राम मंदिर चढ़ावे को लेकर पूरे देश में भाजपा पर लोग हुए आग बबूला

मुखपत्र सामना के लेख में लगाए बड़े आरोप

  • भाजपा ने महमूद गजनी की तरह राम मंदिर को लूटा : संजय राउत
  • सियायी पार्टियों के साथ आमजन का भी बीजेपी पर निशाना
  • अंबाबाई मंदिर को लेकर भी सरकार को घेरा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
मुंबई। राम मंदिर चंदे में कथित अनियमितताओं को लेकर भाजपा अब केवल यूपी में ही निशाने पर नहीं है अब उसे दिल्ली व महाराष्टï्र समेत पूरे देश के सभी विपक्षी नेताओं के निशाने पर है। यहीं नहीं कि सिर्फ सियासी दल भाजपा को घेर रहे। भाजपा की आलोचना अब सोशल मीडिया पर आम से लकर खास तक करने लगे हैं। इसबीच ममला हाईकोर्ट पहुंच गया। इसकी सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच करेगी। अब शिवसेना यूबीटी के सांसद संजय राउत ने भी भाजपा पर तीखा हमला बोला है और भाजपा की तुलना लुटेरे महमूद गजनी से कर दी है।
राउत ने कहा कि यह लूट और कानून व्यवस्था का पतन है। शिवसेना यूबीटी के मुखपत्र सामना में लिखे लेख में राउत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। राउत ने लिखा, देश ने अब देख लिया है कि मंदिर विकास का असल मतलब क्या होता है। अयोध्या के राम मंदिर में दान पेटियों की लूट। राम मंदिर में दान, सोना, चांदी और आभूषणों की खुलेआम लूट हुई। कार सेवकों ने राम मंदिर के लिए अपना खून बहाया, फिर भी भाजपा ने उसी मंदिर को लूटा। जिस तरह से महमूद गजनी ने सोमनाथ मंदिर को संजय राउत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में देश के कई प्रमुख मंदिरों को लूटा गया और ये सभी लुटेरे भाजपा के भीतर ही मौजूद हैं और शाह की गोद में बैठे हैं। शाह आरोप लगाते हैं कि उद्धव ठाकरे, कांग्रेस की गोद में बैठे हैं। यह उनका महाराष्ट्र विरोध है। ये लोग खुद राम मंदिर के लुटेरे और लोकतंत्र के हत्यारे हैं। लूटा, उसी तरह से भाजपा ने राम मंदिर को लूटा है। राउत ने लिखा, कम से कम अंबाबाई मंदिर में चोरी और डकैती तो नहीं हुई। राम मंदिर में दान पेटी की चोरी कानून व्यवस्था का पतन है।

गबन में शामिल लोगों को बचाने का प्रयास : तारिक

कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने राम मंदिर चढ़ावे में कथित गबन पर कहा, जब तक कोई कड़ी कार्रवाई नहीं होती है तब तक ऐसा लगता है कि लीपापोती हो रही है, जो लोग इस पूरे गबन में शामिल हैं उनको बचाने का प्रयास किया जा रहा है… इसमें एफआईआर करनी चाहिए थी, इसके बाद जिन पर आरोप लगते उन्हें गिरफ्तार करना चाहिए था, पूछताछ करनी चाहिए थी लेकिन यह नहीं किया गया..। पूछा गया कि एफआईआर के बिना एसआईठी के गठन से आप लोग खुश नहीं हैं? इस पर कांग्रेस नेता ने कहा, बिल्कुल हम लोगों का मानना है कि कोई भी छोटा से छोटा केस होता है तो एफआईआर होती है। तो पहले आप एफआईआर तो करिएज् उसके बाद एफआईआर के जरिए जांच हो और पुलिस तहकीकात करे तो तत्काल उसका कुछ परिणाम आ सकता है। एसआईटी बना देना या और कोई इस तरह की व्यवस्था कर देना, जज के द्वारा जांच कराना, ये लंबा प्रोसेस है।

दान में करोड़ों का घोटाला पर अबतक एफआईआर क्यों नहीं: केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने राम मंदिर दान में करोड़ों की चोरी का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया है कि इस मामले में बड़े नाम शामिल हैं और अगर निष्पक्ष जांच हुई तो सरकार भी गिर सकती है, साथ ही उन्होंने एफआईआर दर्ज न होने पर भी सवाल उठाए।आम आदमी पार्टी के प्रमुख ने राम मंदिर कमेटी की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि राम मंदिर के चंदे से करोड़ों रुपये की चोरी हो गई है, लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि केंद्र और राज्य दोनों जगह एनडीए की सरकार होने के बावजूद अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। एक्स पर अपनी बात रखते हुए लिखा, अयोध्या के राम मंदिर से करोड़ों हिंदुओं की आस्था जुड़ी है। उसी मंदिर से करोड़ों रुपये के चंदे की चोरी हो गई, पर एक भी एफआईआर नहीं हुई। उन्होंने आगे कहा कि इस मामले में बहुत बड़े-बड़े नाम शामिल हैं और अगर इस पर निष्पक्ष कार्रवाई की गई, तो सरकार भी गिर सकती है। आप प्रमुख ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर सरकार किसे बचाने की कोशिश कर रही है?

