4 महीने में दूसरी बार मोहन भागवत के सफर पर पत्थर!

  • संयोग, लापरवाही या किसी बड़े खेल की आहट?
  • 8 टीमे जांच में जुटी 1 गिरफ्तार
  • पूर्व में हरदोई रूट पर फेंके गये थे पत्थर, कौन है मास्टर माइंड

प्रांजुल मिश्रा/4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। देश के सबसे सुरक्षित और अतिमहत्वपूर्ण व्यक्तियों में गिने जाने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत सफर पर हों और जिस कोच में वे बैठे हों उसी कोच के शीशे पर पत्थर फेंक कर मारा जाए। सवाल उठता है कि क्या इसे महज एक सामान्य घटना माना जा सकता है। नहीं कदापि नहीं कभी नहीं क्योंकि यह पहली बार नहीं हुआ है। चार महीने के भीतर यूपी में यह उनके साथ दूसरी घटना है पहले भी उत्तर प्रदेश में हरदोई रूट पर इसी तरह की घटना सामने आई थी। अब एक बार फिर वही तस्वीर वही सवाल और वही बेचैनी सुरक्षा एजेंसियों के सामने खड़ी है। इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में आ चुकी है घटना की सच्चाई जानने के लिए 8 से ज्यादा पुसिल की टीमें जांच में जुटी हैं एक व्यक्ति की गिरफ्तारी की खबर भी सामने आयी है लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी हवा में तैर रहा है कि आखिर बारबार ऐसा क्यों हो रहा है? क्या यह सिर्फ संयोग है कि पत्थर उसी कोच तक पहुंचे जिसमें संघ प्रमुख सफर कर रहे थे? या फिर इसके पीछे कोई ऐसा तत्व है जो सनसनी फैलाना चाहता है सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देना चाहता है या फिर पूरे सिस्टम की परीक्षा लेना चाहते है? मोहन भागवत कोई सामान्य व्यक्ति नहीं हैं। देश की राजनीति और वैचारिक परिदृश्य में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। उन्हें उच्चस्तरीय सुरक्षा प्राप्त है। ऐसे में अगर उनके सफर के दौरान दो बार इस तरह की घटनाएं होती हैं तो सवाल सिर्फ एक व्यक्ति की सुरक्षा का नहीं रह जाता। सवाल पूरे सुरक्षा ढांचे की विश्वसनीयता का बन जाता है। और यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर पहले से बहस जारी है। हत्या, लूट, गैंगवार और अपराध की घटनाओं को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर निशाना साध रहा है। ऐसे माहौल में संघ प्रमुख के सफर के दौरान दो बार पथराव जैसी घटनाएं राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर बेचैनी बढ़ाने वाली हैं।

कोच से नीचे नहीं उतरे संघ प्रमुख

सुरक्षा कारणों से मोहन भागवत को ट्रेन से नीचे नहीं उतारा गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने कोच के भीतर पहुंचकर उनका हालचाल जाना और सुरक्षा की समीक्षा की। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ट्रेन को शाम 7:41 बजे दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आगरा जोन के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी सक्रिय हो गए। आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों ने मक्खनपुर-फिरोजाबाद रेलखंड के आसपास जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ भी शुरू कर दी है।

आखिर इससे किसी को हासिल क्या होगा

सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि आखिर इससे किसी को हासिल क्या होगा? क्या यह सिर्फ कुछ शरारती तत्वों की हरकत है? क्या यह सुरक्षा में सेंध की कोशिश है? क्या इसका मकसद केवल सुर्खियां बटोरना है? या फिर जांच एजेंसियों को किसी बड़े एंगल की तलाश करनी चाहिए? फिलहाल इन सवालों का जवाब किसी के पास नहीं है लेकिन इतना जरूर है कि दूसरी घटना ने चिंता को कई गुना बढ़ा दिया है। यही वजह है कि अब निगाहें जांच एजेंसियों पर टिकी हैं। क्योंकि मामला सिर्फ ट्रेन के एक शीशे का नहीं है। मामला उस भरोसे का है जो देश अपनी सुरक्षा व्यवस्था पर करता है। मामला उस सवाल का है जिसका जवाब हर नागरिक जानना चाहता है आखिर चार महीने में दूसरी बार ऐसा कैसे हुआ? जब तक इस रहस्य से पर्दा नहीं उठता तब तक यह घटना सिर्फ एक खबर नहीं बल्कि एक बड़ा सवाल बनी रहेगी।

दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई

शिया धर्मगुरु मौलाना सैयद सैफ अब्बास ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत की यात्रा के दौरान शताब्दी एक्सप्रेस पर हुए पथराव की घटना की आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि ऐसी घटनाएं हमारे देश और समाज के लिए हानिकारक हैं। उन्होंने वीडियो बाइट जारी करते हुए कहा है कि भारत के एक बड़े संगठन के सरसंघचालक मोहन भागवत को इस घटना का सामना करना पड़ा है और मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं। मेरा मानना है कि इस मामले की जांच के लिए जल्द से जल्द एक कमेटी बनाई जानी चाहिए और दोषियों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए। सैयद सैफ अब्बास ने यह भी कहा कि ऐसी घटनाएं हमारे देश और समाज के लिए हानिकारक हैं।

कोच के भीतर मच गयी अफरा-तफरी

कल शाम कानपुर से दिल्ली जा रही 1203 स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस पर फिरोजाबाद जिले में घटना को अंजाम दिया गया। जिस ई-1 कोच पर पत्थर लगा उसी कोच में मोहन भागवत भी यात्रा कर रहे थे। हालांकि घटना में उन्हें या किसी अन्य यात्री को कोई चोट नहीं लगी। संघ प्रमुख मोहन भागवत कानपुर में संघ के पूर्व क्षेत्र संघचालक वीरेंद्रजीत सिंह की पौत्री एवं वरिष्ठ समाजसेविका व चार्टर्ड अकाउंटेंट नीतू सिंह की पुत्री के वैवाहिक आशीर्वाद समारोह में शामिल होने के बाद स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस से दिल्ली लौट रहे थे। वह ई-1 कोच में सीट संख्या 39 और 40 पर सवार थे। शाम करीब सवा सात बजे ट्रेन फिरोजाबाद जिले में मक्खनपुर स्टेशन पार कर टुंडला की ओर बढ़ रही थी। तभी पेमेश्वर रेलवे गेट के पास किसी अज्ञात व्यक्ति ने चलती ट्रेन पर पत्थर फेंके। पत्थर ई-1 कोच की खिड़की से टकराया जिससे बाहरी शीशा चटक गया। घटना के बाद कोच में बैठे यात्रियों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। नॉर्थ सेंट्रल रेलवे के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी के अनुसार पत्थर सीट संख्या 50 के पास लगा जबकि मोहन भागवत सीट संख्या 39 और 40 पर बैठे थे। बाहरी शीशा क्षतिग्रस्त हुआ लेकिन किसी यात्री को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।

Related Articles

Back to top button