: खरगे

उज्ज्वला योजना के तहत रियायती एलपीजी सिलेंडर रिफिल की संख्या 12 से घटाकर मात्र 4 करने पर भडक़ी कांग्रेस

अध्यक्ष बोले-लोग पारंपरिक चूल्हों पर लौटने को मजबूर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। उज्ज्वला योजना के तहत रियायती एलपीजी सिलेंडर रिफिल की संख्या 12 से घटाकर मात्र 4 करने पर मोदी सरकार पर कांग्रेस ने करारा प्रहार किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार पर महिला कल्याण के दावों के बावजूद गरीब परिवारों की उपेक्षा करने और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से किए वादों को तोडऩे का आरोप लगाया, जिससे लोग पारंपरिक चूल्हों पर लौटने को मजबूर हैं। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के तहत रियायती एलपीजी सिलेंडर रिफिल में कटौती को लेकर केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की और मोदी सरकार पर महिला कल्याण का दावा करते हुए गरीब परिवारों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार लगातार कल्याणकारी योजनाओं में कटौती कर रही है और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से किए गए वादों को पूरा करने में विफल रही है।

भाजपा मगरमच्छ के आंसू बहाती है, सत्ता के नशे में चूर है!

उन्होंने यह भी दावा किया कि बार-बार एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण लाखों लाभार्थियों के लिए रिफिल कराना महंगा हो गया है। खरगे ने कहा कि सिलेंडर छोडऩे के लिए मजबूर, माताएं और बहनें पारंपरिक चूल्हों की ओर लौटने के लिए विवश हैं, जबकि मोदी सरकार, जो उनकी दुर्दशा पर मगरमच्छ के आंसू बहाती है, सत्ता के नशे में चूर है! कांग्रेस का यह हमला दिल्ली में 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 913 रुपये से बढक़र 942 रुपये होने के कुछ दिनों बाद आया है। पीएमयूवाई योजना के तहत, लाभार्थियों को पहले चार वार्षिक रिफिल पर 300 रुपये प्रति रिफिल की सब्सिडी मिलने के बाद भी प्रभावी रूप से 642 रुपये प्रति सिलेंडर का भुगतान करना होगा। पिछले साल घोषित नौ सब्सिडी वाले रिफिलों की तुलना में इस साल यह राशि कम कर दी गई है।

एमजीएनआरईजीए के तहत काम करने का अधिकार छीना अब निवाला छिन रहे

खरगे ने कहा कि मोदी सरकार के गरीबी उन्मूलन अभियान की वास्तविकता यह है कि पहले तो गरीबों से एमजीएनआरईजीए के तहत काम करने का अधिकार छीन लिया गया और अब तो उनसे भोजन का एक निवाला भी छीना जा रहा है। उज्ज्वला योजना का जिक्र करते हुए खरगे ने कहा कि 2०16 मोदी जी ने दावा किया था कि उज्ज्वला योजना महिलाओं को लकड़ी के चूल्हे के धुएं से मुक्ति दिलाएगी। प्रति वर्ष 12 रियायती सिलेंडर देने का वादा किया गया था। हालांकि, पिछले साल यह संख्या 12 से घटाकर 9 कर दी गई। 2026 अब, रियायती सिलेंडरों की संख्या 9 से और घटाकर मात्र 4 कर दी गई है। संक्षेप में कहें तो, 12 का वादा, लेकिन देने का इरादा सिर्फ 4।

बंगाल से ममता को फिर झटका

राज्यसभा सांसद पद से दिया इस्तीफा, हफ्ते में दूसरी बगावत, सुष्मिता देव ने छोड़ी सदस्यता

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर मची अंदरूनी कलह और बगावत अब दिल्ली के सियासी गलियारों तक पहुंच गई है। टीएमसी प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी पर पकड़ लगातार कमजोर होती दिख रही है। पश्चिम बंगाल विधानसभा में बागी नेता रिताब्रता बनर्जी के समर्थन में 61 विधायकों के लामबंद होने के बाद, अब यह असंतोष संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) में भी फूट पड़ा है।
पार्टी के बेहद भरोसेमंद और वरिष्ठ सहयोगी सुखेंदु शेखर रॉय के राज्यसभा से इस्तीफा देने के ठीक एक हफ्ते बाद, बुधवार को टीएमसी की तेजतर्रार नेता सुष्मिता देव ने भी उच्च सदन की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। एक ही हफ्ते के भीतर दो बड़े राज्यसभा सांसदों के इस्तीफे ने ममता बनर्जी के खेमे में हडक़ंप मचा दिया है।
सुष्मिता देव देश की राजनीति, विशेषकर उत्तर-पूर्व का एक जाना-माना चेहरा हैं। देव पहले कांग्रेस पार्टी की वरिष्ठ नेता थीं और उन्होंने असम की हाई-प्रोफाइल सिलचर लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व किया था। साल 19 के लोकसभा चुनाव में हार का सामना करने के बाद, उन्होंने कांग्रेस आलाकमान से मतभेदों के चलते 21 में पार्टी छोड़ दी और तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गईं।

