किसानों की जमीन पर कब्जे की कोशिश, AAP ने उठाई आवाज, हक की लड़ाई जारी

बिना किसानों की सहमति के पाइपलाइन का काम शुरू किए जाने के विरोध में किसान आंदोलन कर रहे हैं... AAP गुजरात प्रदेश अध्यक्ष... 

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात के कई गांवों में किसान इन दिनों अपनी जमीन बचाने के लिए सड़कों पर उतर आए हैं.. बिना पूछे उनकी खेतों में पाइपलाइन.. और बिजली संबंधी काम शुरू किए जा रहे हैं.. किसान इसे जमीन पर कब्जे की कोशिश बता रहे हैं.. जब वे विरोध कर रहे हैं तो आम आदमी पार्टी के गुजरात प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने उनसे मुलाकात की.. और पूरा समर्थन जताया.. AAP का कहना है कि किसानों के साथ अन्याय होगा तो पार्टी हमेशा उनके साथ खड़ी रहेगी.. इस मुद्दे पर पूरे राज्य में सियासी हलचल मची हुई है..

आपको बता दें कि किसान चिल्ला-चिल्लाकर कह रहे हैं कि जमीन पर कब्जे की कोशिश क्यों.. बिना पूछे पाइपलाइन का काम.. वे अपनी फसलों और खेतों की रक्षा के लिए ट्रैक्टर रैली निकाल रहे हैं.. इसुदान गढ़वी जैसे नेता किसानों की आवाज बनकर उनके साथ खड़े हो रहे हैं.. यह आंदोलन सिर्फ एक इलाके तक सीमित नहीं है.. बल्कि गुजरात के कई जिलों में फैल रहा है..

गुजरात सरकार बिजली ट्रांसमिशन और अन्य विकास कार्यों के लिए पाइपलाइन बिछाने का काम करा रही है.. कई जगहों पर किसानों की निजी जमीन पर बिना उनकी सहमति के काम शुरू कर दिया गया.. किसानों का आरोप है कि न तो उन्हें पहले से सूचना दी गई.. न उचित मुआवजा दिया गया.. और न ही उनकी राय ली गई.. वे कहते हैं कि उनकी उपजाऊ जमीन ले ली जा रही है.. जिस पर वे सालों से खेती कर रहे हैं.. बिना पूछे कोई उस पर पाइपलाइन डाल दे तो कैसे सहन करें.. सरकार विकास की बात करती है.. लेकिन किसान की रोटी छीन रही है।..

कई गांवों में किसानों ने ट्रैक्टर खड़े करके रास्ता रोका और प्रदर्शन किया.. जब किसान आंदोलनरत थे, तब AAP गुजरात प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी उनके बीच पहुंचे.. और उन्होंने किसानों से मुलाकात की.. उनकी समस्याएं सुनीं और कहा कि यह किसानों का आंदोलन है.. पार्टी इसे राजनीतिक रंग नहीं दे रही, बल्कि किसानों के हक की लड़ाई लड़ रही है..

इसुदान गढ़वी ने कहा कि किसानों की आवाज बने इसुदान.. अन्याय के खिलाफ जंग जारी रहेगी.. उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि AAP हमेशा उनके साथ खड़ी रहेगी.. जब भी किसानों के साथ अन्याय होगा, पार्टी मजबूती से लड़ाई लड़ेगी.. गढ़वी की यह यात्रा किसानों के बीच काफी सराही गई.. वे एक पूर्व पत्रकार भी हैं.. और किसानों के मुद्दों पर लंबे समय से आवाज उठाते रहे हैं..

जानकारी के अनुसार किसानों ने किसान अधिकार यात्रा निकाली है.. अहमदाबाद से गांधीनगर तक ट्रैक्टर रैली निकाली गई.. जिसमें सैकड़ों किसान शामिल हुए.. वे MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य), कर्ज माफी, जमीन सुरक्षा और उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं.. कांग्रेस और कई किसान संगठनों ने भी इस आंदोलन को समर्थन दिया है.. आंदोलन में शामिल किसान कहते हैं कि सरकार बिजली लाइन, पाइपलाइन या अन्य प्रोजेक्ट के नाम पर उनकी जमीन ले रही है.. लेकिन उचित बातचीत नहीं कर रही.. कुछ जगहों पर पुलिस और प्रशासन ने दबाव डाला तो किसानों ने और ज्यादा आक्रोश दिखाया..

गुजरात के किसान कई मुश्किलों से जूझ रहे हैं.. सूखा, महंगे बीज-खाद, बाजार में सही दाम न मिलना.. और अब जमीन छिनने का खतरा.. पाइपलाइन का काम उनकी फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है.. किसान चाहते हैं कि कोई भी प्रोजेक्ट हो तो पहले उनकी सहमति ली जाए.. मुआवजा बाजार दर से ज्यादा हो.. वैकल्पिक जमीन या रोजगार का इंतजाम हो.. लेकिन फिलहाल ये मांगें पूरी नहीं हो रही हैं..

 

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