यह किसी व्यक्ति का नहीं पार्टी का कार्यक्रम है: खरगे

  • कांग्रेस के संकल्प समावेश कार्यक्रम के दौरान डीके-डीके के नारे से भडक़े राष्ट्रीय अध्यक्ष

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में आयोजित कांग्रेस के संकल्प समावेश कार्यक्रम के दौरान मंच से भाषण दे रहे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे उस समय आगबबूला हो गए, जब पार्टी कार्यकर्ताओं के एक गुट ने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के समर्थन में डीके-डीके के नारे लगाने शुरू कर दिए और कार्यक्रम में बाधा डाली। खरगे ने नारेबाज़ी करने वाले कार्यकर्ताओं को मंच से ही बेकार लोग कहकर कड़ी फटकार लगाई। नारेबाज़ी से नाराज खरगे ने कार्यकर्ताओं को याद दिलाया कि यह कांग्रेस का कार्यक्रम है, किसी एक व्यक्ति विशेष को बढ़ावा देने का मंच नहीं।
उन्होंने कड़े लहजे में कहा क्या यहां नारे लगाने से पूरे देश पर कोई असर पड़ेगा? यह किसी व्यक्ति का कार्यक्रम नहीं है, यह पार्टी का कार्यक्रम है। तुम बेकार लोग! यहां किसी व्यक्ति की पूजा नहीं होती, हम यहां पार्टी के लिए आए हैं जो हम सभी को एक साथ लाती है। खरगे ने कार्यक्रम में मौजूद अन्य कार्यकर्ताओं की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए पूछा, अगर एक व्यक्ति कुछ कहता है और दूसरा कुछ और चिल्लाता है, तो बाकी लोग यहां किसलिए आए हैं? क्या वे फर्श पर झाड़ू लगाने आए हैं? अपने लंबे राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कांग्रेस प्रमुख ने नेताओं को अपनी हद में रहने की नसीहत दी। उन्होंने कहा, मेरे पास 58 वर्षों का राजनीतिक अनुभव है। यहां कई नेता आए हैं, हालांकि पार्टी में उनका योगदान कम है, लेकिन पार्टी ने उन्हें बहुत कुछ दिया है।

कांग्रेस में तीन होल्डिंग कंपनियां और एक सब्सिडियरी: भाजपा

इस पूरी घटना पर मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चुटकी लेने में देर नहीं की। भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने इस घटनाक्रम को कांग्रेस के भीतर चल रही सत्ता की आपसी खींचतान का नतीजा बताया। गौरव ने कांग्रेस के नेतृत्व ढांचे का मज़ाक उड़ाते हुए कॉरपोरेट जगत की तर्ज पर एक नया विश्लेषण पेश किया- कांग्रेस : एम (मम्मी) पहली होल्डिंग कंपनी (सोनिया गांधी), कांग्रेस पी (प्रियंका), दूसरी होल्डिंग कंपनी (प्रियंका गांधी वाड्रा) कांग्रेस आर (राहुल) तीसरी होल्डिंग कंपनी (राहुल गांधी), कांग्रेस के (खडग़े) इन तीनों बड़ी होल्डिंग कंपनियों की एक सब्सिडियरी यानी सहायक कंपनी। क्या आप सोच सकते हैं कि किसी राजनीतिक पार्टी का अध्यक्ष अपने ही मुख्यमंत्री (या बड़े नेता) के लिए लगाए जा रहे नारों से नाराज़ हो रहा है? ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि खडग़े जी खुद कर्नाटक का मुख्यमंत्री बनना चाहते थे। बेंगलुरु के इस वाकये ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि कर्नाटक कांग्रेस के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है। जहां एक तरफ खरगे पार्टी में अनुशासन की दुहाई दे रहे है।

