पहली ही बारिश में डूबा गोरखपुर! करोड़ों की जलनिकासी परियोजनाओं पर उठे सवाल, सड़कों पर घंटों भरा रहा पानी

गोरखपुर में पहली तेज बारिश के बाद रेती चौक, धर्मशाला बाजार और सुमेर सागर समेत कई इलाकों में जलभराव हो गया। करोड़ों की जलनिकासी परियोजनाओं और नालों की सफाई के दावों पर सवाल उठने लगे हैं।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर में मानसून की पहली तेज बारिश ने नगर निगम की तैयारियों और जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। करोड़ों रुपये की लागत से नालों के निर्माण और मानसून से पहले सिल्ट सफाई के दावों के बावजूद शहर के कई प्रमुख इलाके जलमग्न हो गए। लोगों को घंटों जलभराव, जाम और आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

पहली बारिश में ही फेल दिखी जलनिकासी व्यवस्था

बारिश के बाद रेती चौक, धर्मशाला बाजार, सुमेर सागर समेत कई प्रमुख मार्गों पर घुटनों तक पानी भर गया। कई जगह सड़कें तालाब जैसी नजर आईं। दोपहिया और चारपहिया वाहन पानी में फंस गए, जबकि कुछ इलाकों में पानी घरों और दुकानों तक पहुंच गया। इससे स्थानीय लोगों की दिनचर्या और यातायात दोनों प्रभावित हुए।

करोड़ों खर्च, फिर भी नहीं मिली राहत

नगर निगम ने मानसून से पहले नालों की सिल्ट सफाई और जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने का दावा किया था। इसके अलावा करोड़ों रुपये की लागत से नए नालों का निर्माण भी कराया गया। लेकिन पहली ही तेज बारिश में जलभराव ने इन दावों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हालात में अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं देता।

निरीक्षण के बाद भी कायम है समस्या

हाल ही में मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने शहर के जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया था। इसके बाद उन्होंने अपर नगर आयुक्त को जलनिकासी व्यवस्था सुधारने के निर्देश भी दिए। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि जलभराव के कारणों की निष्पक्ष समीक्षा कर स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाते हैं या नहीं।

रिपोर्ट – अमरेंद्र पांडेय, गोरखपुर

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