गार्ड ऑफ ऑनर के दौरान भावुक हुए आर्मी चीफ, पहले पिता फिर भाई से जुड़ा खास पल
जनरल धीरज सेठ भारतीय सेना के 31वें आर्मी चीफ बने हैं. पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने कहा, आज भारतीय सेना के 31वें थल सेना अध्यक्ष का पदभार ग्रहण करना मेरे लिए गर्व और विनम्रता का क्षण है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: गार्ड ऑफ ऑनर मिलने के बाद आर्मी चीफ जनरल धीरज सेठ ने सबसे पहले अपने रिटायर पिता लेफ्टिनेंट जनरल केएम सेठ को सैल्यूट कर उनका आशीर्वाद लिया. इसके बाद उन्होंने छोटे भाई रियर एडमिरल रविनीश सेठ की भी सलामी ली.
कुछ तस्वीरें और वीडियो दिल को छू जाती हैं. इन्ही में एक वीडियो भारत के नए आर्मी चीफ जनरल धीरज सेठ के सलामी का है और यह बेहद भावुक और गर्व से भरा पल है. दरअसल, जब एक ही परिवार की दो पीढ़ियां देश की सेना के शीर्ष पदों पर रहकर एक-दूसरे को सलामी देते हैं, तो यह पूरे देश के लिए सम्मान की बात होती है. गार्ड ऑफ ऑनर मिलने के बाद आर्मी चीफ जनरल धीरज सेठ ने सबसे पहले अपने रिटायर पिता लेफ्टिनेंट जनरल केएम सेठ को सैल्यूट कर उनका आशीर्वाद लिया.
वहीं, उनके (जनरल धीरज सेठ) छोटे भाई रियर एडमिरल रविनीश सेठ ने भी प्रोटोकॉल और भाई के सम्मान में अपने बड़े भाई (आर्मी चीफ) को सैल्यूट किया. ऐसे में यह वीडियो दिखाता है कि इस परिवार की रगों में देश सेवा और अनुशासन किस कदर बसा हुआ है, जहां पिता सेना में लेफ्टिनेंट जनरल रहे, बड़ा बेटा आर्मी चीफ बना और छोटा बेटा नौसेना में रियर एडमिरल के पद पर काबिज हैं.
जनरल धीरज सेठ भारत के 31वें आर्मी चीफ
जनरल धीरज सेठ भारतीय सेना के 31वें आर्मी चीफ बने हैं. पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने कहा, आज भारतीय सेना के 31वें थल सेना अध्यक्ष का पदभार ग्रहण करना मेरे लिए गर्व और विनम्रता का क्षण है.कर्तव्य, सम्मान और राष्ट्र सर्वोपरि के सिद्धांत पर जिम्मेदारी निभाऊंगा. उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के प्रति अपना आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने मुझ पर विश्वास रखा और भारतीय सेना का नेतृत्व करने का यह गौरव एवं उत्तरदायित्व सौंपा.
सेना प्रमुख ने देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की. उन्होंने कहा कि राष्ट्र सेवा में अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों का साहस, कर्तव्यनिष्ठा और निस्वार्थ समर्पण आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा.



