APK फाइल से मोबाइल हैक कर उड़ाते थे बैंक बैलेंस, बांदा पुलिस ने 9 साइबर ठगों को दबोचा

बांदा पुलिस ने APK फाइल से मोबाइल हैक कर फर्जी बैंक खातों के जरिए साइबर ठगी करने वाले 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने नकदी, लैपटॉप, एटीएम कार्ड समेत कई सामान बरामद कर जांच तेज कर दी है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: आज के डिजिटल दौर में साइबर अपराधियों के तरीके लगातार बदल रहे हैं। अब ठग सिर्फ फर्जी कॉल या मैसेज तक सीमित नहीं हैं, बल्कि APK फाइल के जरिए मोबाइल फोन हैक कर लोगों के बैंक खातों तक पहुंच बना रहे हैं। उत्तर प्रदेश के बांदा में पुलिस ने ऐसे ही एक संगठित साइबर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरोह फर्जी बैंक खातों और सिम कार्ड के जरिए साइबर ठगी की रकम को इधर-उधर करता था।

संदिग्ध बैंक खाते से खुली पूरे नेटवर्क की परतें

पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में साइबर क्राइम थाना, एसओजी और कोतवाली नगर पुलिस की संयुक्त टीम को एक संदिग्ध बैंक खाते में साइबर ठगी की रकम आने की सूचना मिली थी। जांच के दौरान पुलिस ने प्रेम प्रकाश को हिरासत में लिया। उसकी निशानदेही पर बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के नीचे खड़ी बोलेरो से आठ अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

APK फाइल और फर्जी दस्तावेजों से रचते थे साइबर ठगी का जाल

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे लोगों को झांसा देकर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज हासिल करते थे। इन दस्तावेजों के आधार पर फर्जी कंपनियों के नाम से बैंक खाते और सिम कार्ड खुलवाए जाते थे। इसके बाद APK फाइल और अन्य तकनीकी माध्यमों से मोबाइल फोन हैक कर साइबर ठगी की रकम इन्हीं खातों में ट्रांसफर की जाती थी। शिकायत मिलने की आशंका होने पर आरोपी मोबाइल फोन और सिम कार्ड नष्ट कर सबूत मिटाने की कोशिश करते थे।

नकदी, लैपटॉप, एटीएम कार्ड समेत कई सामान बरामद

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 52,475 रुपये नकद, एक बोलेरो, एक लैपटॉप, छह एटीएम कार्ड, चेकबुक, पैन कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। बरामद डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है, ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और देश के दूसरे राज्यों से जुड़े साइबर अपराधों की भी जानकारी मिल सके।

एसपी ने टीम को दिया 20 हजार रुपये का पुरस्कार

पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ बीएनएस और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे भी जारी रहेगी और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जाएगी। इस सफल कार्रवाई पर पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने संयुक्त पुलिस टीम को 20 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया।

रिपोर्ट: इकबाल खान, बांदा

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