बरेली कैंट में अवैध आर्मी यूनिफॉर्म बिक्री का खुलासा, दुकानदार अरबाज गिरफ्तार!

बरेली कैंट पुलिस ने सेना की कॉम्बैट यूनिफॉर्म, कैप और रैंक बैज की कथित अवैध बिक्री के आरोप में एक दुकानदार को गिरफ्तार किया है। मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मानते हुए पुलिस, मिलिट्री इंटेलिजेंस और अन्य एजेंसियां जांच में जुटी हैं।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बरेली के संवेदनशील कैंट क्षेत्र में सेना की वर्दी से जुड़े एक मामले ने सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। कैंट थाना पुलिस ने सदर बाजार स्थित एक दुकान पर छापेमारी कर कथित रूप से अवैध तरीके से सेना की कॉम्बैट यूनिफॉर्म, कैप और रैंक बैज बेचने के आरोप में दुकानदार अरबाज को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दुकान से कई सैन्य पैटर्न की वर्दियां और अन्य सामग्री बरामद कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि सेना की वर्दी का अनधिकृत उपयोग सुरक्षा के लिहाज से गंभीर विषय है। यही कारण है कि मामले की सूचना मिलते ही पुलिस के साथ मिलिट्री इंटेलिजेंस भी सक्रिय हो गई है।

गुप्त सूचना के बाद हुई कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, कैंट थाना क्षेत्र में स्थित सदर बाजार की एक दुकान पर सेना की नई कॉम्बैट यूनिफॉर्म खुले तौर पर बेचे जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर CO कैंट के नेतृत्व में पुलिस टीम ने छापा मारा। जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी के पास कथित रूप से सेना की कॉम्बैट यूनिफॉर्म रखने या बेचने के लिए आवश्यक अनुमति या लाइसेंस नहीं था। इसके बाद पुलिस ने मौके से सात सेट कॉम्बैट यूनिफॉर्म, 12 आर्मी कैप और कई रैंक बैज व नेम प्लेट बरामद कर उन्हें जब्त कर लिया।

पुलिस की जांच तीन अहम बिंदुओं पर केंद्रित

एसपी सिटी मानुष पारीक के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि आरोपी लंबे समय से इस गतिविधि में शामिल था। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि:

  • यूनिफॉर्म और अन्य सामग्री कहां से लाई जा रही थी?
  • अब तक यह सामान किन लोगों को बेचा गया?
  • लेन-देन नकद हुआ या डिजिटल माध्यम से?

पुलिस का कहना है कि इन सवालों के जवाब जांच की दिशा तय करेंगे।

राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से संवेदनशील मामला

सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, सेना की वर्दी का दुरुपयोग किसी भी देश की सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। अतीत में कई आतंकी घटनाओं में हमलावरों द्वारा सुरक्षा बलों जैसी वर्दी पहनकर पहचान छिपाने की कोशिश किए जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसी संदर्भ में पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कैंट क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियों के प्रति “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाई जाएगी।

दिल्ली से माल लाने का दावा, नेटवर्क की जांच शुरू

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने शुरुआती पूछताछ में दावा किया है कि वह कथित तौर पर दिल्ली के बाजारों से सैन्य पैटर्न की वर्दियां खरीदकर लाता था और उन्हें अधिक कीमत पर बेचता था। हालांकि पुलिस इस दावे की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है। इसके लिए आरोपी की कॉल डिटेल, बैंक खाते, लेन-देन और सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं किसी संदिग्ध व्यक्ति ने इस सामग्री की खरीद तो नहीं की।

विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं तथा अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित एजेंसियों को भी रिपोर्ट भेजी गई है।

कैंट क्षेत्र में शुरू हुआ विशेष अभियान

घटना के बाद कैंट क्षेत्र में स्थित आर्मी स्टोर, टेलरिंग दुकानों और सैन्य सामग्री बेचने वाले प्रतिष्ठानों की विशेष जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि बिना वैध पहचान पत्र और आवश्यक प्रक्रिया के किसी भी व्यक्ति को सैन्य सामग्री उपलब्ध न कराई जाए।

सुरक्षा व्यवस्था पर बढ़ा फोकस

बरेली कैंट देश के महत्वपूर्ण सैन्य क्षेत्रों में गिना जाता है। यहां सेना और वायुसेना की कई महत्वपूर्ण इकाइयां मौजूद हैं। ऐसे में सेना की वर्दी से जुड़ी किसी भी अनियमितता को गंभीरता से लिया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी कैंट क्षेत्र में नियमित विशेष अभियान चलाकर इस प्रकार की गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगी।

रिपोर्ट: सुनील सक्सेना, बरेली

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