कोलकाता में EVM जलने की घटना पर संजय राउत का हमला, बोले- सच छिपाया जा रहा है
कोलकाता में 4000 EVM जलने की घटना पर संजय राउत ने गंभीर आरोप लगाए हैं.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: कोलकाता में 4000 EVM जलने की घटना पर संजय राउत ने गंभीर आरोप लगाए हैं.
उन्होंने इसे हादसा नहीं, बल्कि चुनावी सबूत मिटाने की साजिश बताया. राउत ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणामों पर सवाल उठाते हुए BJP पर जानबूझकर EVM जलाने का आरोप लगाया.
पश्चिम बंगाल के कोलकाता में एक सरकारी इमारत में आग लगने से लगभग 4000 EVM जलकर खाक हो गईं. इस खबर के सामने आने के तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. इस बीच शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत का बयान सामने आया है, उन्होंने इस घटना को गंभीर बताते हुए आरोप लगाया कि EVM का जलना हादसा नहीं बल्कि साजिश है.
संजय राउत ने दावा किया कि इन EVM का इस्तेमाल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हुआ था. उन्होंने कहा कि जिन EVM पर गड़बड़ी का संदेह था, वही EVM जलकर खाक हो गईं. उन्होंने सवाल उठाया कि 4000 EVM एक साथ कैसे जल सकती हैं.
जानबूझकर जलाई गईं EVM’
उन्होंने आरोप लगाया कि EVM दुर्घटनावश नहीं जलीं, बल्कि जानबूझकर जलाई गईं हैं. उन्होंने बीजेपी सरकार पर EVM जलाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि EVM जलाने का मकसद चुनावी सबूतों को खत्म करना था. उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणामों पर संदेह जताते हुए दावा किया कि चुनाव नतीजे जनता को स्वीकार्य नहीं हैं.
EVM जलाकर सबूत मिटा दिए’
शिवसेना सांसद ने कहा कि ममता बनर्जी इतनी बड़ी हार नहीं झेल सकती थीं और भवानीपुर सीट से हारना संभव नहीं था. उन्होंने कहा कि EVM जलने की घटना से चुनाव परिणामों पर संदेह और बढ़ गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि EVM जलाकर पूरे मामले के सबूत मिटा दिए गए.
जनता बीजेपी को जवाब देगी’
इसके साथ ही संजय राउत ने चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट की भूमिका पर भी सवाल उठाए. उन्होंने मामले की जांच और जवाबदेही की मांग की. उन्होंने कहा कि इस घटना को देखकर लोग सदमे में हैं और जनता की आवाज सुनी जानी चाहिए. बीजेपी को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि सत्ता जाने के बाद जनता बीजेपी को जवाब देगी. उन्होंने कहा कि बीजेपी को अपनी पार्टी की चिंता करनी चाहिए, क्योंकि भविष्य में उसके पास सत्ता नहीं रहेगी.
पीएम मोदी की नेहरू से तुलना पर जताई आपत्ति
सांसद राउत ने दावा किया कि पीएम नरेंद्र मोदी की जवाहरलाल नेहरू से की जा रही तुलना पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि केवल लंबे समय तक सत्ता में रहना किसी नेता को महान नहीं बना देता. उन्होंने कहा कि नेहरू 16 साल से अधिक समय तक प्रधानमंत्री रहे और वैश्विक स्तर पर उनका सम्मान था.
राउत ने दावा किया कि नेहरू के सामने पूरा विश्व झुकता था. उन्होंने कहा कि नेहरू की तुलना मोदी से नहीं की जा सकती. उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री, पी.वी. नरसिम्हा राव, राजीव गांधी, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर और बालासाहेब ठाकरे को महान नेता बताया.
‘चुनावी प्रक्रिया में समान नियम सभी पर लागू नहीं’
इसके साथ ही संजय राउत ने आरोप लगाया कि जब तक अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शासन रहेगा, तब तक निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं होंगे. उन्होंने दावा किया कि चुनावी प्रक्रिया में समान नियम सभी पर लागू नहीं किए जा रहे हैं. राउत ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नामांकन पत्र में कथित तौर पर कई जानकारियां छिपाई गईं, फिर भी उनका नामांकन स्वीकार किया गया.
उन्होंने स्मृति ईरानी सहित अन्य नेताओं के नामांकन स्वीकार होने का भी उल्लेख किया. राउत ने सवाल उठाया कि मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन पत्र क्यों खारिज किया गया. उन्होंने कहा कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन बिना उचित कारण के रद्द किया गया.
‘सांसद और विधायक तोड़ने का काम कर रही बीजेपी’
उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी विपक्षी दलों के सांसद और विधायक तोड़ने का काम कर रही है. उन्होंने कहा कि बीजेपी तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी को तोड़ने की कोशिश कर रही है. राउत ने कहा कि देश के अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय विपक्षी दलों को कमजोर करने का काम किया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि जनता के मन में सरकार के खिलाफ गुस्सा बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि सत्ता परिवर्तन होने पर राजनीतिक हालात बदलेंगे और जनता जवाब देगी.
वहीं महाराष्ट्र में चर्चा में रहे “ऑपरेशन टाइगर” पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय राउत ने कहा कि पार्टी की बैठकें नियमित रूप से होती रहती हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि विधायकों, कॉर्पोरेटर्स और सांसदों की बैठकें पार्टी के नियमित संगठनात्मक कार्य का हिस्सा हैं. उन्होंने उद्धव ठाकरे द्वारा मातोश्री में बुलाई गई बैठक को सामान्य पार्टी गतिविधि बताया.



