लखीमपुर खीरी में यूरिया संकट गहराया: खाद के लिए भटक रहे किसान

लखीमपुर खीरी के बिजुआ क्षेत्र में यूरिया की किल्लत से किसान परेशान हैं। बस्तौली साधन सहकारी समिति में POS मशीन न होने के कारण खाद वितरण प्रभावित हो रहा है। किसानों ने प्रशासन से पर्याप्त यूरिया उपलब्ध कराने और समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: लखीमपुर खीरी के बिजुआ क्षेत्र में यूरिया खाद की कमी किसानों के लिए बड़ी चिंता का विषय बनती जा रही है। खरीफ फसलों के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन किसानों को पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध नहीं हो पा रही है। हालात ऐसे हैं कि किसान खाद की तलाश में एक समिति से दूसरी समिति के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।

यूरिया की कमी के साथ-साथ बस्तौली साधन सहकारी समिति में POS मशीन नहीं होने की समस्या ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। किसानों का कहना है कि तकनीकी और प्रशासनिक खामियों का खामियाजा सीधे खेती-किसानी को भुगतना पड़ रहा है।

खाद के लिए लंबी प्रतीक्षा कर रहे किसान

क्षेत्र के किसानों के अनुसार, कई दिनों से समितियों पर पहुंचने के बावजूद उन्हें जरूरत के अनुसार यूरिया नहीं मिल रही है। कुछ किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है, जबकि कई लोग घंटों लाइन में लगने के बाद भी खाद प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं। किसानों का कहना है कि फसलों की बढ़वार के इस अहम दौर में समय पर यूरिया न मिलने से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।

POS मशीन न होने से वितरण व्यवस्था प्रभावित

बस्तौली साधन सहकारी समिति में अभी तक POS (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीन उपलब्ध नहीं होने के कारण खाद वितरण प्रक्रिया बाधित हो रही है। वर्तमान व्यवस्था में खाद वितरण के लिए डिजिटल सत्यापन और रिकॉर्डिंग आवश्यक होती है, लेकिन मशीन के अभाव में प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित नहीं हो पा रही है। किसानों का आरोप है कि इस समस्या की जानकारी संबंधित अधिकारियों को पहले भी दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।

खेती के महत्वपूर्ण समय में बढ़ी चिंता

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, खरीफ सीजन में धान और अन्य फसलों की बेहतर वृद्धि के लिए समय पर यूरिया उपलब्ध होना बेहद जरूरी है। यदि किसानों को निर्धारित समय पर खाद नहीं मिलती है तो फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों प्रभावित हो सकते हैं। यही कारण है कि क्षेत्र के किसानों में खाद संकट को लेकर चिंता और नाराजगी लगातार बढ़ रही है।

प्रशासन से की त्वरित कार्रवाई की मांग

किसानों ने जिला प्रशासन और कृषि विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि बिजुआ क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध कराई जाए। साथ ही बस्तौली साधन सहकारी समिति में जल्द से जल्द POS मशीन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि खाद वितरण प्रक्रिया सामान्य हो सके। किसानों का कहना है कि यदि समस्या का समाधान जल्द नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में व्यापक विरोध प्रदर्शन की स्थिति भी बन सकती है।

समाधान का इंतजार

फिलहाल किसान प्रशासनिक हस्तक्षेप और खाद आपूर्ति में सुधार की उम्मीद लगाए बैठे हैं। कृषि आधारित अर्थव्यवस्था वाले इस क्षेत्र में यूरिया की कमी केवल किसानों की समस्या नहीं, बल्कि फसल उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बन गई है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग किसानों की शिकायतों पर कितनी तेजी से कार्रवाई करते हैं और क्षेत्र में खाद संकट को दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

रिपोर्ट: प्रभाकर श्रीवास्तव 

यह भी पढ़ें: बांदा में टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का प्रदर्शन, केंद्र सरकार से मांगी स्थायी राहत

Related Articles

Back to top button