सपा में टूट का दावा निकला फर्जी, प्रियंका चतुर्वेदी ने कर दिया एक्सपोज!
भारतीय राजनीति में आजकल विपक्षी दलों को तोड़ने की कोशिशें तेज हो गई हैं। उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी में टूट की अटकलें उड़ रही हैं।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: भाजपा भले ही देश में विकास करे न करे जनता के हित में फैसला करे न करे, महंगाई बेरोजारी और भ्रष्टाचार करे न करे लेकिन विपक्ष के नेताओं को तोड़कर अपना फायदा उठाने के लिए दिन रात मेहनत कर रही है।
भले ही नेता जनता द्वारा चुनकर आता हो लेकिन भाजपा उन विपक्ष नेताओं को भी बहला फुसला कर अपने ही अंडर में करने में माहिर होती जा रही है। खैर इसका भी हिसाब देना होगा बीजेपी को। बंगाल और महाराष्ट्र में पाला बदलने के इस खेल के बीच खबरें आने लगी कि यूपी में भी विपक्षी दल के नेता भाजपा के संपर्क में हैं। वहीं इस खबर के सामने आने के बाद सियासी गलियारों में हलचल बढ़ गई।
भारतीय राजनीति में आजकल विपक्षी दलों को तोड़ने की कोशिशें तेज हो गई हैं। उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी में टूट की अटकलें उड़ रही हैं। इन अफवाहों पर विपक्षी नेताओं ने जवाब दिया है। इसी कड़ी में शिवसेना (यूबीटी) की नेता और सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने साफ जवाब दिया। उन्होंने कहा कि “हवा ऐसी बनी हुई है कि सब भागने की तरफ दिखाई दे रहे हैं”।
उन्होंने इसे हवा में पतंगबाजी बताया और बीजेपी पर आरोप लगाया कि वो विपक्षी नेताओं को डराकर, लालच देकर या दबाव बनाकर अपनी तरफ खींच रही है। इस समय हवा ऐसी बनी हुई है कि सब भागने की तरफ दिखाई दे रहे हैं. खुद अखिलेश यादव ने इसके बारे में स्पष्टीकरण दिया है. मैं नहीं मानती हूं कि उत्तर प्रदेश में वही किया जाएगा क्योंकि सांसदों की संख्या ज्यादा है. दो तिहाई बनाने में उनको बहुत समय लग जाएगा, तब तक 2029 का चुनाव आ जाएगा.
जब उनसे पूछा गया कि इंडिया अलायंस किस तरह से डिफेंड करेगी. इस पर प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, ”इसमें डिफेंड क्या करना है? डिफेंड तो भारतीय जनता पार्टी को करना चाहिए. उनके अलायंस को करना चाहिए. आपमें सत्ता की इतनी भूख है कि आप संविधान को खराब कर दो. आप एजेंसियों को अपनी मुट्ठी में कर रहे हो. आप डर का माहौल बनाकर रख रहे हैं. लोकतंत्र के उसूलों को ताक पर डाल दो. हमें कोई बचाव करने की जरूरत नहीं है. डिफेंड तो बीजेपी को करना होगा कि क्यों इस तरह के काम हो रहे हैं.”
दरअसल उत्तर प्रदेश के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया कि सपा के कई सांसद और नेता बीजेपी से संपर्क में हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि रामगोपाल यादव ने अमित शाह को चिट्ठी दी है जिसमें नाम दिए गए हैं। लेकिन अखिलेश यादव ने इन सब बातों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि सपा मजबूत है और बीजेपी खुद दूसरों की पार्टियों को तोड़ने में माहिर है।
अखिलेश जी ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वो लालच और डर का माहौल बनाकर काम करती है।प्रियंका चतुर्वेदी का बयान इसी बहस में आया। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में हवा ऐसी चल रही है कि लोग डर के मारे भागने लगते हैं। लेकिन सच्चाई ये है कि बीजेपी की ये रणनीति लोकतंत्र के लिए खतरा है। जब कोई पार्टी सत्ता में होती है तो उसे विपक्ष को मजबूत करने का मौका देना चाहिए, न कि उसे तोड़ने की कोशिश करनी चाहिए।
न सिर्फ राजभर बल्कि अन्य नेताओं ने भी सपा में टूट के दावे किये- निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी सरकार में मंत्री संजय निषाद ने बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा सपा और कांग्रेस के ज्यादातर विधायक और सांसद उनके संपर्क में हैं. मंत्री ने कहा कि इन पार्टियों में जो भी नेता हिन्दुत्व वादी विचारधारा के हैं वो बीजेपी के साथ आना चाहते हैं और दिल्ली जाना चाहते हैं. संजय निषाद ने दावा किया कि यूपी के क़रीब दो दर्जन से ज्यादा ऐसे सांसद और विधायक है जो भाजपा के साथ आना चाहते है. उन्हें लगता है कि अगर वो सरकार के साथ रहेंगे, तभी तो अपने समाज के लोगों को सुरक्षा और सम्मान दिला पाएंगे.
