सोनम वांगचुक के समर्थन में AAP का मौन प्रदर्शन, छात्रों के भविष्य को लेकर सरकार से की बड़ी मांग

सोनम वांगचुक के समर्थन में और देश के युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए आम आदमी पार्टी गुजरात की टीम ने मौन विरोध प्रदर्शन किया...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः सोनम वांगचुक के समर्थन में और देश के युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे कथित अन्याय के विरोध में आम आदमी पार्टी गुजरात की पूरी टीम ने मौन विरोध प्रदर्शन किया.. इस प्रदर्शन में पार्टी की राज्य उपाध्यक्ष डॉ. कायनात अंसारी सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता.. और समर्थक शामिल हुए.. सभी ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखते हुए सरकार से अपील की कि वह छात्रों… और उनके माता-पिता की पीड़ा को समझे तथा शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर मुद्दों पर संवेदनशीलता के साथ ठोस कदम उठाए..

प्रदर्शन के दौरान उपस्थित नेताओं ने कहा कि देश का भविष्य उसके युवा हैं.. और यदि युवाओं की आवाज़ को अनसुना किया जाएगा.. तो इसका प्रभाव केवल वर्तमान पर ही नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों पर भी पड़ेगा.. उनका कहना था कि आज लाखों छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंता में हैं.. वे बेहतर शिक्षा, पारदर्शी परीक्षाओं और निष्पक्ष अवसरों की उम्मीद करते हैं.. लेकिन लगातार सामने आ रही अनियमितताओं.. और विवादों ने उनके विश्वास को कमजोर किया है..

डॉ. कायनात अंसारी ने कहा कि यह केवल किसी एक व्यक्ति के समर्थन का मामला नहीं है.. बल्कि उन लाखों छात्रों की आवाज है.. जो अपने अधिकारों और बेहतर भविष्य की उम्मीद लेकर संघर्ष कर रहे हैं.. और उन्होंने कहा कि जब युवा अपने भविष्य को लेकर सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो जाएं.. तब सरकार की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है.. सरकार को चाहिए कि वह छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुने और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करे..

और उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति होती है.. यदि युवाओं का विश्वास व्यवस्था से उठने लगे.. तो यह पूरे देश के लिए चिंता का विषय है.. इसलिए सरकार को टकराव की राजनीति छोड़कर संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए.. छात्रों और अभिभावकों की चिंताओं को केवल आश्वासन देकर नहीं.. बल्कि ठोस निर्णय लेकर दूर किया जाना चाहिए.. मौन प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर शांतिपूर्वक अपना विरोध दर्ज कराया.. उनका कहना था कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है.. बल्कि यह देश के भविष्य का आधार है.. यदि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही नहीं होगी.. तो सबसे अधिक नुकसान उन छात्रों का होगा.. जो वर्षों की मेहनत के बाद अपने सपनों को पूरा करने का प्रयास करते हैं..

पार्टी नेताओं ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है.. यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही, भ्रष्टाचार या अनियमितता होती है.. तो उसका सीधा असर छात्रों के मनोबल पर पड़ता है.. यही कारण है कि आज देशभर में छात्र और उनके परिवार शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठा रहे हैं.. डॉ. कायनात अंसारी ने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों की शिक्षा के लिए वर्षों तक कठिन परिश्रम करते हैं.. वे अपनी आय का बड़ा हिस्सा बच्चों की पढ़ाई पर खर्च करते हैं.. और बेहतर भविष्य का सपना देखते हैं.. ऐसे में यदि परीक्षा प्रक्रिया या शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते हैं.. तो केवल छात्र ही नहीं बल्कि पूरा परिवार मानसिक तनाव और निराशा का सामना करता है.. सरकार को इस पीड़ा को समझना चाहिए..

 

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