2027 चुनाव की तैयारियों में जुटी समाजवादी छात्र सभा, पेपर लीक और मतदाता जागरूकता पर हुई चर्चा
सीतापुर के सिधौली में समाजवादी छात्र सभा की समीक्षा बैठक में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों, मतदाता सूची सत्यापन, नए मतदाताओं को जोड़ने और पेपर लीक की घटनाओं पर चर्चा हुई। संगठन ने युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और विभिन्न मुद्दों पर सक्रियता तेज करने का आह्वान किया।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां धीरे-धीरे तेज होती नजर आ रही हैं। इसी क्रम में सीतापुर के सिधौली में समाजवादी छात्र सभा की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने, युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और नए मतदाताओं को जोड़ने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में प्रदेश में सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं को लेकर चिंता व्यक्त की गई। साथ ही राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई गई।
संगठन को मजबूत करने पर जोर
समाजवादी छात्र सभा के जिलाध्यक्ष शिवम सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद यादव और प्रदेश सचिव अमित यादव विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से जमीनी स्तर पर संगठन को और अधिक सक्रिय बनाने के सुझाव लिए गए। वक्ताओं ने कहा कि आगामी चुनावों को देखते हुए युवाओं और छात्रों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रहने वाली है। ऐसे में संगठन को गांव, कस्बों और बूथ स्तर तक मजबूत करने की आवश्यकता है।
मतदाता सूची सत्यापन और नए वोटर जोड़ने का आह्वान
बैठक में जिलाध्यक्ष शिवम सिंह ने कार्यकर्ताओं से मतदाता सूची का गहन सत्यापन करने और नए मतदाताओं का नाम जुड़वाने में सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाने के लिए अधिक से अधिक लोगों की चुनावी भागीदारी जरूरी है। इसके लिए युवाओं को जागरूक करने और मतदान के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार करने की आवश्यकता है।
पेपर लीक की घटनाओं पर जताई चिंता
बैठक के दौरान प्रदेश में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाओं का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। छात्र सभा के नेताओं ने आरोप लगाया कि बार-बार होने वाली ऐसी घटनाओं से लाखों युवाओं के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार और संबंधित संस्थाओं की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की जांच की मांग
बैठक में राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित मामले का भी उल्लेख किया गया। संगठन के पदाधिकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। हालांकि इस संबंध में जांच एजेंसियों या प्रशासन की ओर से जो भी निष्कर्ष सामने आएंगे, वही अंतिम रूप से महत्वपूर्ण होंगे।
युवाओं की भूमिका पर विशेष फोकस
बैठक में संगठन विस्तार, छात्र-युवा संवाद और आगामी विधानसभा चुनाव में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने को लेकर व्यापक चर्चा की गई। नेताओं ने कहा कि युवाओं के मुद्दों को लेकर समाज के बीच लगातार संवाद स्थापित किया जाएगा। कार्यक्रम में विश्राम पाल, अंकित यादव, मोहित, अनुपम, श्याम सुंदर राठौर, कपिल यादव समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जैसे-जैसे 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक आएंगे, वैसे-वैसे छात्र और युवा संगठनों की सक्रियता भी बढ़ेगी और विभिन्न मुद्दों पर राजनीतिक गतिविधियां तेज होंगी।
रिपोर्ट: वली चौधरी
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