राहुल गांधी का पीएम मोदी पर बड़ा हमला, ‘इतिहास के सबसे युवा विरोधी प्रधानमंत्री’
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला... राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को लेकर...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः कॉकरोच जनता पार्टी का सोमवार को संसद तक मार्च निकाला गया.. जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई.. बड़ी संख्या में युवा और छात्र संसद की ओर मार्च कर रहे थे.. इस दौरान कई स्थानों पर पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की.. प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया.. और कुछ जगहों पर लाठीचार्ज की भी खबरें सामने आईं.. इस घटनाक्रम को लेकर अब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है.. राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को भारत के इतिहास का सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री बताया.. और सरकार पर युवाओं की आवाज दबाने का आरोप लगाया..
आपको बता दें कि राहुल गांधी ने इस पूरे मामले पर एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं.. उन्होंने कहा कि दिल्ली की सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे लड़के और लड़कियां अपराधी नहीं हैं.. बल्कि अपने भविष्य और अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे छात्र हैं.. राहुल गांधी ने कहा कि ये छात्र पूरी तरह जायज़ मांग उठा रहे हैं.. उनकी मांग है कि देश में ऐसी शिक्षा व्यवस्था हो.. जो विद्यार्थियों का सम्मान करे.. पूरी तरह पारदर्शी हो और जिसमें मेहनत करने वाले छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ न हो..
और उन्होंने कहा कि छात्रों की मांग में कुछ भी गलत नहीं है.. गलत वह तरीका है, जिससे सरकार और पुलिस इस आंदोलन से निपट रही है.. राहुल गांधी के मुताबिक, छात्रों पर आंसू गैस के गोले छोड़ना, उन्हें लाठियों से पीटना.. और हिरासत में लेना भारत की लोकतांत्रिक परंपरा के अनुरूप नहीं है.. लोकतंत्र में सवाल पूछना और अपनी बात रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है.. यदि छात्र अपनी शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं.. तो सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए.. न कि उन्हें बलपूर्वक दबाने की कोशिश करनी चाहिए..
राहुल गांधी ने यह वीडियो अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी साझा किया.. इसके साथ उन्होंने एक विस्तृत पोस्ट लिखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी.. और केंद्र सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए.. और उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं.. वे इतने युवा-विरोधी हैं कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तक नहीं ले सकते..
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में दावा किया कि देश में अब तक 152 पेपर लीक हो चुके हैं.. जिनकी वजह से लगभग 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित हुए हैं.. उन्होंने आरोप लगाया कि इतने बड़े पैमाने पर पेपर लीक होने के बावजूद अब तक किसी भी दोषी को सख्त सजा नहीं मिली है.. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सजा किसे मिली.. उनके मुताबिक, सजा उन मेहनती युवाओं को मिली.. जिन्होंने दिन-रात मेहनत करके परीक्षाओं की तैयारी की थी.. और अपने भविष्य के सपने देखे थे..
राहुल गांधी ने कहा कि जब इन छात्रों ने अपनी शिक्षा व्यवस्था को लेकर जायज सवाल उठाए और जवाब मांगा.. तो सरकार ने संवाद करने के बजाय उनके खिलाफ बल प्रयोग का रास्ता चुना.. और उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक करने वाले लोग आज भी खुलेआम घूम रहे हैं.. जबकि अपने अधिकारों की मांग करने वाले छात्रों को घसीटा जा रहा है.. पीटा जा रहा है और हिरासत में लिया जा रहा है.. और उन्होंने कहा कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है.. और लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं है..
आपको बता दें कि उन्होंने आगे कहा कि यह सरकार सिर्फ युवाओं को नाकाम नहीं कर रही है.. बल्कि उनकी आवाज़ को भी कुचलने की कोशिश कर रही है.. राहुल गांधी का आरोप है कि सरकार छात्रों के सवालों का जवाब देने के बजाय उन्हें डराने.. और दबाने का प्रयास कर रही है.. उनका कहना था कि देश का भविष्य युवा हैं.. और यदि युवाओं का विश्वास शिक्षा व्यवस्था तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं से उठ जाएगा.. तो इसका असर पूरे देश पर पड़ेगा..
राहुल गांधी ने कहा कि एक मजबूत देश वही होता है.. जहां युवाओं की मेहनत का सम्मान किया जाए.. और उन्हें निष्पक्ष अवसर दिए जाएं.. यदि बार-बार पेपर लीक होते रहेंगे, परीक्षाएं रद्द होती रहेंगी.. और मेहनती छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा.. तो इससे करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित होगा.. उन्होंने कहा कि सरकार को शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए.. पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए.. और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए..



