महिलाओं की शिकायत सुनते ही भड़के बीजेपी विधायक, बोले- “जे गारी देई त लात खाई”

मिर्जापुर में ग्रामीण महिलाओं की शिकायत सुनने के दौरान बीजेपी विधायक रत्नाकर मिश्र का बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। अधिकारियों को फटकार लगाने और जनता की समस्याओं पर उनकी प्रतिक्रिया चर्चा में है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें नगर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक पंडित रत्नाकर मिश्र ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के दौरान तीखी प्रतिक्रिया देते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि ग्रामीण महिलाओं ने जल निकासी और स्थानीय समस्याओं को लेकर अपनी शिकायत विधायक के सामने रखी थी। इसी दौरान कुछ लोगों द्वारा शिकायतकर्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज किए जाने की बात सामने आई, जिस पर विधायक नाराज हो गए। विधायक की प्रतिक्रिया का वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। समर्थक इसे जनता के प्रति उनकी संवेदनशीलता बता रहे हैं, जबकि राजनीतिक गलियारों में इस बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

नए फीडर के शुभारंभ कार्यक्रम में पहुंचे थे विधायक

जानकारी के अनुसार, मिर्जापुर नगर विधानसभा क्षेत्र के विजयपुर 33/11 केवी सब स्टेशन से गैपुरा के नव निर्मित फीडर के ऊर्जीकृत होने के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसी कार्यक्रम में भाजपा विधायक पंडित रत्नाकर मिश्र शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र की महिलाओं ने जल निकासी के लिए नाली निर्माण समेत अन्य स्थानीय समस्याओं को विधायक के सामने रखा। महिलाओं का आरोप था कि शिकायत करने पर संबंधित जिम्मेदार लोग उनकी बात सुनने के बजाय अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं।

शिकायत सुनते ही नाराज हुए विधायक

ग्रामीण महिलाओं की बात सुनने के बाद विधायक ने उन्हें आश्वस्त करते हुए स्थानीय बोली में कहा, “जे गारी देई त लात खाई।” इसके बाद उन्होंने मौके से ही संबंधित विभाग के अधिकारियों को फोन कर समस्या के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विधायक ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी और शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।

पहले भी चर्चा में रहे हैं विधायक

पंडित रत्नाकर मिश्र मिर्जापुर सदर विधानसभा सीट से लगातार दूसरी बार विधायक चुने गए हैं। वह विंध्याचल धाम के तीर्थ पुरोहित के रूप में भी पहचान रखते हैं। इससे पहले भी विभिन्न विकास कार्यों और जन समस्याओं को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाने वाले उनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं। जल निगम से जुड़े मामलों और प्राकृतिक आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त पीपा पुल को लेकर भी उनके बयान चर्चा में रहे थे।

विधायक ने दी अपनी प्रतिक्रिया

वायरल वीडियो को लेकर विधायक का कहना है कि उनके क्षेत्र की जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी हो और अधिकारी समाधान के बजाय उन्हें अपमानित करें, यह स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते जनता की समस्याओं का समाधान कराना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीणों के साथ अभद्र व्यवहार करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और सरकारी तंत्र को आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना चाहिए।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

वायरल वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। कुछ लोग विधायक के तेवर को जनता के हित में उठाया गया कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग जनप्रतिनिधियों की भाषा और सार्वजनिक व्यवहार को लेकर सवाल उठा रहे हैं। फिलहाल यह वीडियो क्षेत्र में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है और लोगों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि स्थानीय समस्याओं के समाधान को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

रिपोर्ट – संतोष देव गिरी

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