मंदिर में चढ़ावे को लेकर विपक्ष का प्रहार जारी
कांग्रेस बोली- फॉरेंसिक ऑडिट किया जाए

- भाजपा ने कहा-हिंदुओं को बांटने की कोशिश हो रही है
- भाजपा व आरएसएस ने आस्था के साथ किया विश्वासघात: जयराम रमेश
- एसआईटी की कार्रवाई पर भी सवाल
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नर्ई दिल्ली। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के मामला अभी शांत होने का नाम नही ले रहा है। मंदिर में कथित हेराफेरी को लेकर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधने का सिलसिला जारी है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच और फॉरेंसिक ऑडिट की मांग की है। कांग्रेस का आरोप है कि इस घोटाले के पीछे बड़े लोगों को बचाया जा रहा है, जबकि भाजपा ने इसे हिंदुओं को बांटने की कोशिश करार दिया है। कांग्रेस ने अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है।
कांग्रेस महासचिव (संचार प्रभारी) जयराम रमेश ने इस मामले पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश आस्था से विश्वासघात के लिए भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को कभी माफ नहीं करेगा। सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए जयराम रमेश ने कहा कि इस कथित चढ़ावा चोरी के मामले का खुलासा हुए एक महीना बीत चुका है, लेकिन प्रधानमंत्री इस पर पूरी तरह मौन हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर के नाम पर राजनीति करने वालों की पोल अब हर दिन नए तथ्यों के सामने आने से खुल रही है। कांग्रेस ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच, फॉरेंसिक ऑडिट और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को एक बार फिर दोहराया है। विशेष जांच दल (एसआईटी) की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एसआईटी को भी यह मानना पड़ा है कि चढ़ावे से रोजाना लाखों रुपये गायब हो रहे हैं। रमेश ने आरोप लगाया कि यह मामला कुछ छोटे कर्मचारियों तक सीमित नहीं है और सरकार असली गुनहगारों को बचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि चंपत राय और अन्य मंदिर न्यासियों के पास कुछ गहरे राज हैं, जिसके चलते सरकार उन पर कार्रवाई करने से बच रही है।
चढ़ावा चोरी के मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा उसे बिल्कुल बख्शा नहीं जाएगा : भाजपा
विपक्ष के इन हमलों के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस मामले पर अपना रुख स्पष्ट किया है। भाजपा का कहना है कि चढ़ावा चोरी के मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बिल्कुल बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही भाजपा ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जो दल कभी राम मंदिर निर्माण के समर्थन में नहीं थे, वे अब हिंदुओं को बांटने के लिए इस मुद्दे का राजनीतिक इस्तेमाल कर रहे हैं।
केजरीवाल ने शुरू किया हस्ताक्षर अभियान, चंदे का मांगा हिसाब
नई दिल्ली। केजरीवाल ने अयोध्या के राम मंदिर में हुई कथित चंदा चोरी के मामले को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि इस चोरी के मामले में शामिल बड़े लोगों को सजा देने के बजाय उन्हें बचाने की कोशिश की जा रही है। इस मुद्दे को लेकर अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के रोहिणी स्थित जापानी पार्क से आम आदमी पार्टी के एक बड़े देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की। इस कार्यक्रम की शुरुआत सुंदरकांड के पाठ से की गई। इस मौके पर अरविंद केजरीवाल के साथ उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल और पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया भी मौजूद रहे। उन्होंने दावा किया, जमीन घोटाले और मंदिर निर्माण के काम में जो कमीशनखोरी हुई है, उसकी कोई जांच नहीं की जा रही है। चंदा चोरी की जो छोटी-मोटी जांच हुई, उसके लिए एक नकली एसआईटी बनाई गई और एक नकली एफआईआर दर्ज की गई। देश के लोगों को अब यह भरोसा नहीं रहा कि प्रधानमंत्री इस मामले में कोई कड़ी कार्रवाई करेंगे। केजरीवाल ने अपने संबोधन में एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि परिसर के भीतर 40 दिनों के अंदर चोरी की 7० घटनाएं सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस सच को छुपाने के लिए वहां की आठ महीने पुरानी सीसीटीवी रिकॉर्डिंग को भी कथित रूप से डिलीट कर दिया गया है। जनसभा को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने प्रधानमंत्री पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, देश के लोगों को यह उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री किसी भी चोर को नहीं बख्शेंगे और उन्हें सख्त से सख्त सजा दिलाएंगे। लेकिन पिछले कुछ दिनों में जो कुछ भी हुआ है, उससे ऐसा साफ लग रहा है कि चोरों और डकैतों को बचाने की कोशिशें की जा रही हैं। केजरीवाल ने आगे आरोप लगाया कि अयोध्या में जमीन के कथित घोटाले या मंदिर निर्माण के काम में हुए कमीशन के खेल की कोई असली जांच नहीं की गई। उन्होंने सरकार द्वारा की जा रही कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस मामले में बनाई गई एसआईटी और दर्ज की गई एफआईआर महज एक दिखावा है, ताकि असली जिम्मेदार लोगों को बचाया जा सके।



