“रिश्वत की रेट लिस्ट लगा दीजिए…” पीलीभीत में अधिवक्ताओं की अनोखी मांग से मचा हड़कंप

पीलीभीत की बीसलपुर तहसील में भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के आरोपों को लेकर अधिवक्ताओं ने डीएम को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने व्यंग्यात्मक रूप से तहसील में 'रिश्वत की रेट लिस्ट' चस्पा करने की मांग करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।

4पीएम न्यूज नेटवर्कः पीलीभीत जिले की बीसलपुर तहसील में कथित भ्रष्टाचार और अवैध वसूली को लेकर अधिवक्ताओं ने जिला प्रशासन के सामने अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया। तहसील दिवस के दौरान अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह को ज्ञापन सौंपते हुए व्यंग्यात्मक रूप से मांग की कि यदि बिना रिश्वत के सरकारी काम नहीं हो रहे हैं तो तहसील परिसर में “रिश्वत की रेट लिस्ट” सार्वजनिक कर दी जाए, ताकि आम लोगों को पहले से जानकारी हो सके।

राजस्व कार्यों में रिश्वतखोरी के लगाए आरोप

ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि दाखिल-खारिज, नामांतरण, वारिसान और इन्कलाब जैसे राजस्व संबंधी कार्यों में बिना पैसे दिए फाइल आगे नहीं बढ़ती। उनका दावा है कि इस कथित व्यवस्था में कुछ अधिकारी, कर्मचारी और निजी व्यक्तियों की भूमिका भी शामिल है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

‘रेट लिस्ट’ की मांग के पीछे बताई यह वजह

अधिवक्ता आशुतोष शुक्ला ने कहा कि यदि व्यवस्था सुविधा शुल्क पर आधारित हो गई है तो उसकी रेट लिस्ट सार्वजनिक कर दी जाए, ताकि वादकारियों, अधिवक्ताओं और कर्मचारियों के बीच विवाद की स्थिति न बने। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की।

समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी

अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि शिकायतों का समयबद्ध समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से ज्ञापन प्राप्त होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।

रिपोर्ट- सुनील सक्सेना

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