चूर हुआ मोदी का गुरूर, धर्मेंद्र प्रधान को देना पड़ा इस्तीफा
शिक्षा मंत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सीजेपी और विपक्ष के भारी दबाव के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। क्योंकि पिछले लगभग 1 महीने के धरने के बाद पुलिस की लाठियों के बाद, तरह-तरह के आरोपों के बाद आख़िरकार छात्रों को यह जीत हासिल हुई है।
शिक्षा मंत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सीजेपी और विपक्ष के भारी दबाव के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने यह जानकारी खुद अपने एक्स अकाउंट पर साझा करते हुए दी।
इस संबंध में उन्होंने कहा कि मैंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है. मैंने पहले दिन से ही इसकी जिम्मेदारी ली है और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा. पिछले 10 दिन का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुखी है. यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है. प्रधान ने कहा कि जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, उसका राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ ना उठाएं, देश की एकता बनी रहे.
इसके अलावा उन्होंने नोट पोस्ट किया, जिसमें लिखा कि मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं. मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है. मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं.
भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है. आदरणीय प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ उसके लिए मैं प्रधानमंत्री जी का आभार प्रकट करता हूं.
इस मामले पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके का पहला बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि हमारी जीत हुई है. सीजेपी ने भी इसको लेकर पोस्ट शेयर की है। अभिजीत दीपके ने कहा, ‘धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है. क्या कह रहे थे ये, इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते. हम कहते हैं, झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए. प्रधान का इस्तीफा इस बात का सबूत है कि अगर आप डरते नहीं हैं, तो जीत सकते हैं.’ केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद दीपके ने जंतर-मंतर पर जमकर जश्न मनाया.
छात्रों की भीड़ ने जमकर नारेबाजी की. दीपके ने कहा, मैं कुछ बहुत जरूरी बात कहना चाहता हूं. मुझे हीरो मत बनाओ क्योंकि धर्मेंद्र प्रधान ने आज इस्तीफा दे दिया. यह गलती मत करो. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की वजह से मुझे हीरो मत बनाओ. एक आदमी को हीरो बनाने की वजह से देश बर्बाद हो गया है.’
वहीँ इस इस्तीफे पर विपक्षी नेताओं की भी प्रतिक्रिया सामने आ रही है। इसी कड़ी में इस्तीफे पर कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार की प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने नई मांग कर दी है. उनकी मांग है कि धर्मेंद्र प्रधान तो गए अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बारी है.
कन्हैया कुमार ने एक्स पर लिखा है, “अभी तो ली अंगड़ाई है, आगे और लड़ाई है. धर्मेंद्र गए, अब नरेंद्र की बारी है.” अपने पोस्ट में कन्हैया कुमार ने आगे लिखा है, “यह जवाबदेही” की शुरुआत है… जारी रहेगा…” धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से पहले भी कन्हैया कुमार ने आज एक पोस्ट किया था.
पीएम मोदी पर तंज कसते हुए इस पोस्ट में उन्होंने लिखा था, “मित्रों, न न friends… आपकी उम्र से डबल एक्सपीरियंस इस रंगा-बिल्ला को झूठ बोलने, अफवाह फैलाने, भड़काने और दंगा कराने का है. ये अब गुड कॉप-बेड कॉप खेल रहे. एक फ्रंट कैमरा से फ्रेंडली हो रहा और दूसरा बैक डोर से स्टूडेंट्स को पिटवा रहा, गिरफ्तार कर रहा, धमकियां दिलवा रहा.”
इस्तीफे का बाद आप नेता संजय सिंह ने भी तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की। उन्होंने लिखा युवा शक्ति जिंदाबाद, छात्र शक्ति जिंदाबाद। जिस और जवानी चलती है, उस ओर जमाना चलता हैं।
वहीं दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल की प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने सरकार के इस फैसले पर खुशी जताते हुए जेन-ज़ी और प्रदर्शनकारी छात्रों को बधाई दी है अरविंद केजरीवाल ने वीडियो जारी कर कहा, “आप सबको बहुत-बहुत-बहुत बधाई. युवाओं और जेन-ज़ी को बहुत बधाई. आप लोगों का संघर्ष रंग लाया.
धर्मेंद्र प्रधान को आखिरकार इस्तीफा देना पड़ा. यह लोकतंत्र की बहुत बड़ी जीत है. देश में लोगों का जनतंत्र से भरोसा ही उठ गया था. साथ ही उन्होंने सरकार को चेतावनी देने के लहजे में आगे कहा, “यह बहुत बड़ी जीत है, जनतंत्र और लोकतंत्र की जीत है. सरकार को भी अब समझ लेना चाहिए कि आपको जनता की सुननी पड़ेगी. लोकतंत्र जनता का है, जनता के लिए है, जनता से है.
लेकिन इन सभी प्रतिक्रियाओं के बीच एक ऐसा भी बयान सामने आया है जिससे सियासी हलचल तेज हो गई है। दरअसल केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद उद्धव ठाकरे गुट के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने बड़ा दावा कर दिया है. उन्होंने कहा कि देवेंद्र फडणवीस को दिल्ली बुलाया गया है, उन्हें शिक्षा मंत्री बनाया जा सकता है.