कैबिनेट मंत्री ने कहा, “कोई भी राजनीति व्यक्ति हो, जो विधायक हो, सांसद हो तो, चाहे नहीं बना है. उसका एक ही काम है संवैधानिक अधिकार दिलाना. ये तभी संभव है जब हम सरकार के साथ रहेंगे. विपक्ष के लोग आए थे सरकार बनाने लेकिन, सरकार नहीं बन पाई. अब ये बाहर रहेंगे तो जनता कहती है कि आपने हमें वादा किया था. तो ज़्यादातर उनके सांसद और विधायक हमारे संपर्क में भी हैं कि हमको किसी तरह दिल्ली ले चलो.”
उन्होंने कहा कि यूपी के जितने भी सांसद सपा-कांग्रेस के है जो भी हिन्दुत्व विचारधारा के हैं वो चाहते हैं कि वो भाजपा के साथ आएं. सरकार के साथ रहेंगे तभी तो समाज तो दिला पाएंगे. राज्य में सरकार जिसकी बनेगी तो साथ ही लोग आना चाहेंगे. हिन्दू विचारधारा के सपा-कांग्रेस में जितने भी सांसद और विधायक हैं वो सभी हमसे मिलते रहते हैं कि हमें दिल्ली में लोगों से मिलाइए.
राजभर के बयान के सामने आने के बाद सियासी हलचल बढ़ गई है। विपक्षी नेताओं के जमकर पलटवार वाले बयान भी सामने आने लगे हैं इसी कड़ी में सपा सांसद राजीव राय की प्रतिक्रिया सामने आई। सपा सांसद ने कहा आपको याद होगा कि मैंने लोकसभा चुनाव के दौरान कहा कि इन तीनों बाप बेटों को बकबकाइटिस वे हर समय बकवास करते रहते हैं. सपा सांसद ने कहा कि मुझे पता चला है कि ये दिल्ली गए थे विधानसभा चुनाव में 30-40 टिकट के लिए तो इन्हें वहां से भगा दिया गया है. ये लोग राम मंदिर दान चोरी के मामले से ध्यान भटकाना चाहते हैं.
बीजेपी पिछले कई सालों से विपक्षी दलों में सेंध लगाने का काम कर रही है। महाराष्ट्र में शिवसेना को तोड़ा गया, झारखंड, मध्य प्रदेश, बिहार और दूसरे राज्यों में भी इसी तरह की कहानियां देखी गई हैं। नेता या तो डर जाते हैं सीबीआई, ईडी के छापों से, या फिर सत्ता और पैसे के लालच में आ जाते हैं। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में सपा अखिलेश यादव के नेतृत्व में पिछड़ों, दलितों, मुस्लिमों और किसानों की आवाज बनकर खड़ी है। अगर सपा मजबूत रहेगी तो बीजेपी को 2027 में कड़ी टक्कर मिलेगी।
इसलिए अफवाहों का बाजार गर्म है। लेकिन अखिलेश यादव और उनकी टीम इसे साफ तौर पर झुठला चुकी है। सपा में युवा, किसान और सामाजिक न्याय के मुद्दे मजबूत हैं। अखिलेश यादव ने अपने कार्यकाल में लखनऊ को सुंदर बनाने, एक्सप्रेसवे बनाने और युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट जैसे काम किए थे। लोग अभी भी उन कामों को याद करते हैं। बीजेपी इन उपलब्धियों को कमजोर करने के लिए अफवाहें फैला रही है। जब बीजेपी दूसरे दलों के नेताओं को खरीदती है या डराती है तो साधारण कार्यकर्ता का मनोबल टूटता है। लेकिन सपा जैसे दलों में जमीनी समर्थन इतना मजबूत है कि आसानी से टूट नहीं होती।



