चढ़ावा चोरी पर अखिलेश-डिंपल ने भाजपा सरकार को घेरा, जमकर सुनाई खरी खोटी

सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भाजपा पर बोला है। उन्होंने चढ़ावा चोरी के लिए भाजपा और उसके संगी साथियों को ज़िम्मेदार बताया और कहा कि राम मंदिर में जिस तरह से लोकधन की लूट हुई उस मुद्दे को लोक संसद तक पहुंचाना और उठाना हम सबका धर्म कर्तव्य है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: भाजपा राज में किस कदर लूट बाजारी मची हुई है ये आप भली-भांति देख ही रहे हैं। कभी वोटों की चोरी तो कभी जनता के हक़ का पैसा ही गायब कर देते हैं।

लेकिन इन सब कारनामों से ज्यादा है भाजपा राज में ही हुई राम मंदिर में चंदे की चोरी। मंदिर में हुई चोरी की घटना सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। लेकिन मजाल है की भाजपा नेता इसपर टिप्पणी करें। उन्हें हिन्दू मुसलमान से फुर्सत ही नहीं है। अब भाजपा नेता भले ही न बोल रहे हों लेकिन विपक्ष इस मामले को लेकर भाजपा पर हमालवर है।

इसी बीच सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भाजपा पर बोला है। उन्होंने चढ़ावा चोरी के लिए भाजपा और उसके संगी साथियों को ज़िम्मेदार बताया और कहा कि राम मंदिर में जिस तरह से लोकधन की लूट हुई उस मुद्दे को लोक संसद तक पहुंचाना और उठाना हम सबका धर्म कर्तव्य है.

उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर कहा- ‘भाजपा और उनके संगी-साथी ‘आस्था के साथ विश्वासघात के महापाप और अपराध’ के दोषी हैं!

देश की आस्थावान जनता का मानना है कि भाजपा और उनके संगी-साथियों ने ‘श्रद्धा में सेंधमारी’ करते हुए जिस तरह:
– ⁠‘दान-पात्र’ से चढ़ावा-चंदा चोरी की है
– ⁠गुप्त दान में महा-घपले किये हैं
– ⁠दान की रसीद दी ही नहीं है या दान के बदले नकली रसीद छपवाकर दी है
– ⁠अपने लोगों को कौड़ियों के दाम में अयोध्या की ज़मीनें ख़रीदवाकर, फिर उसे बीसों गुना दाम में करोड़ों में मंदिर को बेचकर ट्रस्ट के ‘धर्म-खाते’ को लूटा है
– ⁠ज़मीन के सौदे के अशुभ लाभ को आपस में बाँटा है
– ⁠ईमानदार लोगों द्वारा आपत्ति किये जाने पर उन्हें हटाया है
– ⁠हर जगह अपने भ्रष्ट लोग सेट किये हैं
– ⁠चोरी की राशि की बरामदगी को दर्ज़ नहीं कराया है
– ⁠जाँच में कुछ भी ‘उल्लेखनीय’ नहीं है, ये कहकर गुमराह किया है
– ⁠सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग और अन्य सबूत मिटाए हैं
– ⁠जिनकी ख़ुद की जाँच चल रही है, उनसे जाँच करवाई है
– ⁠बिना किसी की ज़िम्मेदारी तय किये, ट्रस्ट के उच्चस्थ पदाधिकारियों को क्लीन चिट दे दी गई है
– ⁠मंदिर का धन और बहुमूल्य धातुओं को बोरों में भरकर कहीं और पहुँचाया है…

ये अक्षम्य ‘महापाप’ है. इसीलिए ‘लोकधन की लूट’ का मुद्दा लोक-संसद तक पहुंचाना और उठाना, हम सब का धर्म सम्मत कर्तव्य है. जो भाजपा का साथी, वो रामघाती-महापापी.’

वहीं इससे पहले बीते रोज भी समाजवादी पार्टी ने चढ़ावा चोरी को लेकर संसद परिसर में अनोखा विरोध प्रदर्शन किया था. सपा मुखिया दान पेटी लकेर पहुंच गए और राम मंदिर के चढ़ावा मांगा. जिसमें सांसदों ने अपनी सुविधा के हिसाब से पैसे भी दिए. सपा सांसदों ने इस दौरान चढ़ावा चोर, कुर्सी छोड़ के भी नारे लगाए.

संसद के मॉनसून सत्र के दौरान उस समय अलग नजारा देखने को मिला, जब समाजवादी पार्टी के सांसद राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी के मुद्दे को लेकर प्रदर्शन करने पहुंचे. इस दौरान मैनपुरी सांसद डिंपल यादव हाथ में ‘दान पेटी’ लेकर संसद परिसर पहुंचीं. उन्होंने मीडिया कर्मियों की ओर दान पेटी बढ़ाते हुए चंदा देने की बात कही. वहीं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधा.

संसद के मकर द्वार पर समाजवादी पार्टी के सांसदों ने राम जन्मभूमि मंदिर के दान पात्र से चढ़ावे की चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मुद्दे पर प्रदर्शन किया. सांसदों ने ‘चढ़ावा चोर गद्दी छोड़’ और ‘चंदा चोर गद्दी छोड़’ जैसे नारे लगाए. प्रदर्शन की अगुवाई सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव कर रहे थे. इस प्रदर्शन के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा सांसद डिंपल यादव की रही. वह अपने हाथ में ‘दान पेटी’ लेकर संसद पहुंचीं. दान पेटी पर बड़े अक्षरों में ‘दान पेटी’ लिखा था.

डिंपल यादव ने मीडिया कर्मियों की ओर दान पेटी बढ़ाते हुए कहा, “आप लोग भी पहले दान दीजिए, चंदा दीजिए.” इसके बाद यह नजारा चर्चा का विषय बन गया. प्रदर्शन के दौरान डिंपल यादव ने कहा कि वर्षों से लोग श्रद्धा और आस्था के साथ भगवान राम के चरणों में चढ़ावा और दान अर्पित करते रहे हैं. उनका आरोप था कि भारतीय जनता पार्टी और उससे जुड़े लोगों ने इस चंदे को हजम करने का काम किया है.

वहीं इससे पहले समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव भी इस मामले को लेकर भाजपा पर हमला बोल चुके हैं। उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है और दावा किया कि ये चोरी तो लालकृष्ण आडवाणी जब रथ लेकर निकले थे तब से हो रही है.
सपा सांसद ने कहा कि राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले की घटना से दुनियाभर में भगवान राम को मानने वालों की आस्था को चोट पहुंची है. सपा सांसद ने कहा कि यहां तो 1990 से ही चोरी हो रही है. तब से ही किसी पैसे और धन का कोई हिसाब नहीं है.

सपा राज्यसभा सांसद ने कहा कि “राम मंदिर का चंदा चोरी मामला है वो देश-दुनिया में भगवान श्री राम को मानने वाले करोड़ों हिन्दू लोगों की आस्था से जुड़ा प्रश्न है. लोगों को बहुत कष्ट हुआ हैं और ये सरकार ख़ासतौर से यूपी सरकार की लापरवाही, अनदेखी से हुआ. ये लोग भगवान राम के नाम से वोट तो मांगते हैं लेकिन मंदिर के चढ़ावे की, धन की, चंदे की कोई उन्होंने परवाह नहीं की.” गौरतलब है कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर भाजपा सरकार पूरी तरह से घिरती हुई नजर आ रही है।

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