अमरनाथ यात्रा को लेकर सुरक्षा अलर्ट, हर गतिविधि पर पैनी नजर

पाकिस्तान के आतंकी हैंडलर अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाने के लिए ड्रोन के जरिए सांबा और कठुआ सेक्टर में हथियार गिराने की साजिश रच रहे हैं.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: पाकिस्तान के आतंकी हैंडलर अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाने के लिए ड्रोन के जरिए सांबा और कठुआ सेक्टर में हथियार गिराने की साजिश रच रहे हैं.

खुफिया इनपुट मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं. बीएसएफ और पुलिस अंतरराष्ट्रीय सीमा पर निगरानी और तलाशी अभियान चला रही है. यात्रा मार्ग पर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है ताकि किसी भी आतंकी साजिश को रोका जा सके.

अमरनाथ यात्रा के बीच सुरक्षा एजेंसियों को एक अहम खुफिया इनपुट मिला है. जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान स्थित आतंकी हैंडलर जम्मू संभाग के अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) से लगे सांबा और कठुआ सेक्टर में ड्रोन के जरिए हथियार और गोला-बारूद गिराने की साजिश रच रहे हैं.

इस इनपुट के बाद सुरक्षा एजेंसियों और सीमा पर तैनात बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. सूत्रों के अनुसार, पिछले दो-तीन दिनों के दौरान पाकिस्तान के सियालकोट जिले के बदाला गुजरां इलाके में कई पाकिस्तानी आतंकी हैंडलरों की गतिविधियां देखी गई हैं. माना जा रहा है कि इन्हीं बैठकों में भारतीय सीमा में हथियार पहुंचाने की योजना बनाई गई है.

अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाने की साजिश
एजेंसियों को आशंका है कि अगले दो से तीन सप्ताह के भीतर सांबा और कठुआ सेक्टर में ड्रोन के जरिए हथियारों की खेप गिराने की कोशिश की जा सकती है. इन हथियारों का इस्तेमाल जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकियों तक पहुंचाने और अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाने की साजिश के तहत किया जा सकता है.

तलाशी अभियान जोरों पर
खुफिया इनपुट के बाद सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर निगरानी और तलाशी अभियान तेज कर दिए हैं. ड्रोन रोधी तकनीक, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और गश्त को भी बढ़ाया गया है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को समय रहते नाकाम किया जा सके.

संवदेनशील इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि अमरनाथ यात्रा के दौरान आतंकी संगठन माहौल खराब करने और दहशत फैलाने की कोशिश कर सकते हैं. इसी वजह से यात्रा मार्ग, बेस कैंप और अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था पहले से और अधिक कड़ी कर दी गई है.

हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह खुफिया इनपुट एहतियात के तौर पर लिया गया है और सभी संबंधित बलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आतंकी साजिश को समय रहते विफल किया जा सके.

अमरनाथ यात्रा 2026, 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त को खत्म होगी. ये यात्रा 57 दिनों तक चलेगी. ये तारीखें श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (SASB) से ली गई हैं. यात्रा आमतौर पर रक्षा बंधन के दिन खत्म होती है, जब पवित्र छड़ी, ‘छड़ी मुबारक’, गुफा में पहुंचती है.

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