अमेरिका-ईरान की शांति वार्ता में नहीं रुक रही खलल

  • लेबनान पर इजराइल हमले के बाद कतर के गैस टर्मिनल में बड़ा धमाका

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता होने के बाद भी मध्यपूर्व में लड़ाई शांत नही हो रही है। इसराइल के लेबनान पर हमले के एक दिन बाद कतर के रास लाफान में एक प्रमुख नेचुरल गैस एक्सपोर्ट टर्मिनल में रविवार रात तेज धमाका हुआ। हादसा तब हुआ जब ईरान के हमले के बाद यहां कर्मचारियों की ओर से टर्मिनल को दोबारा शुरू करने की कोशिश की जा रही थी। तेज धमाके के चलते के चलते वहां भीषण आग लग गई। जिसमें करीब 54 लोगों के घायल होने की खबर है, जबकि 18 लोग कई घंटों बाद तक लापता थे।
फिलहाल, राहत-बचाव टीमें मौके पर लगातार काम कर रही हैं। इस घटना के बाद ईरान-अमेरिका वार्ता में बड़ा फैसला लिया गया। विवाद सुलझाने के 4 कमेटियां बना दी गई है। कतर-पाक ने इसका प्लान जारी किया। कतर दुनिया के टॉप नेचुरल गैस उत्पादकों में से एक है, ऐसे में यहां के इंडस्ट्रियल एरिया में हुए इस बड़े धमाके का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है। उधर, ईरान की ओर से होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने के चलते कतर अपने सप्लायर को गैस की आपूर्ति नहीं कर पा रहा था, जिसके चलते कतर ने अपना उत्पादन बंद कर दिया था। कतर की सरकारी कंपनी कतरएनर्जी के मुताबिक एक्सपोर्ट टर्मिनल में काम के दौरान रविवार रात बरजान गैस सप्लाई प्लांट में एक बड़ा धमाका हुआ और आग लग गई। टर्मिनल हुए धमाके के चलते होने वाले नुकसान की अब तक कोई पुख्ता जानकारी सामने नहीं आ पाई है।

बातचीत का पहला दौर खत्म हुआ : अराघची

ईरान और अमेरिका के बीच एक 14-पॉइंट के समझौते को लेकर बातचीत का पहला दौर खत्म हुआ है। इसके बाद ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोमवार (22 जून) को बताया कि लेबनान में चल रही जंग को रोकने के लिए काफी अच्छी प्रगति हुई है, उन्होंने इस बातचीत को दोनों देशों के बीच की पहली असली परीक्षा कहा है।

तमिलनाडु में बवंडर ने मचाई तबाही

  • पेड़ उखड़े, बिजली के खंभे टूटे, घरों को पहुंचा नुकसान

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
चेन्नई। तमिलनाडु के तूतुकुड़ी जिले में अचानक आए एक भयानक और विनाशकारी तूफान ने भारी तबाही मचाई है। इस तूफान के कारण कई घर, बिजली के खंभे, एक टोल प्लाजा और एक प्राइवेट थीम पार्क पूरी तरह बर्बाद हो गए। इस घटना के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें धूल और मलबे का एक बहुत बड़ा घूमता हुआ खंभा आसमान की तरफ उठता हुआ दिखाई दे रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों ने साफ किया है कि बादलों की एक खास स्थिति के कारण उठी तेज हवाएं थीं। यह तूफान तूतुकुड़ी शहर से करीब 2० किलोमीटर दूर, तूतुकुड़ी-तिरुनेलवेली हाईवे पर स्थित वागाईकुलम व मुडिवैथनेन्दल गांवों में आया, जिसके चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

नगर निगम कार्यकारिणी समिति के छह सदस्य निर्विरोध निर्वाचित

  • विशेष अधिवेशन से पूर्व महापौर ने पार्षदों के साथ की बैठक, निकाली पदयात्रा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। नगर निगम लखनऊ की कार्यकारिणी समिति के सेवानिवृत्त छह सदस्यों के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु सोमवार को नगर निगम मुख्यालय में महापौर सुषमा खर्कवाल की अध्यक्षता में विशेष अधिवेशन एवं चुनाव प्रक्रिया का आयोजन किया गया। चुनाव में छह पदों के सापेक्ष छह प्रत्याशियों द्वारा नामांकन किए जाने के कारण सभी प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए। विशेष अधिवेशन से पूर्व भाजपा मुख्यालय के निकट स्थित 9 बंगला में महापौर सुषमा खर्कवाल ने भाजपा महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी के साथ पार्षदगणों की बैठक में सहभागिता की।
बैठक में संगठनात्मक विषयों, नगर विकास से जुड़े मुद्दों तथा विशेष अधिवेशन पर विस्तार से चर्चा की गई। चुनाव प्रक्रिया के दौरान लालकुआं वार्ड से सुशील तिवारी पम्मी जी, तिलक नगर कुंडरी रकाबगंज वार्ड से राजीव बाजपेई जी, राजीव गांधी प्रथम वार्ड से संजय राठौर न्यू हैदरगंज तृतीय वार्ड से विनोद यादव फैजुल्लागंज प्रथम वार्ड से रश्मि सिंह तथा भरवारा मल्हौर वार्ड से ममता रावत ने कार्यकारिणी समिति सदस्य पद हेतु अपना नामांकन प्रस्तुत किया।

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