गद्दारों को सडक़ पर ही जूतों से पीटो: राउत

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने मंगलवार को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर गहराते संकट के बीच बागी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेताओं पर तीखी टिप्पणी करके विवाद खड़ा कर दिया।
टीएमसी के वरिष्ठ नेता और लोकसभा सांसद कीर्ति आजाद का बागी खेमे पर हमला करते हुए एक वीडियो को दोबारा साझा करते हुए, शिवसेना नेता ने सुझाव दिया कि बागियों को, जिन्हें उन्होंने गद्दार बताया, सडक़ पर ही जूतों से पीटा जाना चाहिए। राउत ने एक्स पर लिखा कि महान कीर्ति आजाद, ऐसे गद्दारों को सडक़ पर ही जूतों से पीटना चाहिए।

12 साल मोदी के रिकॉर्ड कार्यकाल पर विपक्ष ने किया तीखा प्रहार

कांग्रेस ने सरकार को घेरा सुरजेवाला बोले- जनता पर महंगाई की दोहरी मार
एनडीए सरकार कैबिनेट ने सराहना प्रस्ताव पास किया

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर जहां एनडीए सरकार कैबिनेट ने सराहना प्रस्ताव पास किया है। वहीं कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष ने करारा प्रहार किया है। कांग्रेस ने भाजपा पर महंगाई को लेकर बड़ा हमला बोला है। कांग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि पेट्रोल, डीजल, गैस और जरूरी सामान की कीमतों ने गरीब और मध्यम वर्ग की हालत खराब कर दी है।
वहीं कांग्रेस नेता कुलदीप सिंह राठौर ने नरेंद्र मोदी और जवाहरलाल नेहरू की तुलना को गलत बताया और कहा कि इतिहास काम से याद रखता है, कार्यकाल की लंबाई से नहीं। कांग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि सरकार अमृतकाल और विकास के दावे कर रही है, लेकिन जमीन पर आम आदमी महंगाई से परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेट्रोल, डीजल, गैस और रोजमर्रा की जरूरत की चीजों की कीमतों ने गरीब और मध्यम वर्ग की कमर तोड़ दी है। कांग्रेस ने कहा कि सरकार विज्ञापनों में अर्थव्यवस्था चमका रही है, जबकि जनता महंगाई की मार झेल रही है।

किसी प्रधानमंत्री का मूल्यांकन उसके कार्यकाल की लंबाई से नहीं बल्कि देश के लिए किए गए काम से होना चााहिए : कुलदीप राठौर

कांग्रेस विधायक और प्रवक्ता कुलदीप सिंह राठौर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से किए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसी प्रधानमंत्री का मूल्यांकन उसके कार्यकाल की लंबाई से नहीं, बल्कि देश के लिए किए गए काम से होना चाहिए। राठौर ने कहा कि नेहरू ने आजाद भारत की नींव रखी, पंचवर्षीय योजनाएं शुरू कीं और बड़े शिक्षण संस्थान बनाए। उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास सरकारों को उनके लोकतंत्र, अर्थव्यवस्था और जनता के हित में किए गए कामों के आधार पर याद रखता है।

सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए?

सुरजेवाला ने कहा कि डबल इंजन सरकार की वजह से जनता पर डबल मार पड़ रही है। उन्होंने कहा कि ईंधन महंगा होने से परिवहन खर्च बढ़ गया और इसका असर हर चीज की कीमत पर पड़ा। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि पहले जिस पैसे में पूरे महीने का राशन आ जाता था, अब उसी रकम में कम सामान मिल रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाएं खुद बता रही हैं कि अब उन्हें दाल, तेल और चीनी जैसी चीजें कम मात्रा में खरीदनी पड़ रही हैं।

लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं पीएम मोदी : जयराम रमेश

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी पीएम मोदी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने भले ही स्वघोषित और संदिग्ध उपलब्धि हासिल कर ली हो, लेकिन वह देश की गर्दन पर चक्की का पाट बन गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के दौर में लोकतंत्र, संस्थाओं और सामाजिक न्याय को कमजोर किया गया है। कांग्रेस ने जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल और उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मोदी सरकार पर कई गंभीर सवाल उठाए।जयराम रमेश ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू 15 अगस्त 1947 को प्रधानमंत्री बने थे और उनके साथ सरदार पटेल, डॉ. भीमराव आंबेडकर, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, सी. राजगोपालाचारी और मौलाना अबुल कलाम आजाद जैसे बड़े नेता थे। उन्होंने कहा कि 1947 से 1952 के बीच आधुनिक भारत की नींव रखी गई। इसी दौरान 560 से ज्यादा रियासतों का भारत में विलय हुआ, संविधान बना, अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए आरक्षण लागू हुआ और बड़े सिंचाई तथा बिजली प्रोजेक्ट शुरू किए गए। कांग्रेस का दावा है कि उस दौर में भारत ने विज्ञान, तकनीक और वैश्विक राजनीति में मजबूत पहचान बनाई।

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर महासंग्राम

विपक्ष ने चुनाव आयोग व भाजपा को घेरा
स्मृति ईरानी के हलफनामे पर चुप्पी क्यों : प्रियंका चतुर्वेदी
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन खारिज होने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने चुनाव आयोग और बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि स्मृति ईरानी के हलफनामों में कथित विसंगतियों को नजरअंदाज किया गया, जबकि नटराजन का नामांकन मामूली शिकायत के आधार पर रद्द कर दिया गया।
कांग्रेस समेत विपक्ष के अन्य दल और चुनाव आयोग के बीच टकराव तेज हो गया है। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने की कोशिश बताते हुए बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं अब इस मामले पर शिवसेना (यूबीटी) की पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने स्मृति ईरानी का जिक्र करते हुए चुनाव आयोग और बीजेपी पर हमला बोला है। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज होने के बाद पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर बीजेपी और चुनाव आयोग पर हमला बोला। उन्होंने बीजेपी नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का जिक्र करते हुए कहा, स्मृति ईरानी लोकसभा हलफनामों में अपनी तीन अलग-अलग शैक्षणिक योग्यताएं बताकर चुनाव लड़ सकती हैं और आयोग उसे नजर अंदाज कर देता है, लेकिन नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया जाता है। प्रियंका चतुर्वेदी ने एक्स पर लिखा- बीजेपी की स्मृति ईरानी अपने लोकसभा हलफनामों में तीन अलग-अलग शैक्षणिक योग्यताएं बताकर चुनाव लड़ सकती हैं और चुनाव आयोग उनकी सभी शिकायतों को नजरअंदाज कर देता है, लेकिन कांग्रेस की मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द कर दिया जाता है। क्योंकि उनके हलफनामे में किसी ऐसी मामूली शिकायत का जिक्र नहीं था, जिसके लिए न तो कोई स्नढ्ढक्र हुई थी और न ही उन्हें चुनाव आयोग के सामने अपनी बात रखने का कोई मौका मिला था।

बीजेपी ने जताई थी आपत्ति

इससे पहले दिन में, चुनाव से पहले रिसॉर्ट स्टे रणनीति के तहत अपने विधायकों को बेंगलुरु भेजने के प्रयास में पार्टी को भोपाल हवाई अड्डे पर बाधा का सामना करना पड़ा। इसी बीच, भाजपा ने नटराजन के नामांकन पत्र पर गंभीर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने तेलंगाना की अदालत में लंबित एक मामले की जानकारी छिपाई है।

चुनाव आयोग से मिला कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल

कांग्रेस पार्टी ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए आरोप लगाया कि यह अब ‘वोट चोरी’ का मामला नहीं रहा, बल्कि ‘सीट चोरी’ का मामला बन गया है। पार्टी इस प्रकरण को लेकर लगातार माथापच्ची में जुटी है। बुधवार को पार्टी का एक डेलिगेशन इस मुद्दे पर चुनाव आयोग से मिला है। यही नहीं पार्टी आगे कानूनी विकल्पों पर भी विचार कर रही है। मामले को अदालत में चुनौती देने का भी फैसला किया है। कांग्रेस इस मुद्दे को हाईकोर्ट में चुनौती देगी या सीधे सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगी, इस बारे में उसके नेताओं ने कुछ भी स्पष्ट नहीं बताया लेकिन वरिष्ठ अधिवक्ता और पार्टी के राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा ने सुझाव दिया कि यह ऐसा मामला है जिसे सीधे उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी जानी चाहिए। उधर, कांग्रेस ने भोपाल में राज्य निर्वाचन आयोग के बाहर प्रदर्शन भी किया। दिल्ली में कांग्रेस नेतृत्व ने चुनाव आयोग से मुलाकात की और इस मुद्दे पर अपनी आपत्तियां जताई है।

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