बरेली के मॉल में बड़ा हादसा टला! 45 मिनट तक लिफ्ट में कैद रहे लोग, बच्ची हुई बेहोश

बरेली के सिटी सेंटर एलए मॉल में तकनीकी खराबी के कारण लिफ्ट करीब 45 मिनट तक बंद रही। लिफ्ट में फंसे लोगों में घुटन फैल गई और एक बच्ची बेहोश हो गई। घटना के बाद मॉल की सुरक्षा व्यवस्था और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम पर सवाल उठ रहे हैं।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: रविवार को बरेली के सिविल लाइंस स्थित सिटी सेंटर एलए मॉल में एक ऐसी घटना हुई जिसने वहां मौजूद लोगों को दहशत में डाल दिया। मॉल की एक लिफ्ट अचानक तकनीकी खराबी के कारण बीच रास्ते में रुक गई और उसमें महिलाएं, बच्चे तथा अन्य लोग करीब 45 मिनट तक फंसे रहे। बंद लिफ्ट में बढ़ती घुटन और घबराहट के बीच एक बच्ची बेहोश हो गई, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि समय रहते लिफ्ट नहीं खुलती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।

इमरजेंसी अलार्म बजाया, लेकिन नहीं मिला जवाब

लिफ्ट में फंसे लोगों के मुताबिक उन्होंने कई बार इमरजेंसी अलार्म का इस्तेमाल किया। साथ ही लिफ्ट के अंदर प्रदर्शित आपातकालीन संपर्क नंबर पर भी बार-बार कॉल की गई, लेकिन कथित तौर पर किसी ने फोन रिसीव नहीं किया। फंसे हुए लोगों का आरोप है कि लगातार मदद की गुहार लगाने के बावजूद तत्काल कोई सहायता नहीं पहुंची। इस दौरान बंद लिफ्ट में मौजूद छोटे बच्चों और बुजुर्गों की परेशानी बढ़ती चली गई।

घुटन बढ़ी तो बच्ची हुई बेहोश

करीब 45 मिनट तक बंद लिफ्ट में रहने के कारण लोगों में घबराहट फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ऑक्सीजन की कमी और घुटन के चलते एक बच्ची की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई। लिफ्ट खुलने के बाद उसे तत्काल बाहर निकाला गया। बाद में प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया, जिसके बाद उसकी हालत सामान्य बताई गई और उसे घर भेज दिया गया।

बाहर निकलते ही फूटा लोगों का गुस्सा

जब काफी देर बाद लिफ्ट का दरवाजा खोला गया और लोग बाहर निकले तो उनका गुस्सा साफ दिखाई दिया। कई लोगों ने मॉल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। घटना की सूचना मिलने पर सिविल लाइंस पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस की मौजूदगी में लोगों को शांत कराया गया।

मॉल प्रबंधन ने क्या कहा?

मॉल प्रबंधन का कहना है कि बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण तकनीकी समस्या उत्पन्न हुई थी, जिससे लिफ्ट अस्थायी रूप से बंद हो गई। प्रबंधन के अनुसार सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम को सक्रिय किया गया और सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, लिफ्ट में फंसे लोगों का आरोप है कि सहायता पहुंचने में काफी देरी हुई और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम प्रभावी रूप से काम नहीं कर सका।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

इस घटना के बाद मॉल की सुरक्षा व्यवस्था, लिफ्ट में उपलब्ध आपातकालीन सुविधाओं और रिस्पॉन्स सिस्टम को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी सार्वजनिक भवन में लिफ्ट सुरक्षा मानकों का पालन अत्यंत आवश्यक है। विशेष रूप से शॉपिंग मॉल जैसे स्थानों पर जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में परिवार, बच्चे और बुजुर्ग आते हैं, वहां आपातकालीन सहायता प्रणाली का हर समय सक्रिय रहना जरूरी होता है।

जांच और जवाबदेही की मांग

घटना के बाद कई लोगों ने पूरे मामले की जांच कराने और यह पता लगाने की मांग की है कि आखिर इमरजेंसी कॉल का जवाब क्यों नहीं मिला और रेस्क्यू में इतना समय क्यों लगा। फिलहाल बच्ची की हालत सामान्य बताई जा रही है, लेकिन इस घटना ने मॉल की सुरक्षा तैयारियों और आपातकालीन प्रबंधन व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

रिपोर्ट – सुनील सक्सेना,बरेली

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