फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनी का करोड़ों का खेल! गोरखपुर पुलिस ने किया बड़ा खुलासा

गोरखपुर के सहजनवां में फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनी बनाकर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ। पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया, जबकि मुख्य आरोपी समेत अन्य की तलाश जारी है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क : उत्तर प्रदेश में साइबर ठगी के मामलों के बीच गोरखपुर पुलिस ने एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। आरोप है कि फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनी बनाकर लोगों को झांसे में लिया गया और करोड़ों रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया गया। सहजनवां पुलिस ने इस मामले में एक महिला को गिरफ्तार किया है, जबकि उसका पति और अन्य आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

‘ऑपरेशन साइबर वज्र’ के दौरान खुला बड़ा फर्जीवाड़ा

पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन साइबर वज्र’ के तहत म्यूल बैंक खातों की जांच के दौरान इस नेटवर्क का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि श्याम कुमार प्रजापति, उसकी पत्नी मनीषा और अन्य लोगों ने फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनी बनाकर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की। ठगी की रकम अलग-अलग बैंक खातों और अन्य माध्यमों से निकाली जाती थी।

चार राज्यों में मुकदमे, NCRP पर 21 शिकायतें

जांच में यह भी पता चला कि कंपनी के बैंक खाते के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर 21 शिकायतें दर्ज हैं। इसके अलावा चार राज्यों में कंपनी और आरोपितों के खिलाफ अलग-अलग मुकदमे भी दर्ज पाए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर सहजनवां थाने में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की गई।

महिला गिरफ्तार, लैपटॉप और मोबाइल बरामद

थानाध्यक्ष संजय कुमार मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ग्राम पाली निवासी मनीषा को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसके कब्जे से एक लैपटॉप और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, मनीषा के खिलाफ सहजनवां, कैंट और अन्य थानों में पहले से भी धोखाधड़ी और अमानत में खयानत समेत कई मुकदमे दर्ज हैं। मुख्य आरोपी श्याम कुमार प्रजापति की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

रिपोर्ट – अमरेंद्र पांडेय, गोरखपुर

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