CJP का बड़ा आंदोलन, प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज, दीपके ने की बड़ी अपील!
भाजपा राज में शायद ही कोई ऐसा वर्ग होगा जो परेशान न हो। खासकर गरीब और छात्र इस मौजूदा सरकार से इस कदर परेशान है कि युवा अपने भविष्य को लेकर सड़कों पर हैं।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: भाजपा राज में शायद ही कोई ऐसा वर्ग होगा जो परेशान न हो। खासकर गरीब और छात्र इस मौजूदा सरकार से इस कदर परेशान है कि युवा अपने भविष्य को लेकर सड़कों पर हैं।
जिस युवा को रोजगार मिलना चाहिए आज वो दर बा दर की ठोकरें खा रहा है लेकिन सरकार है कि बस तमाशा देख रही है। वहीं बढ़ते पेपर लीक के मामले को लेकर CJP एक्टिव मोड में नजर आ रही है। एक के बाद एक शहर में प्रदर्शन हो रहे हैं। जिसमें हजारों की संख्या में छात्र शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे हैं। जो की भाजपाइयों को एक आंख नहीं भा रहा है। हालांकि दीपके एक के बाद आंदोलन कर रहे हैं।
इसी बीच खबर है कि कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP ने नागपुर में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस बारे में बड़ा ऐलान किया। यह प्रदर्शन सिर्फ नागपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में चल रहे छात्र आंदोलन का हिस्सा है। NEET पेपर लीक और दूसरी परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ियों ने लाखों छात्रों के भविष्य को अंधेरे में डाल दिया है।
BJP सरकार पर आरोप है कि वह इन मुद्दों को हल करने के बजाय उन्हें दबाने की कोशिश कर रही है। अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया और प्रदर्शनों के जरिए युवाओं को एकजुट किया। उन्होंने कहा था कि अगर 13 जून तक मंत्री इस्तीफा नहीं देते तो देशभर में आंदोलन फैलाया जाएगा। नागपुर में संविधान चौक पर यह प्रदर्शन शुरू हुआ। दीपके जयपुर में हमले के बावजूद नागपुर पहुंचे और बोले कि हम सत्याग्रही हैं, डरेंगे नहीं। जयपुर में RSS से जुड़े लोगों ने उन पर हमला किया, जो मुद्दे से ध्यान भटकाने की साजिश लगती है।
इससे पहले दीपके ने सोमवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश में कहा कि वह 16 जून को शहर पहुंचेंगे और उन्होंने नागपुर के लोगों, जिनमें छात्र और युवा शामिल हैं उनसे शाम 4 बजे संविधान चौक पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए इकट्ठा होने की अपील की है.
सीजेपी पिछले महीने हुए नीट (यूजी) परीक्षा पेपर लीक कांड को लेकर प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है. सोशल मीडिया पर अपील के बाद नागपुर शहर और विदर्भ के कई जिलों के कार्यकर्ताओं के संविधान चौक पर इकट्ठा होने की आशंका है. एक अधिकारी ने बताया कि संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस ने नागपुर के प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी है.
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हमने यह सुनिश्चित करने के लिए कड़ी व्यवस्था की है कि विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो. कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए संविधान चौक और अन्य संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा.” उन्होंने बताया कि सुरक्षा तैनाती में चार डीसीपी, तीन एसीपी, 18 पुलिस इंस्पेक्टर, 45 एपीआई और सब-इंस्पेक्टर, 470 पुरुष और 170 महिला पुलिसकर्मी शामिल हैं. एहतियात के तौर पर दो दंगा नियंत्रण प्लाटून यूनिट्स को भी तैयार रखा गया है.
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने जयपुर में हुए थप्पड़ कांड के बाद कहा कि वे डरे नहीं हैं और आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने थप्पड़ मारने वालों के RSS से जुड़े होने का आरोप लगाया। उन्होंने यह बात नागपुर एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद कही।
वे नागपुर के संविधान चौक पर होने वाले एक बड़े प्रदर्शन में शामिल होने आए हैं। अभिजीत दीपके ने कहा, ‘हम सत्याग्रही हैं जो गांधी और अंबेडकर को मानते हैं। हम उनके हमलों से डरने वाले नहीं हैं। मुझे पता चला है कि हमला करने वाले लोग आरएसएस से जुड़े थे। जब भी कोई इस सरकार या इनकी विचारधारा के खिलाफ आवाज उठाता है, तो इसी तरह के काम किए जाते हैं।’
BJP के शासन में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। NTA जैसी संस्था जो परीक्षाएं आयोजित करती है, उसमें बार-बार पेपर लीक हो रहे हैं। NEET 2026 में भी पेपर लीक का मामला सामने आया। लाखों छात्र सालों की मेहनत पर पानी फिरता देख रहे हैं। कुछ छात्रों ने तो आत्महत्या तक कर ली। BJP सरकार इन घटनाओं पर सिर्फ बयानबाजी करती है, लेकिन जिम्मेदारी कोई नहीं लेता।
धर्मेंद्र प्रधान जैसे मंत्री पद पर बने रहते हैं जबकि छात्र रो रहे हैं। CJP का कहना है कि एक करोड़ से ज्यादा छात्रों का भविष्य दांव पर है। SSC, CBSE, NEET, UPSC जैसी परीक्षाओं में गड़बड़ियां हो रही हैं। BJP की नीतियां सिर्फ बड़े-बड़े दावे करती हैं जैसे “शिक्षा क्रांति” या “नई शिक्षा नीति”, लेकिन जमीन पर कुछ नहीं दिखता। पेपर लीक के माफिया खुले घूम रहे हैं और सरकार उन्हें पकड़ने में नाकाम है। दीपके ने पूछा कि कितने छात्रों की मौत के बाद मंत्री इस्तीफा देंगे?
CJP ने शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन चलाने का फैसला किया है। दीपके हमले के बावजूद डटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिशें होंगी, लेकिन हम टिके रहेंगे। नागपुर प्रदर्शन सफल रहा तो और शहरों में फैलेगा। 20 जून दिल्ली में अनिश्चितकालीन धरना हो सकता है।BJP को इस आंदोलन को हल्के में नहीं लेना चाहिए। युवा वोट बैंक बहुत बड़ा है। अगर शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर युवा नाराज हुए तो चुनावों में असर पड़ेगा। RSS और BJP के लोग हमले करके आंदोलन दबाना चाहते हैं, लेकिन यह उल्टा पड़ रहा है। ज्यादा से ज्यादा लोग जुड़ रहे हैं।



