किसानों के मुद्दे पर AAP का बड़ा हमला, इसुदान गढ़वी ने CM को लिखा पत्र

AAP गुजरात प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को पत्र लिखकर किसानों से जुड़े अहम मुद्दे उठाए...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः आम आदमी पार्टी के गुजरात प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को एक महत्वपूर्ण पत्र लिखकर.. गुजरात के किसानों की बढ़ती मुश्किलों को सामने रखा है.. इस पत्र में उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने, फसलों के उचित दाम, मुआवजे, सिंचाई, कर्ज माफी.. और कई अन्य अहम मुद्दों पर ध्यान देने की मांग की है.. इसुदान गढ़वी ने कहा कि गुजरात के किसान सालों से उपेक्षा का शिकार हैं.. और भाजपा सरकार उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है.. पत्र के साथ 10 सूत्री मांगपत्र भी सौंपा गया है.. जिसमें 80,000 से ज्यादा किसानों के हस्ताक्षर हैं.. यह पत्र गुजरात की राजनीति में किसान मुद्दे को फिर से गरमाने वाला साबित हो सकता है..

इसुदान गढ़वी गुजरात में AAP के सक्रिय नेता हैं.. वे लगातार गांवों और खेतों में जाकर किसानों से बात करते हैं.. उन्होंने पत्र में लिखा कि किसान देश की रीढ़ हैं.. लेकिन उनकी हालत दिन-प्रतिदिन खराब हो रही है.. बेमौसम बारिश, कम दाम, बढ़ता खर्च और कर्ज का बोझ किसानों को तोड़ रहा है.. AAP का कहना है कि अगर सरकार जल्दी कार्रवाई नहीं करती.. तो पार्टी बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होगी..

इसुदान गढ़वी के पत्र की सबसे बड़ी मांग है कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा पूरा किया जाए.. 2014 से केंद्र और राज्य सरकारें यह वादा करती आ रही हैं.. लेकिन हकीकत में किसान कर्ज में डूबे हुए हैं.. और उन्होंने मांग की कि सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू हो.. और सरकार MSP पर खरीद सुनिश्चित करे.. गुजरात में उगाई जाने वाली कपास, मूंगफली, जीरा, गेहूं और अन्य फसलों को उचित दाम मिलने चाहिए..

दूसरी अहम मांग APMC मंडियों में प्राइस कटिंग यानी दाम काटने की प्रथा को बंद करने की है.. किसान अपनी फसल मंडी ले जाते हैं.. तो बिचौलिए और अधिकारी मनमाने ढंग से दाम काट लेते हैं.. इससे किसान को पूरा पैसा नहीं मिलता.. इसुदान गढ़वी ने लिखा कि यह पूरी तरह अन्यायपूर्ण है.. और इसे तुरंत बंद होना चाहिए.. गुजरात कपास का बड़ा उत्पादक राज्य है.. लाखों किसान कपास पर निर्भर हैं.. लेकिन पिछले कुछ सालों से कपास की कीमतें गिर रही हैं.. कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया खरीद में देरी करता है.. इसुदान गढ़वी ने पत्र में मांग की कि CCI अक्टूबर से ही खरीद शुरू करे.. फसल की गुणवत्ता के आधार पर अच्छे दाम दिए जाएं..

वहीं कई किसानों ने शिकायत की कि फसल तैयार होने के बाद भी मंडी में खरीदी नहीं होती.. इससे भंडारण का खर्च बढ़ता है.. और नमी या कीड़े लगने से फसल खराब हो जाती है.. AAP प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार को इस पर तुरंत ध्यान देना चाहिए.. वरना किसान आत्महत्या जैसी स्थिति में पहुंच जाएंगे.. गुजरात में पिछले सालों में बेमौसम बारिश ने कई जिलों जैसे सौराष्ट्र, कच्छ, उत्तर गुजरात में फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया.. इसुदान गढ़वी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि प्रभावित किसानों का तुरंत सर्वेक्षण कर मुआवजा दिया जाए.. देरी से किसानों को और नुकसान होता है.. और उन्होंने मांग की कि फसल बीमा योजना को और मजबूत बनाया जाए.. प्रीमियम कम हो और क्लेम जल्दी मिले..

जानकारी के मुताबिक पत्र में लिखा गया कि पिछले मुआवजों में भी कई किसान छूट गए थे.. इस बार कोई किसान वंचित न रहे.. पानी की समस्या गुजरात के किसानों के लिए बड़ी चुनौती है.. नहरों का पानी समय पर नहीं पहुंचता.. कई इलाकों में सूखा पड़ता है.. इसुदान गढ़वी ने मांग की कि कैनाल सिस्टम की मरम्मत हो.. नई नहरें बनाई जाएं.. ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई पर ज्यादा सब्सिडी दी जाए.. सौर ऊर्जा से चलने वाले पंपों को बढ़ावा दिया जाए.. ताकि किसान बिजली बिल से मुक्त हो सकें..

सूखाग्रस्त क्षेत्रों के लिए विशेष पैकेज घोषित किया जाए.. किसान सहकारी बैंकों और निजी साहूकारों से भारी कर्ज लेते हैं.. फसल खराब होने या दाम कम मिलने पर कर्ज चुकाना मुश्किल हो जाता है.. पत्र में मांग की गई कि छोटे.. और सीमांत किसानों का कर्ज माफ किया जाए.. नए लोन आसान शर्तों पर दिए जाएं..

 

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