बरेली में ‘पार्किंग खेल’ पर उठे सवाल! अनेजा ग्रुप के कॉम्प्लेक्स को लेकर दुकानदारों ने लगाए गंभीर आरोप
बरेली के पुराने रोडवेज के सामने स्थित अनेजा ग्रुप के कॉम्प्लेक्स को लेकर पार्किंग व्यवस्था, बेसमेंट कनेक्टिविटी और भवन मानकों पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय दुकानदारों ने नियमों के उल्लंघन और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को लेकर जांच की मांग की है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बरेली शहर के पुराने रोडवेज के सामने स्थित एक व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स को लेकर एक बार फिर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। स्थानीय दुकानदारों और आसपास के लोगों ने पार्किंग व्यवस्था में कथित बदलाव, बेसमेंट कनेक्टिविटी और भवन मानकों को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पार्किंग के लिए निर्धारित स्थानों में बदलाव कर व्यावसायिक उपयोग बढ़ाया गया, जिससे ग्राहकों और दुकानदारों दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह मामला केवल पार्किंग सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि भवन सुरक्षा, आपातकालीन निकास और विकास प्राधिकरण के नियमों के पालन से भी जुड़ा बताया जा रहा है।
पार्किंग के निकास मार्ग पर सवाल
स्थानीय व्यापारियों का दावा है कि पुराने कॉम्प्लेक्स की पार्किंग के एक निकास मार्ग को बंद कर वहां दुकान विकसित कर दी गई। वहीं दूसरे प्रवेश या निकास बिंदु के सामने अस्थायी ढांचा या खोखा रखे जाने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। दुकानदारों का कहना है कि पार्किंग तक पहुंचने और वहां से वाहन निकालने में लगातार दिक्कतें आ रही हैं। उनका आरोप है कि समय के साथ पार्किंग क्षेत्र का स्वरूप बदल दिया गया, जिससे मूल उद्देश्य प्रभावित हुआ।
बेसमेंट से बेसमेंट जोड़ने पर उठे नए सवाल
विवाद का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू नई कमर्शियल बिल्डिंग की अंडरग्राउंड पार्किंग को लेकर है। आरोप है कि नई इमारत के लिए स्वतंत्र पार्किंग निकास विकसित करने के बजाय उसे पुराने भवन के बेसमेंट से जोड़ दिया गया। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि अब दोनों भवनों की पार्किंग व्यवस्था एक-दूसरे से जुड़ी हुई है। विकास प्राधिकरण से जुड़े सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया जा रहा है कि सामान्य परिस्थितियों में एक भवन का स्वीकृत नक्शा दूसरे भवन की संरचना पर निर्भर नहीं होता। ऐसे में दोनों बेसमेंट को जोड़ने की वैधता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
निर्माण के दौरान भी हुआ था विवाद
स्थानीय लोगों के अनुसार निर्माणाधीन नई बिल्डिंग को लेकर पहले भी विवाद सामने आए थे। चर्चा है कि निर्माण कार्य के दौरान तत्कालीन विकास प्राधिकरण अधिकारियों द्वारा कार्रवाई की गई थी और निर्माण को अस्थायी रूप से रोका गया था। हालांकि बाद में निर्माण कार्य दोबारा शुरू हो गया। अब आरोप लगाए जा रहे हैं कि इसी अवधि के दौरान पार्किंग और बेसमेंट से जुड़ी व्यवस्थाओं में बदलाव किए गए। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभागों की जांच के बाद ही संभव हो सकेगी।
सुरक्षा मानकों पर विशेषज्ञों की चिंता
किसी भी व्यावसायिक परिसर में पार्किंग क्षेत्र केवल वाहनों के खड़े होने की जगह नहीं होता। यह आपातकालीन निकास, अग्नि सुरक्षा और आपदा प्रबंधन व्यवस्था का भी महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यदि पार्किंग या निकास मार्गों में किसी प्रकार का अवरोध उत्पन्न होता है, तो आपात स्थिति में लोगों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। यही कारण है कि भवन निर्माण मानकों में पार्किंग और निकास मार्गों को विशेष महत्व दिया जाता है।
नई प्रशासनिक सक्रियता के बीच बढ़ी उम्मीदें
शहर में यह चर्चा भी है कि विकास प्राधिकरण में नए नेतृत्व के आने के बाद अवैध निर्माण, मानचित्र उल्लंघन और भवन मानकों से जुड़े मामलों की समीक्षा तेज हो सकती है। ऐसे में पुराने रोडवेज क्षेत्र के इस कॉम्प्लेक्स की पार्किंग व्यवस्था, बेसमेंट कनेक्टिविटी और स्वीकृत मानचित्रों की भी जांच होने की संभावना जताई जा रही है।
जांच का इंतजार
फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित विभाग इन शिकायतों और आरोपों की जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करता है या नहीं। क्योंकि यह मामला केवल एक भवन या एक व्यवसायिक समूह तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर में भवन निर्माण नियमों, सार्वजनिक सुरक्षा और शहरी व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन से भी जुड़ा हुआ है।
रिपोर्ट -सुनील सक्सेना, बरेली
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