मनोज सोरठिया का बीजेपी पर हमला, गृह मंत्री से सुरक्षा पर ध्यान देने की मांग

गुजरात में कानून-व्यवस्था को लेकर आम आदमी पार्टी के नेता मनोज सोरठिया ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा... उन्होंने आरोप लगाया...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर आम आदमी पार्टी ने राज्य सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.. आप नेता मनोज सोरठिया ने आरोप लगाया है कि गुजरात में लगातार बढ़ते अपराधों के कारण आम लोगों के बीच असुरक्षा की भावना बढ़ रही है.. उनका कहना है कि केंद्र सरकार के आंकड़ों से भी यह स्पष्ट होता है कि राज्य में हर साल अपराध के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है.. ऐसे में राज्य सरकार और गृह विभाग की जिम्मेदारी बनती है कि.. वह कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए..

मनोज सोरठिया ने कहा कि गुजरात को लंबे समय से विकास और बेहतर प्रशासन के मॉडल के रूप में पेश किया जाता रहा है.. लेकिन अगर राज्य के अलग-अलग हिस्सों में अपराध की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं.. तो सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए.. उनका कहना है कि विकास का मतलब केवल सड़कें, इमारतें.. और बड़े प्रोजेक्ट नहीं हैं.. बल्कि आम नागरिक का सुरक्षित महसूस करना भी उतना ही जरूरी है.. जब कोई व्यक्ति अपने घर से बाहर निकलता है.. अपने कारोबार के लिए जाता है या रात के समय यात्रा करता है.. तो उसे अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता नहीं होनी चाहिए..

आप नेता ने दावा किया कि गुजरात में लूट, हत्या, बलात्कार, साइबर अपराध.. और चेन स्नेचिंग जैसी घटनाओं की खबरें लगातार सामने आ रही हैं.. इन घटनाओं का असर केवल पीड़ित परिवार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे समाज में भय.. और असुरक्षा का माहौल पैदा होता है.. खासकर महिलाओं, बुजुर्गों, व्यापारियों और आम नागरिकों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ना किसी भी सरकार के लिए गंभीर विषय होना चाहिए..

मनोज सोरठिया ने कहा कि आज अपराध का स्वरूप भी तेजी से बदल रहा है.. पारंपरिक अपराधों के साथ-साथ साइबर अपराध एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है.. मोबाइल फोन, इंटरनेट और डिजिटल लेन-देन के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर ठगी.. और ऑनलाइन अपराधों के मामले भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं.. ऐसे मामलों में पुलिस की तकनीकी क्षमता, साइबर सेल की मजबूती.. और शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई बेहद जरूरी है..

सरकार को केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय अपराध को रोकने के लिए प्रभावी रणनीति पर भी काम करना चाहिए.. और उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था केवल पुलिस विभाग की जिम्मेदारी नहीं है.. बल्कि यह सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारियों में से एक है.. पुलिस बल को पर्याप्त संसाधन, आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण.. और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार का दायित्व है.. इसके साथ ही अपराध की शिकायत लेकर थाने पहुंचने वाले लोगों की शिकायतों को गंभीरता से सुनना.. और समय पर कार्रवाई करना भी जरूरी है.. अगर किसी नागरिक को यह महसूस होने लगे कि उसकी शिकायत पर सुनवाई नहीं होगी.. तो कानून-व्यवस्था में उसका विश्वास कमजोर होता है..

सोरठिया ने गुजरात सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब राज्य में अपराध बढ़ने की बात सामने आ रही है.. तब सरकार को राजनीतिक प्रचार और सोशल मीडिया गतिविधियों से ज्यादा ध्यान जनता की सुरक्षा पर देना चाहिए.. उन्होंने विशेष रूप से गृह मंत्री को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि जब गुजरात की सुरक्षा एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है.. तो गृह मंत्री को रील्स बनाने के बजाय राज्य की कानून-व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए.. उन्होंने कहा कि जनता ने सरकार को इसलिए चुना है..

ताकि वह उनकी समस्याओं का समाधान करे.. और उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराए.. सरकार के जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पुलिस व्यवस्था प्रभावी हो, अपराधियों में कानून का डर हो.. और पीड़ितों को समय पर न्याय मिले.. उनके अनुसार किसी भी राज्य की वास्तविक सफलता तभी मानी जा सकती है.. जब वहां रहने वाला आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करे..

 

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