पंजाब को विशेष श्रेणी राज्य बनाने की मांग, नीति आयोग की बैठक में बोले भगवंत मान
नीति आयोग की बैठक के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार के समक्ष लंबित मुद्दों को मजबूती से उठाया.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: नीति आयोग की बैठक के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार के समक्ष लंबित मुद्दों को मजबूती से उठाया.
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से मांग की है कि स्थिरता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पंजाब को विशेष श्रेणी राज्य’ का दर्जा दिया जाए. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने मोहाली को सेमीकंडक्टर हब बनाने का भी प्रस्ताव रखा.
नीति आयोग की शासी परिषद की बैठक में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी शिरकत की. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस दौरान केंद्र सरकार के समक्ष राज्य से संबंधित कई कई लंबित मुद्दों को मजबूती से उठाया.
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि देश की स्थिरता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पंजाब को ‘विशेष श्रेणी राज्य’ का दर्जा दिया जाए.साथ ही पहाड़ी राज्यों, उत्तर-पूर्वी राज्यों और जम्मू-कश्मीर की तर्ज पर सभी केंद्र प्रायोजित योजनाओं में पंजाब के लिए 90:10 के अनुपात को लागू करने की भी मांग रखी.
राज्य की भौगोलिक स्थिति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब देश की सुरक्षा की अग्रिम पंक्ति में स्थित राज्य है, जो पाकिस्तान के साथ 553 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है.
ऐसे में राज्य को सीमा पार आतंकवाद, ड्रोन के माध्यम से हथियारों की आपूर्ति और मादक पदार्थों की तस्करी जैसी गंभीर चुनौतियों का लगातार सामना करना पड़ रहा है. इसका सीधा प्रभाव पंजाब के युवाओं पर पड़ता है.
बाढ़ से हुए नुकसान का मुद्दा उठाया गया
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि 2025 में राज्य के कई इलाकों में विनाशकारी बाढ़ आई थी. पंजाब के 2,300 से अधिक गांव बुरी तरह प्रभावित हुए. राज्य को लगभग 12,905 करोड़ रुपये का भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा.
मुख्यमंत्री ने इस दौरान केंद्र सरकार पर सीमावर्ती क्षेत्रों के साथ भेदभाव करने आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पंजाब के 2,000 से अधिक गांव और कस्बे सीमा से सटे हुए हैं, लेकिन केंद्र के ‘वाइब्रेंट विलेज-II’ योजना में पंजाब के केवल 107 गांव ही शामिल हैं. उन्होंने कहा कि दशकों से सीमावर्ती जिलों में निवेश की भारी कमी रही है. उद्योग यहां से पलायन कर गए हैं. राज्य का समग्र विकास बुरी तरह प्रभावित हुआ है.
विकसित भारत के लिए पंजाब सुरक्षित होना जरूरी
बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि सुरक्षित और समृद्ध पंजाब के बिना देश का ‘विकसित भारत 2047’ का सपना कभी पूरा नहीं हो सकता. उन्होंने केंद्र सरकार को आश्वासन दिया कि पंजाब हमेशा की तरह केंद्र सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर देश के विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा.
शिक्षा-स्वास्थ्य क्षेत्र में उपलब्धियों का विवरण दिया
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब सरकार की उपलब्धियों को भी प्रस्तुत किया. उन्होंने कहा कि ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ के तहत अब राज्य के प्रत्येक परिवार को प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है. राज्य में लगभग 900 सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में यह सुविधा उपलब्ध है.
इसके अलावा, राज्य में अब तक 990 ‘आम आदमी क्लीनिक’ सफलतापूर्वक शुरू किए जा चुके हैं, जहां 107 आवश्यक दवाएं और 47 प्रकार के परीक्षण बिल्कुल मुफ्त किए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि अब तक 55 करोड़ से अधिक ओपीडी मरीज इन क्लीनिकों तक पहुंच चुके हैं और लगभग 84 हजार लोग प्रतिदिन इन सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं.
मोहाली को सेमीकंडक्टर हब बनाने का प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने मोहाली को ‘राष्ट्रीय ज्ञान एवं शिक्षा केंद्र’ घोषित करने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने मोहाली में एक ‘एकीकृत सेमीकंडक्टर मेगा-क्लस्टर’ स्थापित करने का महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत किया और कहा कि यहां पहले से मौजूद सेमीकंडक्टर प्रयोगशाला (एससीएल), प्रशिक्षित मानव संसाधन और मजबूत बुनियादी ढांचा भारत को सेमीकंडक्टर विनिर्माण के क्षेत्र में वैश्विक महाशक्ति बना सकते हैं.
केंद्र सरकार द्वारा एससीएल के आधुनिकीकरण के लिए घोषित 4,500 करोड़ रुपये के निवेश का उपयोग मोहाली को भारत का अग्रणी सेमीकंडक्टर हब बनाने के लिए किया जाना चाहिए. उन्होंने यह कहते हुए अपनी बात समाप्त की कि पंजाब की ये मांगें केवल राज्य के विकास तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि आंतरिक सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और देश के ‘विकसित भारत’ के सपने से सीधे तौर पर जुड़ी हुई हैं.
नशीली दवाओं के खिलाफ अभियान का भी जिक्र
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सरकार द्वारा चलाई जा रही नशा विरोधी अभियान का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि ‘नशा विरोधी जंग’ अभियान के तहत राज्य में 547 क्लीनिक, 183 नशामुक्ति केंद्र और 90 पुनर्वास केंद्र सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं. ‘स्कूल अगेंस्ट ड्रग्स’ कार्यक्रम के माध्यम से लगभग 8 लाख छात्रों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया जा रहा है.
वहीं शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि नीति आयोग की ‘शिक्षा गुणवत्ता रिपोर्ट- 2026’ में पंजाब पूरे देश में सर्वश्रेष्ठ स्कूली शिक्षा प्रणाली के रूप में उभरा है. राज्य के 40 ‘हुनर शिक्षा स्कूलों’, बिजनेस ब्लास्टर्स कार्यक्रम, माइंडफुलनेस कार्यक्रम, आईटीआई में सीटों की वृद्धि और युवाओं के कौशल विकास से संबंधित विभिन्न योजनाएं चल रही हैं.



