फिर तेवर में आईं पूर्व सीएम ममता बनर्जी

- आठ नेताओं को पार्टी से निकाला
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
कोलकता। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में अंदरूनी कलह के बीच पूर्व सीएम एकबार फिर तेवर में आ गई हैं। पार्टी ने फिरहाद हकीम और अरूप बिस्वास समेत 8 सीनियर नेताओं को पार्टी-विरोधी गतिविधियों के आरोप में बाहर निकाल दिया। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यह अनुशासनात्मक कार्रवाई नेतृत्व के बढ़ते संकट और गुटबाजी के कारण की गई है, क्योंकि कई नेता कथित तौर पर ऐसे काम कर रहे थे जो पार्टी के आधिकारिक रुख के खिलाफ थे। संगठनात्मक भूमिकाएं निभा चुके हैं। पार्टी में चल रहे इस बड़े बदलाव के दौरान बाहर निकाले गए नेताओं में ये दोनों सबसे प्रमुख नाम हैं।
यह घटनाक्रम पार्टी के भीतर हफ़्तों से चल रही राजनीतिक अस्थिरता के बाद हुआ है। इस दौरान असहमति के आरोप, नेतृत्व को लेकर विवाद और संगठनात्मक फ़ैसलों पर नियंत्रण के लिए अलग-अलग गुटों के दावों जैसी स्थितियां देखने को मिलीं। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि इस फ़ैसले का मकसद पार्टी में आंतरिक अनुशासन बहाल करना और नेतृत्व की पकड़ मज़बूत करना है। इसे हाल के वर्षों में पार्टी नेतृत्व के सामने आई सबसे गंभीर आंतरिक चुनौतियों में से एक माना जा रहा है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस पर नियंत्रण की कोशिश में विपक्ष के नेता रीताब्रता बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने सोमवार को विधायक अरूप रॉय को अध्यक्ष चुना। यह पार्टी संस्थापक ममता बनर्जी के प्राधिकार को अब तक की सबसे बड़ी चुनौती है।
अभिषेक बनर्जी को विदेश जाने की मिली अनुमति
कलकत्ता हाईकोर्ट ने टीएमसी से सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को विदेश यात्रा की अनुमति दे दी। अभिषेक बनर्जी ने आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की मंजूरी मांगते हुए अदालत में याचिका दायर की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उन्हें राहत दी। यह याचिका जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की अदालत में दाखिल की गई थी। इसमें अभिषेक बनर्जी ने लगभग एक सप्ताह की विदेश यात्रा की अनुमति मांगी थी। उन्होंने अदालत से उस पाबंदी में ढील देने का अनुरोध किया था, जिसके तहत कथित भडक़ाऊ बयान देने के मामले में उनकी यात्रा पर रोक लगाई गई थी। इस मामले में आगे की सुनवाई इसी सप्ताह होने की संभावना है। इससे पहले भी अभिषेक बनर्जी आंखों के इलाज के लिए विदेश जा चुके हैं। उस समय कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के बाद उन्हें अमेरिका जाने की अनुमति मिली थी। यह आदेश कोयला तस्करी मामले से जुड़े एक प्रकरण में जस्टिस विवेक चौधरी की अदालत ने दिया था।



